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गर्मी से एलर्जी और आईफ्लू के मरीज चार गुना बढ़े

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2022 02:24 AM IST
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Allergy and Iflu patients increased four times due to heat
नागरिक अस्पताल में महिला की आंखो की जांच करती डा. नीतिका भटनागर। संवाद
अनुज शर्मा
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करनाल। तेज धूप और गर्मी ने नेत्र रोगियों की संख्या चार गुना बढ़ा दी है। आंखों में एलर्जी और आई फ्लू के मरीज अस्पतालों में ज्यादा आने लगे हैं। वहीं तेज धूप के कारण आंखों में सूखापन की समस्या भी होने लगी है।
जिला नागरिक अस्पताल में जहां आंख के रोगियों की संख्या आम दिनों में 60 से 70 हुआ करती थी। वह अब 180 से 200 तक पहुंच गई है। इन रोगियों में 25 प्रतिशत यानी 50 के करीब मरीज बच्चे हैं। डॉक्टर सभी को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं, चूंकि धूप आंखों को बहुत नुकसान पहुंचाती है। अगर इसके साथ धूल भरे कण आंखों में चले जाते हैं तो वे काफी नुकसान पहुंचाते हैं। इस समय नागरिक अस्पताल में आंखों में पानी आना, चुभन होना और आंखों में लालपन होने वाले मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस समस्या का मुख्य कारण तेज धूप में घूमना और धूल भरे कण आंखों में जाना है।
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आंखों को कदापि न मलें
जिला नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीतिका भटनागर ने बताया कि अधिक गर्मी में आंखों में एलर्जी हो जाती है। इसके बचाव के लिए आंखों को कदापि न मलें और पहले ठंडे पानी से आंखों को धोएं। उसके बाद भी कोई परेशानी आती है तो इसमें जरा भी लापरवाही न बरतते हुए नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। तेज धूप और उसमें से निकलने वाली अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से आंखों का बचाव भी बेहद जरूरी है। सूरज की अल्ट्रा वॉयलेट किरणें आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए घर से बाहर निकलते समय धूप के चश्मे जरूर पहनें। सन ग्लास जहां धूल के कण को आंखों में जाने से रोकता है, वहीं सूरज की अल्ट्रा किरणों से भी काफी हद तक बचाव करता है।
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चिकित्सक की सलाह के बिना न लें दवाई
आंख में एलर्जी, खुजली और आंसू सूख रहे हैं तो खुद दवा न खरीदें। पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ से आंखों को दिखाएं और उनकी सलाह से दवाइयां लें, चूंकि शरीर के सबसे नरम अंग आंखें होती हैं। बिना सलाह के आंखों में दवाई डालना या लेना घातक हो सकता है।
- डॉ. नीतिका भटनागर, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल
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