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Karnal News: आशा कर्मियों ने मुख्यमंत्री आवास पर 24 घंटे का डाला पड़ाव
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- सीएम आवास के पास सड़क पर लगाया टेंट, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा के बैनर तले अपनी मांगों के समर्थन में जिलेभर की आशा कर्मियों ने बुधवार को रामनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास सड़क पर टेंट लगाकर 24 घंटे का पड़ाव डाल दिया है। इस दौरान आशा कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती आंदोलन जारी रहेगा।
आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान कविता ने बताया कि इन 72 दिनों में सरकार के साथ दो बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन हर बार सरकार एक सप्ताह का समय बढ़ाकर उन्हें टरका देती है। अगर सरकार की हठधर्मिता जारी रही तो 30 अक्तूबर को संसद पर आक्रोश प्रदर्शन करने के लिए रवाना होंगीं। इस संसद मार्च में देशभर की आशा कर्मी एकत्रित होंगी। सीटू जिला कोषाध्यक्ष ओपी माटा व प्रधान सतपाल सैनी ने कहा कि आशा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, इंसेंटिव में 50 प्रतिशत कटौती बहाल करने, ईपीएफ व ईएसआई की सुविधा, सेवानिवृत्ति उम्र 65 साल करने आदि उनकी मांगें जायज हैं। आशा कर्मी अपनी मांगें पूरी कराने के लिए प्रदेश भर में 72 दिनों से धरना दे रही हैं।
रात्रि पड़ाव में शामिल होंगी 200 आशा कर्मी
आशा वर्कर्स यूनियन की जिला सचिव सुदेश ने बताया कि आशा कर्मियों का यह 24 घंटे का पड़ाव है। ऐसे में रात्रि पड़ाव भी होगा। जिसके चलते अधिकतर आशा कर्मी अपना रात्रि में ठहरने का सामान लेकर आई हैं। यूनियन की तरफ से रात्रि में ठहरने वाली सभी 200 आशा कर्मियों के लिए खाना, पेयजल व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि रात्रि पड़ाव में 200 आशा कर्मी शामिल होंगी। बताया जाता है कि आशा कर्मियों के इस पड़ाव को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से किसी अधिकारी को अभी तक ड्यूटी मजिस्ट्रेट का चार्ज नहीं सौंपा है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की ओर से महिला व पुरुष पुलिस बल को तैनात कर दिया है। जो 24 घंटे तक आशा कर्मियों के पड़ाव की निगरानी करेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा के बैनर तले अपनी मांगों के समर्थन में जिलेभर की आशा कर्मियों ने बुधवार को रामनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास सड़क पर टेंट लगाकर 24 घंटे का पड़ाव डाल दिया है। इस दौरान आशा कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती आंदोलन जारी रहेगा।
आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान कविता ने बताया कि इन 72 दिनों में सरकार के साथ दो बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन हर बार सरकार एक सप्ताह का समय बढ़ाकर उन्हें टरका देती है। अगर सरकार की हठधर्मिता जारी रही तो 30 अक्तूबर को संसद पर आक्रोश प्रदर्शन करने के लिए रवाना होंगीं। इस संसद मार्च में देशभर की आशा कर्मी एकत्रित होंगी। सीटू जिला कोषाध्यक्ष ओपी माटा व प्रधान सतपाल सैनी ने कहा कि आशा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, इंसेंटिव में 50 प्रतिशत कटौती बहाल करने, ईपीएफ व ईएसआई की सुविधा, सेवानिवृत्ति उम्र 65 साल करने आदि उनकी मांगें जायज हैं। आशा कर्मी अपनी मांगें पूरी कराने के लिए प्रदेश भर में 72 दिनों से धरना दे रही हैं।
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रात्रि पड़ाव में शामिल होंगी 200 आशा कर्मी
आशा वर्कर्स यूनियन की जिला सचिव सुदेश ने बताया कि आशा कर्मियों का यह 24 घंटे का पड़ाव है। ऐसे में रात्रि पड़ाव भी होगा। जिसके चलते अधिकतर आशा कर्मी अपना रात्रि में ठहरने का सामान लेकर आई हैं। यूनियन की तरफ से रात्रि में ठहरने वाली सभी 200 आशा कर्मियों के लिए खाना, पेयजल व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि रात्रि पड़ाव में 200 आशा कर्मी शामिल होंगी। बताया जाता है कि आशा कर्मियों के इस पड़ाव को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से किसी अधिकारी को अभी तक ड्यूटी मजिस्ट्रेट का चार्ज नहीं सौंपा है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की ओर से महिला व पुरुष पुलिस बल को तैनात कर दिया है। जो 24 घंटे तक आशा कर्मियों के पड़ाव की निगरानी करेगा।
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