फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Anshu of Karna city won gold medal in cycling

Karnal News: कर्ण नगरी की अंशु ने साइक्लिंग में जीता स्वर्ण पदक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 02:11 AM IST
विज्ञापन
Anshu of Karna city won gold medal in cycling
- उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल में पाया मुकाम
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण नगरी की बेटी अंशु मलिक ने साइक्लिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। अंशु ने यह मुकाम 38वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चार किलोमीटर के ट्रैक इवेंट में पाया है। इससे पहले भी जिले की यह बेटी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रजत पदक जीत और जूनियर नेशनल में स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी है। अभी करनाल में वेलोड्रम की उपलब्धता न होने पर खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए लुधियाना जाना पड़ता है।
अंशु ने बताया कि टीम का यह इवेंट एक तरह से रिले दौड़ की तरह होता है जिसमें एक समय में चार खिलाड़ियों की टीम बनाई जाती है। हरियाणा की टीम में अंशु ने यह उपलब्धि प्राप्त की है। इस इवेंट में चार किलोमीटर की ट्रैक दौड़ आयोजित की जाती है।
विज्ञापन

मुख्य कोंच ओंकार सिंह ने बताया कि अंशु मलिक हुनरमंद खिलाड़ी है। चार साल की अथक मेहनत के दम पर वह साइक्लिंग में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए वह हर संभव प्रयास करते हैं। कई खिलाड़ी साइक्लिंग में अपनी प्रतिभा के दम पर जिले का नाम रोशन कर चुके है।
विज्ञापन
विज्ञापन

साइक्लिंग में प्रतिभा को निखारने के लिए वेलोड्रम की जरूरत होती है, लेकिन यह सुविधा फिलहाल आसपास के जिलों में उपलब्ध नहीं है। वेलोड्रम पर अभ्यास के लिए खिलाड़ियों को लुधियाना या पटियाला जाना पड़ता है। कोच ओंकार सिंह ने बताया कि वेलोड्रम में साइक्लिंग के 14 इवेंट होते हैं। रोड पर साइक्लिंग में जान का जोखिम ज्यादा होता है, वहीं इसमें केवल तीन इवेंट हो पाते हैं। खिलाड़ियों की प्रतिभा को बेहतर ढंग से तराशने के लिए करनाल कर्ण स्टेडियम में भी वेलोड्रम की जरूरत है, यहां पर इसके लिए बेहतर स्थान भी उपलब्ध है।

लॉकडाउन से पहले थी तैराक
अंशु मलिक शुरुआती दौर में तैराक बनना चाहती थी, लेकिन बीच में ढाई साल तक कोविड 19 के कारण उनका खेल काफी प्रभावित हुआ। उसके बाद उन्होंने साइकिल में बेहतर भविष्य के लिए कड़ी मेहनत शुरू की। वह एक सप्ताह में चार दिन 100 किलोमीटर साइकिल चलाती है।


अभ्यास के लिए जाना पड़ता है पंजाब
अंशु ने बताया कि साइक्लिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उसने कार्ब की साइकिल खरीदी। यह साइकिल करीब पांच लाख रुपये तक की आती है। इस साइकिल को 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक दौड़ाया जा सकता है। रोड इवेंट के लिए तो खिलाड़ियों को परेशानी नहीं आती जबकि ट्रैक इवेंट के लिए उन्हें पंजाब में वेलोड्रम पर अभ्यास करना पड़ता है जिस पर 25-30 हजार रुपये हर महीने खर्च आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed