आंगनबाड़ी वर्कर की शैक्षणिक योग्यता बढ़ाएगी नौनिहालों की सुविधा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 01:33 AM IST
Anganwadi worker's educational qualification will increase the convenience of the young
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करनाल। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता नौनिहालों की सुविधा बढ़ाने में सहायक बनेगी। सरकार की मंशा के अनुसार, वहीं आंगनबाड़ी केंद्र प्ले-वे स्कूल में बदले जाने हैं, जहां की कार्यकर्ता मानक के अनुसार शैक्षणिक योग्यता (उच्च एवं प्रोफेशनल) रखती हो या फिर केंद्र अपने भवन में संचालित हों। जिले में ऐसे 291 केंद्रों का प्ले-वे स्कूल में परिवर्तित करने के लिए चयन हुआ है।
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आंकड़ों की बात करें तो जिले में कुल 1479 आंगनबाड़ी केंद्र हैं लेकिन बाकी केंद्र विभाग के मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले-वे स्कूल में बदलने की सीएम मनोहर लाल ने घोषणा की है और नई शिक्षा नीति के तहत इसके लिए प्रयास भी तेज हुए हैं। लेकिन प्ले-वे स्कूल के लिए वर्कर की शैक्षणिक योग्यता बीए, एमए, बीएड और एनटीटी पास रखी गई है वहीं 10वीं और 12वीं पास वर्कर आंगनबाड़ी केंद्र का ही संचालन करेंगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग की नवंबर से प्ले वे स्कूलों को शुरू करने की योजना है। ऐसे में यहां कार्यरत सभी वर्करों और हेल्परों को भी इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है। हालांकि अभी तक विभाग के पास प्ले स्कूल शुरू करने के लिए कोई सामान नहीं आया है जबकि सरकार की मंशा के अनुसार योजना शुरू होने में महज तीन हफ्ते शेष हैं।
715 केंद्रों का अपना भवन लेकिन वर्करों की शैक्षणिक योग्यता कम
जिले में कुल 1479 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 715 अपने भवनों में संचालित हैं। जबकि 294 का संचालन किराये के भवनों में हो रहा है लेकिन प्ले वे स्कूल के लिए चयन केवल 291 केंद्रों का ही हुआ है। यानी विभाग के मानक के अनुसार यहां कार्यरत वर्कर ज्यादा शैक्षणिक योग्यता नहीं रखती हैं। इसके अलावा 143 केंद्र स्कूल के कमरों, 248 केंद्र वृद्धाश्रम, चौपाल और सामुदायिक केंद्रों में व 79 केंद्र अन्य जगहों पर चल रहे हैं।
शहर में सिर्फ 37 केंद्र तक ही बनेंगे प्ले-वे स्कूल
जिले में केवल करनाल खंड के 153 केंद्र शहर में हैं। अन्य सभी केंद्र ग्रामीण आंचल में हैं। विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इनमें से 116 केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं। यानी महज 37 केंद्रों के पास ही अपना भवन है। इनमें भी सभी पर कार्यरत वर्कर विभाग के पैमाने अनुसार शैक्षणिक योग्यता नहीं रखती। ऐसे में 37 से कम केंद्र ही प्ले-वे स्कूल में बदले जाएंगे।
30 अक्तूबर तक केंद्र बंद, आगे विभाग के निर्देश पर खुलेंगे
291 केंद्रों को प्ले-वे स्कूल बनाया जाएगा। उन्हीं केंद्रों का चयन हुआ है, जो अपने भवन या स्कूल में चल रहे हैं। या फिर यहां कार्यरत वर्कर प्रोफेशनल शैक्षणिक योग्यता रखती है। सभी वर्कर को एक एक सप्ताह का प्रशिक्षण दे दिया गया है। इसके बाद प्रैक्टिस क्लास भी लगाई गई थी। नवंबर में विभाग के निर्देश मिलने के बाद ही प्ले-वे स्कूल शुरू होंगे। 30 अक्तूबर तक आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। प्ले स्कूल के लिए जितना तैयार होना जरूरी है, उतना प्रशिक्षण दे दिया है कि कैसे बच्चे खेलेंगे या खाएंगे और कैसे उनके साथ व्यवहार करना है। -राजबाला, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग
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