फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Anger erupted due to lack of teachers, school locked, three hours jammed on the highway

शिक्षकों की कमी से फूटा गुस्सा, स्कूल पर जड़ा ताला, हाईवे पर तीन घंटे लगाया जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 02:18 AM IST
विज्ञापन
Anger erupted due to lack of teachers, school locked, three hours jammed on the highway
इंद्री जाम के दौरान नारेबाजी करते विद्यार्थी।
अध्यापकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है, इस कारण उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब चौगावां उच्च विद्यालय में अध्यापकों की संख्या कम होने से नाराज विद्यार्थियों व ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को विद्यालय गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद सभी ने गढ़ी बीरबल यमुनानगर रोड पर जाम लगा दिया। विरोध स्वरूप पुतला भी फूंका। करीब तीन घंटे तक लगे जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस के समझाने पर भी विद्यार्थी और ग्रामीण नहीं माने। बीईओ की ओर से जब अस्थायी तौर पर शिक्षकों की नियुक्ति का आश्वासन दिया गया तो वे सड़क से उठे।
विज्ञापन

स्कूल में कक्षा छठी से 10वीं तक 158 विद्यार्थी पढ़ते हैं, इन पर महज एक ही शिक्षक कार्यरत है। सुबह करीब 8 बजे सैकड़ों छात्र व ग्रामीण विद्यालय गेट पर एकत्रित हुए और विद्यालय गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठे गए। रोड जाम होने की सूचना मिलते ही एसएचओ विनोद अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी अध्यापकों की कमी पूरी करने की मांग पर अड़ गए। काफी देर बाद बीईओ राममूर्ति शर्मा मौके पर पहुंचे और स्थायी अध्यापकों की नियुक्ति होने तक अस्थाई अध्यापकों की नियुक्ति का एलान किया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला। जाम के दौरान किसी बाइक सवार को भी आगे नहीं जाने दिया गया।
विज्ञापन

रोजाना बिना पढ़े घर लौट रहे विद्यार्थी
धरने पर बैठे विद्यार्थियों में कनिका, वंशिका, कामना, नेहा, शिवानी, हिमांशु, सौरभ, दीपांशु और ग्रामीण देवेंद्र, भरत सिंह, जयकुमार मान, सुरता राम व विनोद का कहना है कि पिछले काफी समय से विद्यालय में केवल एक ही अध्यापक है। जिस कारण बच्चे बिना पढ़े घर लौट जाते हैं। सरकार की गलत पॉलिसी का परिणाम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदी और अंग्रेजी विषय का भी नहीं शिक्षक
छात्रा शिवानी और वंशिका ने बताया कि अध्यापकों की कमी के कारण खाली बैठना पड़ता है। संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी और एसएस पढ़ाने वाले अध्यापकों के स्कूल में नहीं होने से बच्चे विद्यालय आते तो हैं लेकिन बिना पढ़ाई किये लौट जाते हैं। 29 सितंबर से परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। अध्यापकों के बिना तैयारी नहीं हो सकती। इसलिए सरकार को विद्यालय में सभी अध्यापकों की नियुक्ति करनी चाहिए।

वर्जन
तीन शिक्षकों की लगाई ड्यूटी
स्कूल में केवल एक ही शिक्षक था। विद्यार्थियों की पढ़ाई को देखते हुए विद्यालय में तीन अध्यापकों की अस्थाई नियुक्ति कर दी है। स्थायी समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
- राममूर्ति शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी इंद्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed