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Karnal News: ब्रेन हेमरेज से हुई थी बीएचयू के असिस्टेंट प्रोफेसर की मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 May 2023 02:37 AM IST
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BHU assistant professor died of brain hemorrhage
वाराणसी। बीएचयू के विज्ञान संस्थान में भू-भौतिकी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोहतास (40) की मौत ब्रेन हेमरेज की वजह से हुई थी। करनाल के रहने वाले डा. रोहतास की हाई ब्लड प्रेशर के कारण उनके मस्तिष्क की नसें फट गईं थीं। इसकी पुष्टि शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने की है। पोस्टमार्टम के बाद डॉ. रोहतास का शव लेकर उनके परिजन सड़क मार्ग से करनाल के लिए रवाना हो गए।
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युवा भूकंप वैज्ञानिक डॉ. रोहतास बीएचयू परिसर में टीचर्स फ्लैट के आवास संख्या-80 में अकेले ही रहते थे। बृहस्पतिवार की दोपहर डॉ. रोहतास को उनके दोस्तों ने फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद दोस्त आवास पहुंचे। देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी नहीं खुला तो उन्होंने प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सूचना दी। सुरक्षाकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा तो डॉ. रोहतास बेड पर अचेत पड़े थे। आनन-फानन उन्हें बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लंका थाने की पुलिस की सूचना पर शुक्रवार को उनके परिजन आए तो शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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शव देखकर बेसुध हुई पत्नी और छोटा भाई



डॉ. रोहतास की मौत की सूचना पाकर उनकी पत्नी मीनू और छोटा भाई शिशपाल परिजनों के साथ शुक्रवार की दोपहर बीएचयू के पोस्टमार्टम पहुंचे। डॉ. रोहतास का शव देखकर उनकी पत्नी मीनू बेसुध हो गईं। परिजन बड़ी मुश्किल से मीनू को संभाले हुए थे। मीनू बार-बार यही कह रही थी कि अभी तो हमारी गृहस्थी की शुरुआत हुई थी। यह क्या अनर्थ हो गया? परिजनों ने बताया कि डॉ. रोहतास और मीनू की शादी लगभग ढाई साल पहले हुई थी और दोनों नि:संतान थे।
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डटे रहे छात्र-छात्राएं, सबकी आंखें थीं नम

डॉ. रोहतास की मौत से विज्ञान संस्थान के छात्र-छात्राएं और सहकर्मी अध्यापक दुखी हैं। शुक्रवार की सुबह 10 बजे से ही छात्र-छात्राएं बीएचयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद थे। सभी की आंखें नम थीं। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि उनके सर अब दुनिया में नहीं हैं। डॉ. रोहतास के सहकर्मी भी उनके असामयिक निधन से स्तब्ध थे।



ब्यूरो
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