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खुले फाटक में हो रही शंटिंग, बच्चे के साथ बाइक पर गुजर रहा दंपती चपेट में आया, मालगाड़ी में फंसी बाइक
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accident
- फोटो : Yamuna Nagar
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रेलवे फाटक पर उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब बैक हो रही मालगाड़ी की चपेट में एक बाइक सवार दंपती और उनका तीन वर्षीय बेटा चपेट में आ गए। गनीमत रही कि वहां मौजूद लोगों ने यह सब देखकर चिल्लाकर ट्रेन के चालक को सचेत कर दिया। जिसके बाद चालक ने ट्रेन रोक दी। हादसा जगाधरी रेलवे वर्कशॉप की यार्ड लाइन गांव मुंडेबरी के फाटक पर हुआ। मालगाड़ी वर्कशॉप से यार्ड में सैंट की जा रही थी। दंपती बच्चे की दवा लेकर अपने घर गांव हरनौल जा रहे थे। हादसे में पति-पत्नी ट्रैक के बीच आ गए। जबकि पिता ने बच्चे को ट्रैक के बाहर फेंक दिया। हादसे में तीनों की जान बच गई, लेकिन दंपती के पैर व घुटने में गंभीर चोटें आईं हैं। वहीं बाइक चकनाचूर हो गई। हादसे के बाद मौके पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। वहां पहुंचे रेलवे कर्मचारियों से जब लोगों ने इस बारे कहा, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी ड्यूटी नहीं है। लोगों ने पीड़ित के परिजनों को फोन किया। वे मौके पर पहुंचे और उनकी मरहम पट्टी करवा घर ले गए।
हरनौल निवासी रवि कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी मधु के साथ तीन वर्षीय बेटे हरमन की दवा लेने यमुनानगर आए थे। अस्पताल से दवा लेकर घर लौटते समय उसने मुंडेबरी का फाटक खुला देखा तो उसने बाइक उधर घुमा ली। फाटक खुला हुआ था, तो वह सीधे ही फाटक पार करने लगा। तभी बैक हो रही बिना ओपन मालगाड़ी उनके पास पहुंच गई। वह जोर से चिलाया और गाड़ी ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही उसने बेटे को पकड़कर अपने से दूर फेंक दिया। इस दौरान वह और उसकी पत्नी ट्रैक के बीच गिर गए। तभी आसपास के लोग पहुंच गए। उन्होंने चिल्लाकर चालक को रूकने का इशारा किया। भीड़ देखकर चालक रुक गया। लोगों ने उन्हें गाड़ी के नीचे से निकाला और उनके परिजनों को फोन किया। परिजन उन्हें लेकर आए। इस हादसे में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। लेकिन बाइक दंपति के पैर व घुटनों पर चोट आई है। जबकि बाइक चकनाचूर हो गई। हादसे के बाद जमा हुए ग्रामीणों ने जब वहां तैनात रहने वाले रेलवे कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह इसमें क्या कर सकते हैं। यह उनकी ड्यूटी नहीं है। मुंडेबरी गांव के लोगों का कहना है कि यह रोज की बात हो गई। कोई न कोई हादसा होता रहता है।
ट्रैक के बीच होने से बचा दंपती , फेंककर बच्चे को बचाया, गुजर गए चार डिब्बे
रवि कुमार ने बताया कि टक्कर लगते ही वे गिर गए। मौत सामने देख उसने बेटों की जिंदगी बचाने के लिए उसे एक ट्रैक के बाहर फेंक दिया। जबकि वह पत्नी के साथ ट्रैक के बीच गिर गया। बाइक उनके पीछे गाड़ी में फंसी हुई थी। गाड़ी चलती जा रही थी और बाइक से चिंगारियां उठ रही थीं। वे दोनों ट्रैक के बीच थे उनके ऊपर से ट्रेन के चार डिब्बे गुजर गए। वे ट्रैक के बीच थे और ईश्वर की कृपा थी जो वे बच गए। उन्होंने आज स्वयं को मौत को स्वयं से एक कदम दूर खड़े थे।
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हादसा देखकर कर्मचारियों ने बंद किया फाटक
रेलवे फाटक खुला था। इसलिए रवि बिना इधर-उधर देखे वहां से गुजर रहा था। जैसे ही हादसा हुआ लोगों के साथ रेलवे कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। उन्होंने तुरंत फाटक बंद कर दिया। मुंडेबरी निवासी रवि कुमार, नीरज, शौकत अली, जितेंद्र कुमरा सतीश गोयल, डॉक्टर रणजीत ने बताया कि यह रोज की बात है। कर्मचारी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरते हैं। आज भी फाटक खुला हुआ था। हादसे के बाद कर्मचारियों ने बंद किया। न तो यहां लाइट का बंदोबस्त है और न सुरक्षा के पूरे इंत्तेजाम। गनीमत है कि दंपति व बच्चा सुरक्षित है, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे को यहां पर पुख्ता इंतजाम करवाने चाहिए।
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हरनौल निवासी रवि कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी मधु के साथ तीन वर्षीय बेटे हरमन की दवा लेने यमुनानगर आए थे। अस्पताल से दवा लेकर घर लौटते समय उसने मुंडेबरी का फाटक खुला देखा तो उसने बाइक उधर घुमा ली। फाटक खुला हुआ था, तो वह सीधे ही फाटक पार करने लगा। तभी बैक हो रही बिना ओपन मालगाड़ी उनके पास पहुंच गई। वह जोर से चिलाया और गाड़ी ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही उसने बेटे को पकड़कर अपने से दूर फेंक दिया। इस दौरान वह और उसकी पत्नी ट्रैक के बीच गिर गए। तभी आसपास के लोग पहुंच गए। उन्होंने चिल्लाकर चालक को रूकने का इशारा किया। भीड़ देखकर चालक रुक गया। लोगों ने उन्हें गाड़ी के नीचे से निकाला और उनके परिजनों को फोन किया। परिजन उन्हें लेकर आए। इस हादसे में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। लेकिन बाइक दंपति के पैर व घुटनों पर चोट आई है। जबकि बाइक चकनाचूर हो गई। हादसे के बाद जमा हुए ग्रामीणों ने जब वहां तैनात रहने वाले रेलवे कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह इसमें क्या कर सकते हैं। यह उनकी ड्यूटी नहीं है। मुंडेबरी गांव के लोगों का कहना है कि यह रोज की बात हो गई। कोई न कोई हादसा होता रहता है।
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ट्रैक के बीच होने से बचा दंपती , फेंककर बच्चे को बचाया, गुजर गए चार डिब्बे
रवि कुमार ने बताया कि टक्कर लगते ही वे गिर गए। मौत सामने देख उसने बेटों की जिंदगी बचाने के लिए उसे एक ट्रैक के बाहर फेंक दिया। जबकि वह पत्नी के साथ ट्रैक के बीच गिर गया। बाइक उनके पीछे गाड़ी में फंसी हुई थी। गाड़ी चलती जा रही थी और बाइक से चिंगारियां उठ रही थीं। वे दोनों ट्रैक के बीच थे उनके ऊपर से ट्रेन के चार डिब्बे गुजर गए। वे ट्रैक के बीच थे और ईश्वर की कृपा थी जो वे बच गए। उन्होंने आज स्वयं को मौत को स्वयं से एक कदम दूर खड़े थे।
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हादसा देखकर कर्मचारियों ने बंद किया फाटक
रेलवे फाटक खुला था। इसलिए रवि बिना इधर-उधर देखे वहां से गुजर रहा था। जैसे ही हादसा हुआ लोगों के साथ रेलवे कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। उन्होंने तुरंत फाटक बंद कर दिया। मुंडेबरी निवासी रवि कुमार, नीरज, शौकत अली, जितेंद्र कुमरा सतीश गोयल, डॉक्टर रणजीत ने बताया कि यह रोज की बात है। कर्मचारी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरते हैं। आज भी फाटक खुला हुआ था। हादसे के बाद कर्मचारियों ने बंद किया। न तो यहां लाइट का बंदोबस्त है और न सुरक्षा के पूरे इंत्तेजाम। गनीमत है कि दंपति व बच्चा सुरक्षित है, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे को यहां पर पुख्ता इंतजाम करवाने चाहिए।