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पिछले वर्ष की तुलना में अधिक गर्म रहा एक अप्रैल का दिन
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नबीपुर गांव के खेतों में लगी गेहूं की पछेती किस्म।
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करनाल। जलवायु परिवर्तन के दौर में इस वर्ष तापमान में वृद्धि चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार एक अप्रैल के दिन अधिकतम तापमान 3.4 डिग्री और न्यूनतम 4.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। पिछले दस वर्ष के तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान मौसम की स्थिति में कई बार उतार-चढ़ाव दर्ज हुए। वर्ष 2011 में एक अप्रैल को अधिकतम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस था। एक अप्रैल 2022 को अधिकतम तापमान 37.8 और न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
बढ़ती गर्मी से किसानों को गेहूं की देरी से बिजाई वाली पछेती किस्मों पर असर पड़ने का डर सता रहा है। किसान क्लब के प्रदेश महासचिव विजय कपूर ने कहा कि अधिक गर्मी के कारण पछेती गेहूं की दूधिया बालियों में दाने सिकुड़ जाएंगे। पैदावार प्रभावित होगी। इसके अलावा मार्च में तापमान में अचानक वृद्धि होने से अगेती किस्मों पर भी कुछ असर रहा है। उस समय तेज हवा चलने के कारण बहुत से किसान समय पर सिंचाई नहीं कर सके थे।
कोट.....
जिले में करीब 1.75 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। इसमें से करीब 10 प्रतिशत पछेती किस्मों का क्षेत्रफल रहता है। गेहूं की अगेती किस्मों पर तापमान का कोई असर नहीं है। इसकी कटाई शुरू हो गई है। किसानों को चाहिए कि खेत में ट्रांसफार्मर के आसपास दस से 15 फुट तक घास-फूस की सफाई कर दें ताकि आगजनी का अंदेशा न हो। बिजली की ढीली तारों की खिंचाई करवा दें।
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-डॉ. कर्मवीर गिरी, अधिकारी, कृषि विभाग।
-जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण वैश्विक उष्णता है। गेहूं कटाई के बाद आंकड़ों से ही पता चलेगा कि बढ़े तापमान का क्या असर रहा। गेहूं की कई किस्मों में तापमान सहने की क्षमता है। पछेती किस्मों में किसानों को हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए और दो सौ लीटर पानी में चार किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश का घोल बनाकर प्रति एकड़ छिड़काव कर सकते हैं।
- डॉ. अनुज कुमार, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल।
करनाल में पिछले वर्षों के तापमान के आंकड़े (डिग्री सेल्सियस में)
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2011 32.0 13.0
2012 33.0 17.0
2013 31.0 14.5
2014 29.5 12.2
2015 28.5 15.1
2016 35.0 18.6
2017 37.4 16.9
2018 30.5 16.4
2019 32.0 13.0
2020 29.5 15.2
2021 33.4 12.2
2022 36.8 16.8
साफ रहेगा मौसम
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान सुबह 37.6 व दोपहर को 36.8 तथा न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्र्दता सुबह 70 व दोपहर को 15 प्रतिशत, वाष्प दाब 6.8 एमएम, हवा ककी औसत गति 1.5 किलोमीटर प्रति घंटा रही। एक दिन पूर्व वीरवार को अधिकतम तापमान 37.6 व न्यूनतम 16.7 डिग्री सेल्सियस था। एनडीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र स्थित मौसम सेवा इकाई के अनुसार मौसम साफ रहेगा और तीन-चार दिन तक तापमान की यथास्थिति बरकरार रहने की संभावना है।
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बढ़ती गर्मी से किसानों को गेहूं की देरी से बिजाई वाली पछेती किस्मों पर असर पड़ने का डर सता रहा है। किसान क्लब के प्रदेश महासचिव विजय कपूर ने कहा कि अधिक गर्मी के कारण पछेती गेहूं की दूधिया बालियों में दाने सिकुड़ जाएंगे। पैदावार प्रभावित होगी। इसके अलावा मार्च में तापमान में अचानक वृद्धि होने से अगेती किस्मों पर भी कुछ असर रहा है। उस समय तेज हवा चलने के कारण बहुत से किसान समय पर सिंचाई नहीं कर सके थे।
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कोट.....
जिले में करीब 1.75 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। इसमें से करीब 10 प्रतिशत पछेती किस्मों का क्षेत्रफल रहता है। गेहूं की अगेती किस्मों पर तापमान का कोई असर नहीं है। इसकी कटाई शुरू हो गई है। किसानों को चाहिए कि खेत में ट्रांसफार्मर के आसपास दस से 15 फुट तक घास-फूस की सफाई कर दें ताकि आगजनी का अंदेशा न हो। बिजली की ढीली तारों की खिंचाई करवा दें।
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-डॉ. कर्मवीर गिरी, अधिकारी, कृषि विभाग।
-जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण वैश्विक उष्णता है। गेहूं कटाई के बाद आंकड़ों से ही पता चलेगा कि बढ़े तापमान का क्या असर रहा। गेहूं की कई किस्मों में तापमान सहने की क्षमता है। पछेती किस्मों में किसानों को हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए और दो सौ लीटर पानी में चार किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश का घोल बनाकर प्रति एकड़ छिड़काव कर सकते हैं।
- डॉ. अनुज कुमार, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल।
करनाल में पिछले वर्षों के तापमान के आंकड़े (डिग्री सेल्सियस में)
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2011 32.0 13.0
2012 33.0 17.0
2013 31.0 14.5
2014 29.5 12.2
2015 28.5 15.1
2016 35.0 18.6
2017 37.4 16.9
2018 30.5 16.4
2019 32.0 13.0
2020 29.5 15.2
2021 33.4 12.2
2022 36.8 16.8
साफ रहेगा मौसम
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान सुबह 37.6 व दोपहर को 36.8 तथा न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्र्दता सुबह 70 व दोपहर को 15 प्रतिशत, वाष्प दाब 6.8 एमएम, हवा ककी औसत गति 1.5 किलोमीटर प्रति घंटा रही। एक दिन पूर्व वीरवार को अधिकतम तापमान 37.6 व न्यूनतम 16.7 डिग्री सेल्सियस था। एनडीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र स्थित मौसम सेवा इकाई के अनुसार मौसम साफ रहेगा और तीन-चार दिन तक तापमान की यथास्थिति बरकरार रहने की संभावना है।