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Karnal News: पेटदर्द होने पर अस्पताल पहुंची 14 साल की लड़की पांच माह की गर्भवती मिली
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर के सेक्टर 32-33 थाना क्षेत्र में 14 साल की नाबालिग लड़की पांच माह की गर्भवती मिली है। पेट दर्द की शिकायत के बाद सोमवार को जांच के लिए सिविल अस्पताल में पहुंची तो अल्ट्रासाउंड के दाैरान उसके गर्भवती होने का खुलासा हुआ। पीड़िता की मां की शिकायत पर सेक्टर 32,33 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ पॉक्सो की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 अप्रैल को सुबह उनकी 14 वर्षीय बेटी ने पेट दर्द की शिकायत की। इसके बाद वह उसे करनाल के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद दवा दी और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। मां ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाई गई, उसमें उनकी बेटी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह नाबालिग लड़की को घर ले आईं और उससे इस बारे में पूछा, लेकिन बेटी ने कुछ भी नहीं बताया।
मामले को गंभीर देखते हुए मां अपनी बेटी को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंची, वहां से उन्हें सिविल अस्पताल भेजा गया। इसके बाद 12 अप्रैल को नाबालिग लड़की को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहां लड़की का इलाज चल रहा है। शिकायत में मां ने कहा कि उनकी बेटी ने अब तक यह नहीं बताया कि उसके साथ गलत काम किसने किया।
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बाल कल्याण समिति चेयरमैन के समक्ष भी लड़की के बयान दर्ज हो चुके हैं। सेक्टर 32,33 थाना प्रभारी सतीश ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जल्द आरोपियों की पहचान करके गिरफ्तार किया जाएगा।
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सिविल सर्जन को मेडिकल बोर्ड गठित करके इलाज के लिए लिखा पत्र
बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एडवोकेट चंद्र प्रकाश वर्मा ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला आया था। उन्होंने सिविल सर्जन को मेडिकल बोर्ड गठित करके बच्ची का उचित इलाज करने बारे लिखा है। इसके साथ ही जिला बाल सरंक्षण अधिकारी को भी पत्र लिखा है कि बच्ची को अस्पताल से छुट्टी के बाद घर न भेजा जाए। छुट़्टी के बाद समिति को सूचना दी जाए ताकि आगे बच्ची को कोई दिक्कत न हो, उसके हिसाब से रहने की व्यवस्था की जाए।
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करनाल। शहर के सेक्टर 32-33 थाना क्षेत्र में 14 साल की नाबालिग लड़की पांच माह की गर्भवती मिली है। पेट दर्द की शिकायत के बाद सोमवार को जांच के लिए सिविल अस्पताल में पहुंची तो अल्ट्रासाउंड के दाैरान उसके गर्भवती होने का खुलासा हुआ। पीड़िता की मां की शिकायत पर सेक्टर 32,33 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ पॉक्सो की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 अप्रैल को सुबह उनकी 14 वर्षीय बेटी ने पेट दर्द की शिकायत की। इसके बाद वह उसे करनाल के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद दवा दी और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। मां ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाई गई, उसमें उनकी बेटी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह नाबालिग लड़की को घर ले आईं और उससे इस बारे में पूछा, लेकिन बेटी ने कुछ भी नहीं बताया।
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मामले को गंभीर देखते हुए मां अपनी बेटी को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंची, वहां से उन्हें सिविल अस्पताल भेजा गया। इसके बाद 12 अप्रैल को नाबालिग लड़की को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहां लड़की का इलाज चल रहा है। शिकायत में मां ने कहा कि उनकी बेटी ने अब तक यह नहीं बताया कि उसके साथ गलत काम किसने किया।
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बाल कल्याण समिति चेयरमैन के समक्ष भी लड़की के बयान दर्ज हो चुके हैं। सेक्टर 32,33 थाना प्रभारी सतीश ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जल्द आरोपियों की पहचान करके गिरफ्तार किया जाएगा।
सिविल सर्जन को मेडिकल बोर्ड गठित करके इलाज के लिए लिखा पत्र
बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एडवोकेट चंद्र प्रकाश वर्मा ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला आया था। उन्होंने सिविल सर्जन को मेडिकल बोर्ड गठित करके बच्ची का उचित इलाज करने बारे लिखा है। इसके साथ ही जिला बाल सरंक्षण अधिकारी को भी पत्र लिखा है कि बच्ची को अस्पताल से छुट्टी के बाद घर न भेजा जाए। छुट़्टी के बाद समिति को सूचना दी जाए ताकि आगे बच्ची को कोई दिक्कत न हो, उसके हिसाब से रहने की व्यवस्था की जाए।