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Karnal News: शहर में 23 साइटों पर विज्ञापन वैध, 407 जगह अवैध
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मोडल टॉउन में लगा अवैध होलडींग। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में अवैध विज्ञापन और होर्डिंग्स का जाल इस कदर फैल चुका है कि न केवल निगम को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, बल्कि यह राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। निगम के रिकॉर्ड में शहर में सिर्फ 23 वैध साइटों पर विज्ञापन हैं। नगर निगम की जांच में 407 से अधिक विज्ञापन साइट अवैध मिली हैं।
निगम की ओर से इनको नोटिस तक जारी कर जुर्माना लगाने की बात कही जा रही है लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। निगम की अन्य 61 वैध विज्ञापन साइटें अभी भी खाली पड़ी हैं। इनसे निगम को कोई राजस्व नहीं मिल रहा है। अवैध होर्डिंग्स से निगम की आय पर सीधा असर पड़ रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी खाली साइटों की ऑनलाइन प्रणाली से किराए पर देने की व्यवस्था की जा रही है।
शहर के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों के किनारे खड़े बड़े-बड़े यूनिपोल राहगीरों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। इनमें से कुछ जर्जर हो चुके हैं। कुछ वाणिज्यिक इमारतों ने खुद के विज्ञापन पोल खड़े कर लिए हैं। तेज हवा या खराब मौसम में इनके गिरने का डर बना रहता है। कई बार मुख्य मार्गों पर विज्ञापन से वाहन चालक का ध्यान बंट जाता है और हादसा हो जाता है।
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जीटी रोड पर होटलों के बाहर बड़े-बड़े यूनीपोल
शहर में जीटी रोड पर कई ढाबों, होटलों के बाहर बड़े-बड़े यूनिपोल लगे हैं। एनएचएआई के कई यूनिपोल जंग खा चुके थे। सेक्टर-12 के मुख्य रास्ते पर भी अवैध विज्ञापन लगाए गए हैं। निर्मल कुटिया से लेकर अंबेडकर चौक तक कई जगहों पर अवैध विज्ञापन हैं। एनडीआरआई चौक से बलडी की ओर निगम की कुछ वैध साइटें भी हैं लेकिन बलड़ी मोड के पास अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल लगे हैं। पुराने बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन तक जाने वाले रास्ते पर भी होर्डिंग्स की भरमार है। शहर के सबसे मुख्य रास्तों में से एक मेरठ रोड पर भी अवैध विज्ञापनों का जाल फैल चुका है।
सेक्टर-12 निवासी अजीत, सेक्टर-6 निवासी रवि, प्रेम नगर निवासी विशाल ने बताया कि शहर में लगने वाले अवैध होर्डिंग्स शहर की सुंदरता को खराब कर रहे हैं। ये लोगों के लिए आफत बन चुके हैं। इनसे रास्ते पर चलने वाले लोग भ्रमित हो जाते हैं और दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। इन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
-- -- -- -- -- -- -- शहर में 407 जगहों पर अवैध विज्ञापन लगे मिले हैं। इनको नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इन पर दस हजार रुपये प्रति नोटिस के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है। हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इनको नहीं हटाया गया तो कार्रवाई करेंगे। - दीपक कुमार, कनिष्ठ अभियंता, नगर निगम
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करनाल। शहर में अवैध विज्ञापन और होर्डिंग्स का जाल इस कदर फैल चुका है कि न केवल निगम को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, बल्कि यह राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। निगम के रिकॉर्ड में शहर में सिर्फ 23 वैध साइटों पर विज्ञापन हैं। नगर निगम की जांच में 407 से अधिक विज्ञापन साइट अवैध मिली हैं।
निगम की ओर से इनको नोटिस तक जारी कर जुर्माना लगाने की बात कही जा रही है लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। निगम की अन्य 61 वैध विज्ञापन साइटें अभी भी खाली पड़ी हैं। इनसे निगम को कोई राजस्व नहीं मिल रहा है। अवैध होर्डिंग्स से निगम की आय पर सीधा असर पड़ रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी खाली साइटों की ऑनलाइन प्रणाली से किराए पर देने की व्यवस्था की जा रही है।
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शहर के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों के किनारे खड़े बड़े-बड़े यूनिपोल राहगीरों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। इनमें से कुछ जर्जर हो चुके हैं। कुछ वाणिज्यिक इमारतों ने खुद के विज्ञापन पोल खड़े कर लिए हैं। तेज हवा या खराब मौसम में इनके गिरने का डर बना रहता है। कई बार मुख्य मार्गों पर विज्ञापन से वाहन चालक का ध्यान बंट जाता है और हादसा हो जाता है।
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जीटी रोड पर होटलों के बाहर बड़े-बड़े यूनीपोल
शहर में जीटी रोड पर कई ढाबों, होटलों के बाहर बड़े-बड़े यूनिपोल लगे हैं। एनएचएआई के कई यूनिपोल जंग खा चुके थे। सेक्टर-12 के मुख्य रास्ते पर भी अवैध विज्ञापन लगाए गए हैं। निर्मल कुटिया से लेकर अंबेडकर चौक तक कई जगहों पर अवैध विज्ञापन हैं। एनडीआरआई चौक से बलडी की ओर निगम की कुछ वैध साइटें भी हैं लेकिन बलड़ी मोड के पास अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल लगे हैं। पुराने बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन तक जाने वाले रास्ते पर भी होर्डिंग्स की भरमार है। शहर के सबसे मुख्य रास्तों में से एक मेरठ रोड पर भी अवैध विज्ञापनों का जाल फैल चुका है।
सेक्टर-12 निवासी अजीत, सेक्टर-6 निवासी रवि, प्रेम नगर निवासी विशाल ने बताया कि शहर में लगने वाले अवैध होर्डिंग्स शहर की सुंदरता को खराब कर रहे हैं। ये लोगों के लिए आफत बन चुके हैं। इनसे रास्ते पर चलने वाले लोग भ्रमित हो जाते हैं और दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। इन पर कार्रवाई होनी चाहिए।