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जाट सभा के सदस्यों की वैधता की जांच करेंगे एडीसी करनाल : संधू
Sun, 26 Oct 2025 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 26 Oct 2025 02:01 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जाट सभा में अवैध तरीके से बने 1239 सदस्यों की सदस्यता रजिस्ट्रार जनरल की ओ से रद्द कर दी गई है। अन्य अवैध सदस्यों और सभा की ओर से किए गए अनुचित कार्यों की जांच एडीसी करनाल करेंगे। ये बात जाट सभा के संस्थापक महासचिव शमशेर संधू और सुरजीत संधू गगसीना ने कही। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रार जर्नल फर्म एंड सोसाइटी ने पाल संधू की शिकायत पर एक आदेश पारित किया। जिसमें सदस्यों की सदस्यता और कार्यों की पूर्ण जांच करके 30 दिन के अंदर रजिस्ट्रार जनरल के पास भेजने का आदेश दिया और जिला रजिस्ट्रार को भी आदेश दिया कि जल्द से जल्द जाट सभा का सारा रिकार्ड संबंधित जांच अधिकारी को सौंप दिया जाए ताकि जांच समय पर पूरी हो सके।
उन्होंने बताया कि कि काफी समय से जाट सभा के सदस्यों की सदस्यता को लेकर पिछले कई साल से मामले अलग-अलग कोटों में विचाराधीन है। इससे पहले इसकी जांच हाई कोर्ट चंडीगढ़ द्वारा जिला रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी करनाल को दी गई थी। इसको करीबन एक साल तक जिला रजिस्ट्रार द्वारा लंबित रखा गया सिर्फ 126 सदस्यों की सदस्यता रद्द की गई जबकि सैकड़ों सदस्य अवैध तरीके से बनाए गए हैं।
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करनाल। जाट सभा में अवैध तरीके से बने 1239 सदस्यों की सदस्यता रजिस्ट्रार जनरल की ओ से रद्द कर दी गई है। अन्य अवैध सदस्यों और सभा की ओर से किए गए अनुचित कार्यों की जांच एडीसी करनाल करेंगे। ये बात जाट सभा के संस्थापक महासचिव शमशेर संधू और सुरजीत संधू गगसीना ने कही। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रार जर्नल फर्म एंड सोसाइटी ने पाल संधू की शिकायत पर एक आदेश पारित किया। जिसमें सदस्यों की सदस्यता और कार्यों की पूर्ण जांच करके 30 दिन के अंदर रजिस्ट्रार जनरल के पास भेजने का आदेश दिया और जिला रजिस्ट्रार को भी आदेश दिया कि जल्द से जल्द जाट सभा का सारा रिकार्ड संबंधित जांच अधिकारी को सौंप दिया जाए ताकि जांच समय पर पूरी हो सके।
उन्होंने बताया कि कि काफी समय से जाट सभा के सदस्यों की सदस्यता को लेकर पिछले कई साल से मामले अलग-अलग कोटों में विचाराधीन है। इससे पहले इसकी जांच हाई कोर्ट चंडीगढ़ द्वारा जिला रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी करनाल को दी गई थी। इसको करीबन एक साल तक जिला रजिस्ट्रार द्वारा लंबित रखा गया सिर्फ 126 सदस्यों की सदस्यता रद्द की गई जबकि सैकड़ों सदस्य अवैध तरीके से बनाए गए हैं।
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