{"_id":"6a8b5965771592f9d5049657","slug":"aluminum-curbs-transformer-theft-a-karnal-news-c-18-agr1041-973013-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: एल्युमिनियम ने लगाई ट्रांसफार्मर चोरी पर लगाम - A","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: एल्युमिनियम ने लगाई ट्रांसफार्मर चोरी पर लगाम - A
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। बिजली निगम के ट्रांसफार्मरों से चोरी की घटनाएं घटी हैं। तांबे की जगह एल्युमिनियम वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाने को इसका बड़ा कारण माना जा रहा है। इस बदलाव के बाद चोरी की घटनाओं में करीब 15 फीसदी तक कमी आई है। पहले तांबे की कॉइल और अन्य धातु के पुर्जों के लालच में ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाया जाता था। अब एल्युमिनियम की कीमत कम होने के कारण चोरों के लिए पहले जैसा आर्थिक लाभ नहीं रह गया है।
बिजली निगम के पिछले पांच के आंकड़े इस बारे में बताते हैं। क्षेत्र में एक साल में औसतन 654 ट्रांसफार्मर चोरी होते थे। दो साल पहले एल्युमिनियम कॉइल वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद इसमें कमी आई। 15 फीसदी की कमी को आधार माना जाए तो करीब 98 ट्रांसफार्मर की चोरी कम हुई है। पुराने ट्रांसफार्मरों में तांबे की कॉइल चोरों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण होती थी। खासकर खेतों, ग्रामीण क्षेत्रों और सुनसान जगहों पर लगे ट्रांसफार्मरों को रात के समय निशाना बनाया जाता था।
नए ट्रांसफार्मरों में एल्युमिनियम के इस्तेमाल से चोरी करने वालों के लिए पुराने ट्रांसफार्मरों जैसा आर्थिक आकर्षण नहीं रहा। हालांकि एल्युमिनियम वाले ट्रांसफार्मर चोरी से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन शुरुआती आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि ट्रांसफार्मर में इस्तेमाल होने वाली धातु बदलने से चोरी के पीछे का आर्थिक गणित प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
एक चोरी में ट्रांसफार्मर ही नहीं, बिजली भी जाती है
ट्रांसफार्मर चोरी होने का नुकसान सिर्फ उपकरण तक सीमित नहीं रहता। चोर कई बार मौके पर ही ट्रांसफार्मर तोड़कर कॉइल निकालते हैं, जिससे तेल फैलने और दूसरे हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। इसके बाद निगम को नया ट्रांसफार्मर लगाने, लाइन दुरुस्त करने और आपूर्ति बहाल करने में अतिरिक्त समय और संसाधन लगाने पड़ते हैं। इस लिहाज से चोरी में करीब 15 फीसदी की कमी को मामूली नहीं माना जा सकता। निगम के लिए सिर्फ चोरी के मामले ही कम नहीं हुए, बल्कि करीब 98 मामलों में ट्रांसफार्मर बदलने, आपूर्ति बहाल करने और संबंधित मरम्मत का अतिरिक्त बोझ भी टला है।
धातु बदलने का असर दिख रहा
बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह के अनुसार, ट्रांसफार्मरों में एल्युमिनियम के इस्तेमाल से चोरी की घटनाओं में कमी देखने को मिली है। पहले कॉपर की वजह से चोरों के लिए ट्रांसफार्मर अधिक आकर्षक थे। अब एल्युमिनियम वाले ट्रांसफार्मरों में उन्हें पहले जैसा आर्थिक लाभ नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि एल्युमिनियम का थोक भाव लगभग 350 से 357 रुपये प्रति किलो और कॉपर (तांबा) का भाव लगभग 1,130 से 1,280 रुपये प्रति किलो है।
विज्ञापन
बिजली निगम के पिछले पांच के आंकड़े इस बारे में बताते हैं। क्षेत्र में एक साल में औसतन 654 ट्रांसफार्मर चोरी होते थे। दो साल पहले एल्युमिनियम कॉइल वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद इसमें कमी आई। 15 फीसदी की कमी को आधार माना जाए तो करीब 98 ट्रांसफार्मर की चोरी कम हुई है। पुराने ट्रांसफार्मरों में तांबे की कॉइल चोरों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण होती थी। खासकर खेतों, ग्रामीण क्षेत्रों और सुनसान जगहों पर लगे ट्रांसफार्मरों को रात के समय निशाना बनाया जाता था।
विज्ञापन
नए ट्रांसफार्मरों में एल्युमिनियम के इस्तेमाल से चोरी करने वालों के लिए पुराने ट्रांसफार्मरों जैसा आर्थिक आकर्षण नहीं रहा। हालांकि एल्युमिनियम वाले ट्रांसफार्मर चोरी से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन शुरुआती आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि ट्रांसफार्मर में इस्तेमाल होने वाली धातु बदलने से चोरी के पीछे का आर्थिक गणित प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
एक चोरी में ट्रांसफार्मर ही नहीं, बिजली भी जाती है
ट्रांसफार्मर चोरी होने का नुकसान सिर्फ उपकरण तक सीमित नहीं रहता। चोर कई बार मौके पर ही ट्रांसफार्मर तोड़कर कॉइल निकालते हैं, जिससे तेल फैलने और दूसरे हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। इसके बाद निगम को नया ट्रांसफार्मर लगाने, लाइन दुरुस्त करने और आपूर्ति बहाल करने में अतिरिक्त समय और संसाधन लगाने पड़ते हैं। इस लिहाज से चोरी में करीब 15 फीसदी की कमी को मामूली नहीं माना जा सकता। निगम के लिए सिर्फ चोरी के मामले ही कम नहीं हुए, बल्कि करीब 98 मामलों में ट्रांसफार्मर बदलने, आपूर्ति बहाल करने और संबंधित मरम्मत का अतिरिक्त बोझ भी टला है।
धातु बदलने का असर दिख रहा
बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह के अनुसार, ट्रांसफार्मरों में एल्युमिनियम के इस्तेमाल से चोरी की घटनाओं में कमी देखने को मिली है। पहले कॉपर की वजह से चोरों के लिए ट्रांसफार्मर अधिक आकर्षक थे। अब एल्युमिनियम वाले ट्रांसफार्मरों में उन्हें पहले जैसा आर्थिक लाभ नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि एल्युमिनियम का थोक भाव लगभग 350 से 357 रुपये प्रति किलो और कॉपर (तांबा) का भाव लगभग 1,130 से 1,280 रुपये प्रति किलो है।