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Karnal News: इलाज के लिए भटके आयुष्मान कार्ड धारक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2024 06:28 AM IST
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Ayushman card holders lost their way for treatment
- निजी अस्पतालों से बिना इलाज लौटे, सरकारी में करवाया इलाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले के निजी अस्पतालों में हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को भी आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज नहीं मिला। आपातकालीन स्थिति में पहुंचे मरीजों को भी निजी अस्पतालों ने इलाज के लिए दाखिल नहीं किया। जिस कारण मरीजों को नागरिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ा।
आयुष्मान पैनल से जुड़े निजी अस्पतालों के आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज के लगभग 18 करोड़ रुपये सरकार की तरफ अटके हुए हैं। ऐसे में उनका भुगतान न होने व मुख्य मांग पूरी न होने के चलते इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने पूर्ण हड़ताल की है। जो पांच जुलाई तक रहेगी।
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कुंजपुरा निवासी आयुष्मान कार्ड धारक सुभाष ने बताया कि उसकी पुत्रवधू की डिलीवरी होनी थी। जिसके लिए वह शहर के एक निजी अस्पताल में गए थे। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें डिलीवरी करवाने के लिए सरकारी अस्पताल में जाने को कह दिया या फिर डिलीवरी के लिए फीस लगने की बात कही। जिसके बाद वे आनन-फानन नागरिक अस्पताल में बहू को लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने सुरक्षित डिलीवरी करवाई।
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रामनगर निवासी नीलम ने बताया कि उसके घुटने में दर्द रहता है। जिसका डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए कहा है। वह इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में अपना आयुष्मान कार्ड लेकर गई लेकिन उन्होंने इलाज देने से मना कर दिया। जिस कारण उसे नागरिक अस्पताल में आना पड़ा। यहां पर भी डॉक्टर ने पांच दिन के लिए चार दवा लिखकर पर्ची थमा दी। अब वह डिस्पेंसरी की लाइन में खड़ी है। यहां भी पता नहीं सभी दवाइयां मिलेंगी या नहीं।

ये है मुख्य मांगें
समय पर भुगतान हो और एमओयू की शर्तों के अनुसार जारी किया जाए, जिसमें देरी के लिए 1 फीसदी दंडात्मक ब्याज हो। पूर्व-स्वीकृति के बाद कटौती और अस्वीकृतियों को रोका जाए। टीएमएस-2 पोर्टल में तकनीकी समस्याओं का समाधान या पहले कार्यात्मक टीएमसी-1 की वापसी हो। हरियाणा में एचबीपी-2022 पैकेजों के कार्यान्वयन को शीघ्र किया जाए। दस्तावेजीकरण आवश्यकताओं को सरल बनाया जाए ताकि वे बाधा न बनें। जुर्माने लगाने की नीतियों को और तार्किक बनाया जाए। जांच अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत उत्पीड़न को रोका जाए।
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