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Karnal News: सावधान ! 40 की उम्र के बाद व्यायाम करने से पहले डॉक्टरी जांच जरूरी
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- डॉक्टरी जांच के बाद तय होगा कि आप कितनी देर कर सकते हैं व्यायाम
अनुज शर्मा
करनाल। यदि आपकी उम्र 40 के पार हो चुकी है तो व्यायाम करने से पहले डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, अन्यथा हृदय गति रुकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। आजकल जिम करते व दौड़ लगाते समय बच्चों से लेकर युवाओं तक में हार्ट अटैक के केस आ रहे हैं। डॉक्टर इसका मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, खान-पान और व्यायाम से दूर रहना बता रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के एमडी फिजिशियन डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि 40 की उम्र के बाद लोगों को अपना नियमित रूप से बीपी, शुगर, हृदय की स्थिति, ईसीजी, टीएमटी, इको सहित कॉलेस्ट्रोल के स्तर की जांच करानी चाहिए, क्योंकि फास्ट फूड के ज्यादा सेवन, तले हुए भोजन व व्यायाम से दूरी बनाने के कारण हमारी हृदय की नाड़ियों में कॉलेस्ट्रोल जमना शुरू हो जाता है। ऐसे में अचानक किसी से प्रेरित होकर व्यायाम करना जानलेवा साबित हो सकता है। इससे पहले डॉक्टरी जांच करानी अति आवश्यक है। डॉक्टरी जांच के बाद ही यह निर्धारित होता है कि कोई व्यक्ति कितनी देर तक और कितने हद तक एक्सरसाइज, वजन उठाना या दौड़ सकता है। संवाद
बच्चों में शुरू से गतिविधियों की डालें आदत
एमडी फिजिशियन डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि आजकल बच्चे शारीरिक गतिविधि से दूर होते जा रहे हैं। वहीं, एकदम प्रतियोगिता में भाग लेकर वे तेज दौड़ लेते हैं। जिससे हार्ट बीट बहुत अधिक बढ़ जाती है और उस समय हृदय को बहुत ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में नियमित रूप से व्यायाम न करने के कारण पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और बच्चे को भी हार्ट अटैक आ जाता है। ऐसे में बच्चों को शुरू से किसी भी तरह की एक्टिविटी में व्यस्त रखने की कोशिश करें। जिससे वे कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि करते रहें और उन्हें आगे चलकर इस समस्या से जूझना न पड़ें।
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हल्की दौड़ लगाने पर सांस फूले तो कराएं जांच
उजाला सिगनस के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मेहरोज अहमद ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति को हल्की दौड़ लगाने पर भी सांस फूल रही है तो अपने हृदय की जांच करानी बहुत जरूरी है। कई प्रकार के टेस्टों के माध्यम से हृदय की जांच की जा सकती है। वहीं, नियमित रूप से हल्का व्यायाम करने से इस समस्या से निजात मिल सकती है।
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अनुज शर्मा
करनाल। यदि आपकी उम्र 40 के पार हो चुकी है तो व्यायाम करने से पहले डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, अन्यथा हृदय गति रुकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। आजकल जिम करते व दौड़ लगाते समय बच्चों से लेकर युवाओं तक में हार्ट अटैक के केस आ रहे हैं। डॉक्टर इसका मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, खान-पान और व्यायाम से दूर रहना बता रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के एमडी फिजिशियन डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि 40 की उम्र के बाद लोगों को अपना नियमित रूप से बीपी, शुगर, हृदय की स्थिति, ईसीजी, टीएमटी, इको सहित कॉलेस्ट्रोल के स्तर की जांच करानी चाहिए, क्योंकि फास्ट फूड के ज्यादा सेवन, तले हुए भोजन व व्यायाम से दूरी बनाने के कारण हमारी हृदय की नाड़ियों में कॉलेस्ट्रोल जमना शुरू हो जाता है। ऐसे में अचानक किसी से प्रेरित होकर व्यायाम करना जानलेवा साबित हो सकता है। इससे पहले डॉक्टरी जांच करानी अति आवश्यक है। डॉक्टरी जांच के बाद ही यह निर्धारित होता है कि कोई व्यक्ति कितनी देर तक और कितने हद तक एक्सरसाइज, वजन उठाना या दौड़ सकता है। संवाद
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बच्चों में शुरू से गतिविधियों की डालें आदत
एमडी फिजिशियन डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि आजकल बच्चे शारीरिक गतिविधि से दूर होते जा रहे हैं। वहीं, एकदम प्रतियोगिता में भाग लेकर वे तेज दौड़ लेते हैं। जिससे हार्ट बीट बहुत अधिक बढ़ जाती है और उस समय हृदय को बहुत ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में नियमित रूप से व्यायाम न करने के कारण पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और बच्चे को भी हार्ट अटैक आ जाता है। ऐसे में बच्चों को शुरू से किसी भी तरह की एक्टिविटी में व्यस्त रखने की कोशिश करें। जिससे वे कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि करते रहें और उन्हें आगे चलकर इस समस्या से जूझना न पड़ें।
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हल्की दौड़ लगाने पर सांस फूले तो कराएं जांच
उजाला सिगनस के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मेहरोज अहमद ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति को हल्की दौड़ लगाने पर भी सांस फूल रही है तो अपने हृदय की जांच करानी बहुत जरूरी है। कई प्रकार के टेस्टों के माध्यम से हृदय की जांच की जा सकती है। वहीं, नियमित रूप से हल्का व्यायाम करने से इस समस्या से निजात मिल सकती है।