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Karnal News: कृषि विशेषज्ञों ने सीखे पदप रोग विज्ञान के गुर
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) करनाल में गेहूं व जौ में फसल सुरक्षा परीक्षणों में एकरूप आंकडे दर्ज करने व उन्हें रिपोर्ट करने पर प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने पादप रोग विज्ञान के गुर सीखे। ताकि वह इसकी पहचान कर सके।
प्रशिक्षण के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान,करनाल के कार्यवाहक निदेशक डॉ.ओम प्रकाश अहलावत ने कहा कि अखिल भारतीय समन्वित गेहूं व जौ अनुसंधान परियोजना के फसल सुरक्षा कार्यक्रम से हाल-फिलहाल में जुड़े प्रशिक्षण में आए वैज्ञानिक निश्चित ही लाभांवित हुए हैं। नई प्रजातियों विशेषत: रोगों व कीडों के लिए प्रतिरोधी किस्मों के प्रजनन कार्यक्रम को मजबूती देगी, जिसके फलस्वरूप नई रोगरोधी किस्मों के द्वारा किसानो की आमदनी में बढोतरी होगी।
प्रशिक्षण लेने वाले वैज्ञानिकों ने भी अपने विचार रखे। सभी प्रशिक्षु वैज्ञानिकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कोर्स-डायरेक्टर डॉ प्रदीप शर्मा ने संस्थान के निदेशक, वक्ताओं, प्रतिभागियों का प्रशिक्षण के दौरान मिले सहयोग की सराहना करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में हुई गतिविधियों का ब्यौरा दिया। कोर्स-समन्वयक डॉ.पीएल कश्यप व डॉ.रविंद्र कुमार ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ भूदेव सिंह त्यागी, डॉ सुनील कुमार, चुनी लाल आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ गरिमा सिंगरोहा ने किया।
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करनाल। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) करनाल में गेहूं व जौ में फसल सुरक्षा परीक्षणों में एकरूप आंकडे दर्ज करने व उन्हें रिपोर्ट करने पर प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने पादप रोग विज्ञान के गुर सीखे। ताकि वह इसकी पहचान कर सके।
प्रशिक्षण के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान,करनाल के कार्यवाहक निदेशक डॉ.ओम प्रकाश अहलावत ने कहा कि अखिल भारतीय समन्वित गेहूं व जौ अनुसंधान परियोजना के फसल सुरक्षा कार्यक्रम से हाल-फिलहाल में जुड़े प्रशिक्षण में आए वैज्ञानिक निश्चित ही लाभांवित हुए हैं। नई प्रजातियों विशेषत: रोगों व कीडों के लिए प्रतिरोधी किस्मों के प्रजनन कार्यक्रम को मजबूती देगी, जिसके फलस्वरूप नई रोगरोधी किस्मों के द्वारा किसानो की आमदनी में बढोतरी होगी।
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प्रशिक्षण लेने वाले वैज्ञानिकों ने भी अपने विचार रखे। सभी प्रशिक्षु वैज्ञानिकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कोर्स-डायरेक्टर डॉ प्रदीप शर्मा ने संस्थान के निदेशक, वक्ताओं, प्रतिभागियों का प्रशिक्षण के दौरान मिले सहयोग की सराहना करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में हुई गतिविधियों का ब्यौरा दिया। कोर्स-समन्वयक डॉ.पीएल कश्यप व डॉ.रविंद्र कुमार ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ भूदेव सिंह त्यागी, डॉ सुनील कुमार, चुनी लाल आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ गरिमा सिंगरोहा ने किया।
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