फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   After the meter burnt, the electricity corporation sent a wrong bill of Rs 43432 to the consumer, the consumer commission put a stay on it.

Karnal News: मीटर जलने के बाद बिजली निगम ने उपभोक्ता को भेजा 43432 रुपये गलत बिल, उपभोक्ता आयोग ने लगाई रोक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:47 AM IST
विज्ञापन
After the meter burnt, the electricity corporation sent a wrong bill of Rs 43432 to the consumer, the consumer commission put a stay on it.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, करनाल ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में बड़ी खामी पाकर एक उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाया है। आयोग ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को आदेश दिया है कि वह उपभोक्ता से विवादित बिल की राशि और उस पर लगे सरचार्ज की वसूली बंद कर दे। इसके अलावा उपभोक्ता ने जो बिल इस अवधि में जमा करवाया है। उसे उपभोक्ता के बिल में समायोजित करे।
शिकायतकर्ता खेड़ा गांव निवासी ऋषि पाल ने बताया कि 2020 में उनके घर के बाहर लगे बिजली मीटर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी। बिजली निगम ने मीटर
तो बदल दिया, लेकिन फरवरी 2022 में उपभोक्ता को अचानक 43432 रुपये बिल भेज दिया। शिकायतकर्ता का तर्क था कि वह नियमित रूप से अपने बिलों का भुगतान कर रहे थे और नया बिल उनकी वास्तविक खपत से कहीं अधिक था। शिकायत के बाद उपभोक्ता आयोग के नोटिस दिए जाने के बावजूद बिजली निगम की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ और न ही विभाग ने अपना पक्ष रखा। इस पर आयोग ने विपक्षी पक्ष (उतर हरियाणा बिजली वितरण निगम) के अनुपस्थित रहने के कारण एकपक्षीय (एक्सपार्टी) घोषित कर दिया।
विज्ञापन

20,586 रुपये जमा किए थे उपभोक्ता ने
आयोग ने शिकायतकर्ता के सबूतों को सही मानते हुए मामले में एकतरफा कार्यवाही की। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के पिछले आदेशों के अनुपालन में उपभोक्ता ने 20,586 रुपये जमा किए थे। आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि बिजली निगम विवादित बिल राशि और उस पर लगे किसी भी तरह के सरचार्ज को वसूल नहीं सकता। वहीं उपभोक्ता की ओर से जमा कराए गए 20,586 रुपये को उनके भविष्य के बिजली बिलों के खाते में समायोजित किया जाए। इसके लिए आयोग ने विभाग को आदेश जारी होने के बाद से 45 दिन का समय दिया है। आयोग के इस फैसले से उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है जो विभाग की तकनीकी गलतियों के कारण भारी बिलों का सामना करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed