फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Ban on construction works, notice to 200 hotels-dhabas, restaurants

निर्माण कार्यों पर रोक, 200 होटलों-ढाबों, रेस्टोरेंट को नोटिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Oct 2022 02:30 AM IST
विज्ञापन
Ban on construction works, notice to 200 hotels-dhabas, restaurants
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। दिल्ली का एक्यूआई 300 के पार होने के बाद लागू हुई ग्रैप की तीसरी स्टेज में करनाल में भी भवन आदि लगभग सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लग गया है। जिससे शहर में चल रहे कई भवन निर्माण ठहर सकते हैं। साथ ही निजी तौर पर हॉटमिक्स प्लांट को भी बंद कर दिया गया है, जिससे सड़कों का निर्माण कार्य भी रुक जाएगा। सभी उद्योगों को भी एयर पोल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (एपीसीडी) की दो डिवाइस लगवाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सभी होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, डीटीपी, बिजली बोर्ड, अग्निशमन विभाग और हरियाणा सोलर एनर्जी ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (हरेडा) से एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी को गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए करीब 200 होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किया गया है।
एनजीटी के कमीशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट द्वारा प्लॉन के तीसरे क्रम के प्रतिबंधों को लागू कर दिया गया है। खास बात ये है कि करनाल जिले का एक्यूआई रविवार को भी 157 रहा लेकिन करनाल जिला एनसीआर में शामिल है, इसलिए दिल्ली का प्रदूषण बढ़ने का सीधा प्रभाव यहां भी पड़ रहा है। जहां तक पराली प्रबंधन की बात है तो पिछले साल के मुकाबले जिले में पराली जलाने के काफी कम मामले प्रकाश में आए हैं, लेकिन पिछले 11 दिनों की सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में कई स्थानों पर लगे कूड़े के बड़े बड़े ढेरों को कुछ लोगों ने आग के हवाले कर दिया। जिसने भी प्रदूषण स्तर को काफी हद तक बढ़ाया है। आलम ये है कि मौसम में नमी बढ़ने के कारण कूड़ा जलने से उठने वाला धुआं भी तेजी के साथ ऊपर नहीं उठ रहा है। उसकी एक निचली परत स्पष्ट दिखाई दे रही है।
विज्ञापन

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करनाल के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि ग्रैप की तीसरी स्टेज को करनाल में भी लागू कर दिया गया है। जिसके तहत सभी भवन, सड़क आदि सभी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी गई है। सभी विभागों को निर्देशित किया है कि वह संबंधित क्षेत्र में सड़कों पर छिड़काव की व्यवस्था करें। सभी को डस्ट कंट्रोल सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। शहर में इन दिनों कई स्थानों पर भवन निर्माण कार्य चल रहे हैं, इन सभी का कार्य रोकना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

हॉट मिक्स प्लांट पर भी लगा प्रतिबंध
जहां भी सड़क निर्माण किया जाता है वहां कोलतार व बजरी को गर्म करने के लिए हॉटमिक्स प्लांट तो चलाया ही जाता है, लेकिन ग्रैप के नियमों के तहत हॉटमिक्स प्लांट को फिलहाल चलाने की अनुमति नहीं है। जो सड़कें किसी राजकीय कार्य के तहत बनाई जा रही हैं, सिर्फ उन्हें ही विशेष अनुमति दी जाएगी।
अनअप्रूव्ड ईंधन से नहीं चलेंगे उद्योग
जिले में करीब 470 ऐसे उद्योग हैं, जिनमें किसी न किसी तरह फ्यूल का इस्तेमाल होता है। इसमें कुछ उद्योग कोयला, फर्नेस ऑयल, हाई सल्फर डीजल से भी संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि करनाल शहर में पीएनजी की पाइप लाइन पहुंच गई है, अधिकांश उद्योगों में इसके कनेक्शन भी दे दिए गए हैं लेकिन मुगल माजरा में दर्जनों औद्योगिक इकाइयां हैं, लेकिन वहां पीएनजी की लाइन अभी तक नहीं पहुंच सकी है। यहां पर एक बड़ी फैक्टरी तो बायोगैस से चलती है लेकिन अन्य की स्थिति को आसानी से समझा जा सकता है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने दावा किया है कि जिले में सभी 470 उद्योगों में अप्रूव्ड फ्यूल से संचालन की व्यवस्था कर ली गई है।
चार का किया निरीक्षण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि जिले में जितने भी होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट हैं, सभी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, डीटीपी, बिजली बोर्ड, हरेडा, अग्निशमन आदि विभागों से एनओसी लेनी होगी। सभी को गंदे पानी की निकासी का सिस्टम लगाना होगा, सीवरेज से जुड़ना होगा। जहां सीवरेज नहीं है, वहीं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना होगा। कचरा प्लास्टिक का प्रबंध करना चाहिए। 200 होटल ढाबों, रेस्टोरेंट को नोटिस जारी कर दिया गया है। चार का निरीक्षण भी किया गया है।

- शैलेंद्र अरोड़ा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करनाल
प्रोडक्ट हो गए महंगे
करनाल में प्रदूषण की स्थिति इतनी खराब नहीं है, इसके बावजूद दिल्ली के कारण यहां के उद्योगों को भी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। जिले में कई स्थान ऐसे भी हैं, जहां अभी तक पीएनजी नहीं पहुंची है। हालांकि उन्हें 31 दिसंबर तक कुछ रियायत दी गई है। कोयला, हाई सल्फर डीजल आदि पर तो रोक है ही। इसके प्रभाव से प्रोडक्ट काफी महंगे हो रहे हैं।
- भावुक मेहता, महासचिव करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed