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बाबा साहेब आज भी प्रासंगिक : प्रो. सोलंकी
Sat, 07 Dec 2024 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 07 Dec 2024 02:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आंबेडकर प्रोफेसर्स एसोसिएशन हरियाणा की ओर से डा. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए। सभी सदस्यों ने डा. भीमराव आंबेडकर की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। डॉ. आंबेडकर के सामाजिक न्याय, शिक्षा और समानता के आदर्श आज भी प्रासंगिक है।
एसोसिएशन की करनाल इकाई के प्रधान प्रो. राजेश सोलंकी ने कहा कि हमारे संविधान को तैयार करने में डॉ. भीमराव आंबेडकर की बड़ी भूमिका रही। इसी वजह से वह संविधान निर्माता के तौर पर जाने जाते हैं। वह बड़े समाज सुधारक और विद्वान थे। आज उनकी पुण्यतिथि है और उनकी पुण्यतिथि को परिनिर्वाण दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक समता और सामाजिक न्याय जैसे सामाजिक परिवर्तन के मुद्दों को प्रमुखता से स्वर देने और परिणाम तक लाने वाले प्रमुख लोगों में डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम अग्रणी है। समाज सुधारक, बुद्धिजीवी और चिंतक डा. भीमराव अंबेडकर ने जो देश को दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
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महासचिव राजेश रंगा ने कहा कि डा. आंबेडकर ने अपने पूरे जीवन में दलितों और हाशिए पर रहने वाले समूहों के अधिकारों के लिए अभियान चलाया, इस प्रकार उनके प्रयासों ने भारत में सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा दिया। उप प्रधान सुमति ने कहा कि डॉ. अंबेडकर महिला अधिकारों के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने उन कानूनों में सुधार लाने की दिशा में कार्य किया, जिनमें महिलाओं के साथ भेदभाव किया गया था। इस अवसर पर महासचिव राजेश रंगा, उपप्रधान सुमति, वरिष्ठ सदस्य कंवरभान, वरिष्ठ सदस्य प्रो. रामपाल, पालेराम, रामनिवास, कुलदीप, बलवंत व महीपाल मौजूद रहे।
डॉ. आंबेडकर को अर्पित की श्रद्धांजलि
करनाल। डॉ. बीआर आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आंबेडकर चौक पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर सुरजीत पहलवान ने कहा कि परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर ने भारत को संविधान देकर अनोखी मिसाल कायम की।
इस मौके पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण कुटेल, वॉलीबॉल की इंटरनेशनल खिलाड़ी कविता धनखड़, राजेश बतान, पृथ्वी सिंह, सतबीर भौरिया, रवि चालिया, दीपक बसताड़ा, नवीन काछवा, बलजीत सिंह मौजूद रहे।
बाबा साहेब के मार्ग पर चलना ही श्रद्धांजलि : सिंह
करनाल। डॉ. भीमराव आंबेडकर समाज कल्याण सभा की ओर सेक्टर 16 आंबेडकर भवन में बाबा साहेब के 69 वें महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर पंजाब नेशनल बैंक के डिप्टी जनरल मैनेजर व सर्कल हैड जगजीत सिंह ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चला ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि यह दिन हमें उनके विचारों को आत्मसात कर समाज में समानता और भाईचारे की दिशा में और अधिक काम करने की प्रेरणा देता है। वे पूरे राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक और पथ प्रदर्शक थे। उनके द्वारा रचित संविधान दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए एक आधारशिला बना, इसमें सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार सुनिश्चित किया गया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि इसी में है कि उनके द्वारा दिए गए मूल मंत्र शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो, को आत्मसात कर आगे बढ़ने का प्रयास करें।
उन्होंने समाज कल्याण सभा को सुझाव दिया कि वे सामाजिक गतिविधियों में ज्यादा से ज्यादा युवा और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें। इससे पूर्व उन्होंने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरएस मीणा ने कहा कि छह दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख के रूप में दर्ज है। इसी दिन संविधान निर्माता, समाज सुधारक और दलितों के मसीहा कहे जाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर का 1956 में निधन हुआ था।
इस मौके पर हरपाल सिंह, जय सिंह, गोपाल सहोत्रा, तरसेम चांदला, पीएनबी के मुख्य प्रबंधक एचएस नरवाल, एनबीएजीआर के वित्त एवं लेखा अनुभाग अधिकारी रणधीर सिंह पाल, बिहार से आए मुकेश रघुवंशी कुशवाह मौजूद रहे।
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करनाल। आंबेडकर प्रोफेसर्स एसोसिएशन हरियाणा की ओर से डा. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए। सभी सदस्यों ने डा. भीमराव आंबेडकर की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। डॉ. आंबेडकर के सामाजिक न्याय, शिक्षा और समानता के आदर्श आज भी प्रासंगिक है।
एसोसिएशन की करनाल इकाई के प्रधान प्रो. राजेश सोलंकी ने कहा कि हमारे संविधान को तैयार करने में डॉ. भीमराव आंबेडकर की बड़ी भूमिका रही। इसी वजह से वह संविधान निर्माता के तौर पर जाने जाते हैं। वह बड़े समाज सुधारक और विद्वान थे। आज उनकी पुण्यतिथि है और उनकी पुण्यतिथि को परिनिर्वाण दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
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उन्होंने कहा कि सामाजिक समता और सामाजिक न्याय जैसे सामाजिक परिवर्तन के मुद्दों को प्रमुखता से स्वर देने और परिणाम तक लाने वाले प्रमुख लोगों में डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम अग्रणी है। समाज सुधारक, बुद्धिजीवी और चिंतक डा. भीमराव अंबेडकर ने जो देश को दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
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महासचिव राजेश रंगा ने कहा कि डा. आंबेडकर ने अपने पूरे जीवन में दलितों और हाशिए पर रहने वाले समूहों के अधिकारों के लिए अभियान चलाया, इस प्रकार उनके प्रयासों ने भारत में सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा दिया। उप प्रधान सुमति ने कहा कि डॉ. अंबेडकर महिला अधिकारों के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने उन कानूनों में सुधार लाने की दिशा में कार्य किया, जिनमें महिलाओं के साथ भेदभाव किया गया था। इस अवसर पर महासचिव राजेश रंगा, उपप्रधान सुमति, वरिष्ठ सदस्य कंवरभान, वरिष्ठ सदस्य प्रो. रामपाल, पालेराम, रामनिवास, कुलदीप, बलवंत व महीपाल मौजूद रहे।
डॉ. आंबेडकर को अर्पित की श्रद्धांजलि
करनाल। डॉ. बीआर आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आंबेडकर चौक पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर सुरजीत पहलवान ने कहा कि परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर ने भारत को संविधान देकर अनोखी मिसाल कायम की।
इस मौके पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण कुटेल, वॉलीबॉल की इंटरनेशनल खिलाड़ी कविता धनखड़, राजेश बतान, पृथ्वी सिंह, सतबीर भौरिया, रवि चालिया, दीपक बसताड़ा, नवीन काछवा, बलजीत सिंह मौजूद रहे।
बाबा साहेब के मार्ग पर चलना ही श्रद्धांजलि : सिंह
करनाल। डॉ. भीमराव आंबेडकर समाज कल्याण सभा की ओर सेक्टर 16 आंबेडकर भवन में बाबा साहेब के 69 वें महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर पंजाब नेशनल बैंक के डिप्टी जनरल मैनेजर व सर्कल हैड जगजीत सिंह ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चला ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि यह दिन हमें उनके विचारों को आत्मसात कर समाज में समानता और भाईचारे की दिशा में और अधिक काम करने की प्रेरणा देता है। वे पूरे राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक और पथ प्रदर्शक थे। उनके द्वारा रचित संविधान दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए एक आधारशिला बना, इसमें सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार सुनिश्चित किया गया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि इसी में है कि उनके द्वारा दिए गए मूल मंत्र शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो, को आत्मसात कर आगे बढ़ने का प्रयास करें।
उन्होंने समाज कल्याण सभा को सुझाव दिया कि वे सामाजिक गतिविधियों में ज्यादा से ज्यादा युवा और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें। इससे पूर्व उन्होंने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरएस मीणा ने कहा कि छह दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख के रूप में दर्ज है। इसी दिन संविधान निर्माता, समाज सुधारक और दलितों के मसीहा कहे जाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर का 1956 में निधन हुआ था।
इस मौके पर हरपाल सिंह, जय सिंह, गोपाल सहोत्रा, तरसेम चांदला, पीएनबी के मुख्य प्रबंधक एचएस नरवाल, एनबीएजीआर के वित्त एवं लेखा अनुभाग अधिकारी रणधीर सिंह पाल, बिहार से आए मुकेश रघुवंशी कुशवाह मौजूद रहे।