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एनीमिया मुक्त अभियान : 62010 लोगों में मिली खून की कमी
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- 3,199 लोगों को इलाज के लिए हायर सेंटर किया रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में एनीमिया मुक्त भारत अभियान को एक माह पूरा हो चुका है। इस दौरान अभी तक 1,16,721 लोगों ने हीमोग्लोबिन यानी खून की जांच कराई है। इनमें से 62,010 लोगों में खून की कमी मिली है। इनमें 23,916 लोगों में मध्यम, 36,067 लोग कुपोषित व 2027 लोग अति कुपोषित श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। जो स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
उप-सिविल सर्जन डॉ. सरोज ने बताया कि एनीमिया मुक्त हरियाणा के तहत जिलेभर के नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सब सेंटर व आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें प्रशिक्षित गठित टीमें जांच कर रही हैं। यह दिन आगामी 100 दिन यानी तीन माह में चलेगा। उन्होंने बताया कि अभियान को चलते हुए एक माह बीत चुका है। इस दौरान मध्यम, कुपोषित व अति कुपोषित श्रेणी में मिले 62,010 लोगों में से 42,776 लोगों को इलाज शुरू करवा दिया गया है। इसके अलावा इनमें से 3,199 लोगों को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
एनीमिया के लक्षण व बचाव
डीएमईओ अजय ने बताया कि जल्दी थक जाना व सांस फूलना, सुस्ती व नींद आते रहना, जल्दी-जल्दी बीमार पड़ना, पढ़ाई, खेल-कूद व अन्य कार्याें में मन न लगना, भूख न लगना, चक्कर आना, जीभ, हथेलियों व आंखों में सफेदपन आना लक्षणों में शामिल हैं। वहीं एनीमिया मिलने पर आयरन की गोली व सिरप की आयु वर्ग अनुसार निर्धारित खुराक लें, आंत के कीड़ों के लिए हर छह माह में एल्बेंडाजोल की गोली लें, खून में हीमोग्लोबिन के स्तर की जांच व उपचार करवाएं, रोजाना हरी सब्जियां, फल, अनाज और दालें खाने व व्यायाम से एनीमिया को दूर किया जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में एनीमिया मुक्त भारत अभियान को एक माह पूरा हो चुका है। इस दौरान अभी तक 1,16,721 लोगों ने हीमोग्लोबिन यानी खून की जांच कराई है। इनमें से 62,010 लोगों में खून की कमी मिली है। इनमें 23,916 लोगों में मध्यम, 36,067 लोग कुपोषित व 2027 लोग अति कुपोषित श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। जो स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
उप-सिविल सर्जन डॉ. सरोज ने बताया कि एनीमिया मुक्त हरियाणा के तहत जिलेभर के नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सब सेंटर व आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें प्रशिक्षित गठित टीमें जांच कर रही हैं। यह दिन आगामी 100 दिन यानी तीन माह में चलेगा। उन्होंने बताया कि अभियान को चलते हुए एक माह बीत चुका है। इस दौरान मध्यम, कुपोषित व अति कुपोषित श्रेणी में मिले 62,010 लोगों में से 42,776 लोगों को इलाज शुरू करवा दिया गया है। इसके अलावा इनमें से 3,199 लोगों को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
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एनीमिया के लक्षण व बचाव
डीएमईओ अजय ने बताया कि जल्दी थक जाना व सांस फूलना, सुस्ती व नींद आते रहना, जल्दी-जल्दी बीमार पड़ना, पढ़ाई, खेल-कूद व अन्य कार्याें में मन न लगना, भूख न लगना, चक्कर आना, जीभ, हथेलियों व आंखों में सफेदपन आना लक्षणों में शामिल हैं। वहीं एनीमिया मिलने पर आयरन की गोली व सिरप की आयु वर्ग अनुसार निर्धारित खुराक लें, आंत के कीड़ों के लिए हर छह माह में एल्बेंडाजोल की गोली लें, खून में हीमोग्लोबिन के स्तर की जांच व उपचार करवाएं, रोजाना हरी सब्जियां, फल, अनाज और दालें खाने व व्यायाम से एनीमिया को दूर किया जा सकता है।
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