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Karnal News: बलाना के प्रिंस ने खो-खो में चमकाया नाम
Mon, 13 Oct 2025 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 13 Oct 2025 02:11 AM IST
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प्रिंस। स्वयं
- फोटो : अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले के बलाना गांव निवासी 14 वर्षीय प्रिंस ने खो-खो में पहचान बनाई है। कम उम्र में ही उन्होंने जिले और राज्य स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कर नाम रोशन किया है। प्रिंस एक निजी स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वे खो-खो में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रिंस ने अब तक जिला स्तर पर एक स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए हैं। वहीं, राज्य स्तर की प्रतियोगिता में एक रजत पदक जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि गांव के बच्चों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। हाल में जिले में आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ खो-खो प्रतियोगिता में भी उन्होंने भाग लिया। हालांकि इस बार उन्हें पदक नहीं मिल सका।
प्रिंस की पारिवारिक स्थिति और प्रेरणादायक बनाती है। दो महीने पहले एक सड़क हादसे में प्रिंस के पिता कुलदीप का निधन हो गया था। परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां ममता देवी गृहिणी हैं और घर की जिम्मेदारी अकेले संभाल रही हैं। इन हालात में भी प्रिंस ने खेल जारी रखा। प्रिंस के कोच गुलशन कुमार ने बताया कि प्रिंस अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं। वे रोजाना अभ्यास में समय पर पहुंचते हैं।
पिता का सपना पूरा करने का सपना
प्रिंस ने बताया कि वह आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर खेलें और भारतीय टीम का हिस्सा बनें। इसके लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पापा का सपना था कि देश के लिए खेलूं। मैं उस सपने को पूरा करने की कोशिश कर रहा हूं।
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पानीपत। जिले के बलाना गांव निवासी 14 वर्षीय प्रिंस ने खो-खो में पहचान बनाई है। कम उम्र में ही उन्होंने जिले और राज्य स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कर नाम रोशन किया है। प्रिंस एक निजी स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वे खो-खो में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रिंस ने अब तक जिला स्तर पर एक स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए हैं। वहीं, राज्य स्तर की प्रतियोगिता में एक रजत पदक जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि गांव के बच्चों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। हाल में जिले में आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ खो-खो प्रतियोगिता में भी उन्होंने भाग लिया। हालांकि इस बार उन्हें पदक नहीं मिल सका।
प्रिंस की पारिवारिक स्थिति और प्रेरणादायक बनाती है। दो महीने पहले एक सड़क हादसे में प्रिंस के पिता कुलदीप का निधन हो गया था। परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां ममता देवी गृहिणी हैं और घर की जिम्मेदारी अकेले संभाल रही हैं। इन हालात में भी प्रिंस ने खेल जारी रखा। प्रिंस के कोच गुलशन कुमार ने बताया कि प्रिंस अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं। वे रोजाना अभ्यास में समय पर पहुंचते हैं।
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पिता का सपना पूरा करने का सपना
प्रिंस ने बताया कि वह आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर खेलें और भारतीय टीम का हिस्सा बनें। इसके लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पापा का सपना था कि देश के लिए खेलूं। मैं उस सपने को पूरा करने की कोशिश कर रहा हूं।
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