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पिछले साल के मुकाबले बासमती 1509 की आवक छह गुना ज्यादा
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तरावड़ी। अनाज मंडी तरावड़ी में कुछ दिन से बासमती की किस्म 1509 की आवक जोरों पर है जो कि पिछले साल के मुकाबले अब तक छह गुना ज्यादा आ चुकी है। आवक के साथ-साथ पिछले साल के मुकाबले दामों में भी 500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई है। इससे पता चलता है कि इस बार 1509 किस्म की धान की पैदावार करने वाले किसान ने अच्छे मुनाफे की आस है। इस धान की किस्म प्रति एकड़ 20 क्विंटल की उपज है।
तरावड़ी अनाज मंडी में अब तक 14 हजार क्विंटल की आवक हो चुकी है जबकि पिछले साल अब तक कुल आवक केवल 2 हजार क्विंटल थी और दाम भी पिछले साल 2200 रुपये प्रति क्विंटल अधिकतम थे इस बार दाम 2700 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गए हैं।
आने वाले दिनों में 1509 धान के दामों में और इजाफा हो सकता है। पिछले सालों में लोगों को बासमती धान की इस किस्म के बारे में ज्यादा जानकारी न होने के कारण विदेशों में इसकी मांग नहीं थी, क्योंकि यह किस्म 1121 की तरह ही है जिसका चावल लंबा बनता है परंतु हाईब्रिड नस्ल होने के कारण चावल तैयार होने के कुछ देर बाद ही खुश्क हो जाता है। यही कारण है कि देश में तो इसकी मांग नहीं बढ़ी लेकिन विदेशों विशेषकर अरब के देशों में इसको काफी पंसद किया रहा है।
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राइस मिलर्स एसोसिएशन के सचिव राकेश हंस व राइस मिलर रोशन लाल गुप्ता ने बताया कि 1509 धान बासमती धान की ही किस्म है, जिसका चावल लंबा व काफी जायकेदार बनता है। पिछले कुछ सालों में इसके तैयार होने के बाद जल्दी सूखने के कारण मांग में बढ़ोतरी नहीं हो पाई थी जिसके कारण दाम भी कम ही थे, लेकिन इस बार विदेशों में इस किस्म के चावल की मांग बढ़ी है।
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तरावड़ी अनाज मंडी में अब तक 14 हजार क्विंटल की आवक हो चुकी है जबकि पिछले साल अब तक कुल आवक केवल 2 हजार क्विंटल थी और दाम भी पिछले साल 2200 रुपये प्रति क्विंटल अधिकतम थे इस बार दाम 2700 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गए हैं।
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आने वाले दिनों में 1509 धान के दामों में और इजाफा हो सकता है। पिछले सालों में लोगों को बासमती धान की इस किस्म के बारे में ज्यादा जानकारी न होने के कारण विदेशों में इसकी मांग नहीं थी, क्योंकि यह किस्म 1121 की तरह ही है जिसका चावल लंबा बनता है परंतु हाईब्रिड नस्ल होने के कारण चावल तैयार होने के कुछ देर बाद ही खुश्क हो जाता है। यही कारण है कि देश में तो इसकी मांग नहीं बढ़ी लेकिन विदेशों विशेषकर अरब के देशों में इसको काफी पंसद किया रहा है।
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राइस मिलर्स एसोसिएशन के सचिव राकेश हंस व राइस मिलर रोशन लाल गुप्ता ने बताया कि 1509 धान बासमती धान की ही किस्म है, जिसका चावल लंबा व काफी जायकेदार बनता है। पिछले कुछ सालों में इसके तैयार होने के बाद जल्दी सूखने के कारण मांग में बढ़ोतरी नहीं हो पाई थी जिसके कारण दाम भी कम ही थे, लेकिन इस बार विदेशों में इस किस्म के चावल की मांग बढ़ी है।