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अरावली उत्तर भारत की जीवन रेखा : दीपेंद्र हुड्डा
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छोटे साहिबजादों की शहादत की याद में लगे लंगर में पहुंचे सांसद दीपेन्द्र हुड्डा । संगठन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने वीरवार को करनाल पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने छोटे साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि देश की खातिर दी गई उनकी कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने संगत की ओर से लगाए गए लंगर के लिए सिख संगत का आभार व्यक्त किया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने अरावली की पहाड़ियों को लेकर सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले में स्पष्ट कहा गया है कि 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली नहीं माना जाएगा और उचित प्लानिंग के बाद ही नई खनन लीज की अनुमति दी जाएगी। सांसद ने कहा कि सरकार यह कहकर भ्रम फैला रही है कि जब तक प्लान नहीं बनेगा तब तक खनन नहीं होगा, जबकि हकीकत यह है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश आज भी ज्यों के त्यों कायम हैं और अरावली पहाड़ियों पर खतरा बना हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बैकडोर से अरावली पहाड़ियों को खनन माफिया और रियल एस्टेट माफिया के हवाले करने की योजना बना रही है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अगर इन्हें 100 मीटर तक सीमित किया गया तो भविष्य में शिवालिक पहाड़ियों पर भी खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अरावली क्षेत्र के भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम और मेवात जिले प्रभावित हो रहे हैं, जबकि आगे चलकर पंचकूला, यमुनानगर और अंबाला जैसे शिवालिक क्षेत्र के जिले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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इस अवसर पर कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पराग गाबा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजेश वैद्य, पूर्व विधायक बख्शीश सिंह, पूर्व विधायक धर्मपाल गोंदर, पूर्व राकेश कांबोज, पप्पू लाठर, नाहर सिंह संधू, तेजी मान, सतनाम सिंह, रामफल, निश्चय सोही, बिंदर पोसवाल, कृष्ण बसताड़ा, सोनी कुटेल, सचिन बुढ़नपुर, अमित बराना मौजूद रहे।
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करनाल। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने वीरवार को करनाल पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने छोटे साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि देश की खातिर दी गई उनकी कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने संगत की ओर से लगाए गए लंगर के लिए सिख संगत का आभार व्यक्त किया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने अरावली की पहाड़ियों को लेकर सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले में स्पष्ट कहा गया है कि 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली नहीं माना जाएगा और उचित प्लानिंग के बाद ही नई खनन लीज की अनुमति दी जाएगी। सांसद ने कहा कि सरकार यह कहकर भ्रम फैला रही है कि जब तक प्लान नहीं बनेगा तब तक खनन नहीं होगा, जबकि हकीकत यह है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश आज भी ज्यों के त्यों कायम हैं और अरावली पहाड़ियों पर खतरा बना हुआ है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बैकडोर से अरावली पहाड़ियों को खनन माफिया और रियल एस्टेट माफिया के हवाले करने की योजना बना रही है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अगर इन्हें 100 मीटर तक सीमित किया गया तो भविष्य में शिवालिक पहाड़ियों पर भी खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अरावली क्षेत्र के भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम और मेवात जिले प्रभावित हो रहे हैं, जबकि आगे चलकर पंचकूला, यमुनानगर और अंबाला जैसे शिवालिक क्षेत्र के जिले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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इस अवसर पर कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पराग गाबा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजेश वैद्य, पूर्व विधायक बख्शीश सिंह, पूर्व विधायक धर्मपाल गोंदर, पूर्व राकेश कांबोज, पप्पू लाठर, नाहर सिंह संधू, तेजी मान, सतनाम सिंह, रामफल, निश्चय सोही, बिंदर पोसवाल, कृष्ण बसताड़ा, सोनी कुटेल, सचिन बुढ़नपुर, अमित बराना मौजूद रहे।