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Karnal News: सीएम सिटी के बाद करनाल को एक और मंत्री मिलने की उम्मीद
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- जगमोहन आनंद, हरविंद्र कल्याण और राम कुमार कश्यप के नाम पर हो रही चर्चाएं
देव शर्मा
करनाल। पिछले 10 सालों से लगातार करनाल सीएम सिटी रही है। अब जिले ने फिर भाजपा को बड़ी जीत देते हुए पांचों सीटों पर भगवा फहराया है, ऐसे में जिले की हरियाणा की नवगठित सरकार में हिस्सेदारी तय मानी जा रही है। पांचों विधायकों में से किसे मंत्री बनाया जाएगा, इसके लिए चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। विधायकों ने भी सांगठनिक तौर पर दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है, हालांकि करनाल से कौन विधायक सरकार के मंत्रिमंडल में जाएगा, इसे तय करने में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की भूमिका अहम मानी जा रही है।
करनाल सीट की बात करें तो इस सीट पर जगमोहन आनंद के रूप में नया चेहरा पहली बार विधानसभा चुनाव में उतारा गया था जिन्होंने जिले में सर्वाधिक मतों से जीत दर्ज की। जगमोहन आनंद, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के करीबी तो हैं ही, साथ ही पंजाबी बिरादरी से भी हैं, जो बड़ी बिरादरियों में शुमार है और करनाल सहित जिले की अन्य सीटों पर भाजपा को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाती है। हालांकि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल भी पंजाबी बिरादरी से ही हैं, जो करनाल से सांसद भी हैं।
राजनीतिक जानकार प्रो. जोगिंद्र मदान कहते हैं कि जगमोहन आनंद भले ही पहली बार चुनाव जीते हैं लेकिन करनाल राजनीति का केंद्र रहा है, मनोहर लाल केंद्र की राजनीति में चले गए हैं, इसलिए करनाल में एक कैबिनेट स्तर का मंत्री दिया जा सकता है। यही कारण है कि जगमोहन आनंद की दावेदारी प्रबल मानी जा सकती है।
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इधर, घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण ने हैट्रिक लगाई है, वह भी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के करीबी हैं और उन्हें पिछले दो सियासी पारियों का अनुभव भी है। उन्होंने एक ही सीट पर लगातार तीन बार जीत हासिल करके अपना राजनीतिक कौशल साबित भी किया है। सियासी रणनीतिकार हरविंद्र कल्याण का भी मंत्री पद पर दावा मजबूत मानते हैं। इसके अलावा इंद्री के विधायक राम कुमार कश्यप भी लगातार दूसरी बार जीतने वाले विधायक हैं। भले ही वह उम्रदराज हैं लेकिन उनका राजनीतिक अनुभव भी अच्छा खासा है। वह भी एक बड़ी बिरादरी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी भी दूसरी बार विधायक बने हैं।
कुल मिलाकर विधायक चुने जाने के बाद अब नई सरकार का गठन होना है, इसके लिए मंत्री पद की दौड़ शुरू हो गई है। नवनिर्वाचित विधायकों ने अभी खुलकर तो दावा नहीं किया लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसके लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय नेताओं से विधायकों ने मंत्री बनाने के लिए संपर्क साधना शुरू कर दिया है। ये विधायक ये भी चाहते हैं कि जब मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण करें, उन्हीं के साथ उन्हें भी शपथ ग्रहण कराई जाए। फिलहाल अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है कि कौन-कौन मंत्री बनेगा लेकिन क्षेत्र में ये चर्चाएं तेज हैं।
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देव शर्मा
करनाल। पिछले 10 सालों से लगातार करनाल सीएम सिटी रही है। अब जिले ने फिर भाजपा को बड़ी जीत देते हुए पांचों सीटों पर भगवा फहराया है, ऐसे में जिले की हरियाणा की नवगठित सरकार में हिस्सेदारी तय मानी जा रही है। पांचों विधायकों में से किसे मंत्री बनाया जाएगा, इसके लिए चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। विधायकों ने भी सांगठनिक तौर पर दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है, हालांकि करनाल से कौन विधायक सरकार के मंत्रिमंडल में जाएगा, इसे तय करने में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की भूमिका अहम मानी जा रही है।
करनाल सीट की बात करें तो इस सीट पर जगमोहन आनंद के रूप में नया चेहरा पहली बार विधानसभा चुनाव में उतारा गया था जिन्होंने जिले में सर्वाधिक मतों से जीत दर्ज की। जगमोहन आनंद, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के करीबी तो हैं ही, साथ ही पंजाबी बिरादरी से भी हैं, जो बड़ी बिरादरियों में शुमार है और करनाल सहित जिले की अन्य सीटों पर भाजपा को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाती है। हालांकि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल भी पंजाबी बिरादरी से ही हैं, जो करनाल से सांसद भी हैं।
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राजनीतिक जानकार प्रो. जोगिंद्र मदान कहते हैं कि जगमोहन आनंद भले ही पहली बार चुनाव जीते हैं लेकिन करनाल राजनीति का केंद्र रहा है, मनोहर लाल केंद्र की राजनीति में चले गए हैं, इसलिए करनाल में एक कैबिनेट स्तर का मंत्री दिया जा सकता है। यही कारण है कि जगमोहन आनंद की दावेदारी प्रबल मानी जा सकती है।
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इधर, घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण ने हैट्रिक लगाई है, वह भी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के करीबी हैं और उन्हें पिछले दो सियासी पारियों का अनुभव भी है। उन्होंने एक ही सीट पर लगातार तीन बार जीत हासिल करके अपना राजनीतिक कौशल साबित भी किया है। सियासी रणनीतिकार हरविंद्र कल्याण का भी मंत्री पद पर दावा मजबूत मानते हैं। इसके अलावा इंद्री के विधायक राम कुमार कश्यप भी लगातार दूसरी बार जीतने वाले विधायक हैं। भले ही वह उम्रदराज हैं लेकिन उनका राजनीतिक अनुभव भी अच्छा खासा है। वह भी एक बड़ी बिरादरी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी भी दूसरी बार विधायक बने हैं।
कुल मिलाकर विधायक चुने जाने के बाद अब नई सरकार का गठन होना है, इसके लिए मंत्री पद की दौड़ शुरू हो गई है। नवनिर्वाचित विधायकों ने अभी खुलकर तो दावा नहीं किया लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसके लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय नेताओं से विधायकों ने मंत्री बनाने के लिए संपर्क साधना शुरू कर दिया है। ये विधायक ये भी चाहते हैं कि जब मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण करें, उन्हीं के साथ उन्हें भी शपथ ग्रहण कराई जाए। फिलहाल अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है कि कौन-कौन मंत्री बनेगा लेकिन क्षेत्र में ये चर्चाएं तेज हैं।