{"_id":"81-58829","slug":"Karnal-58829-81","type":"story","status":"publish","title_hn":"वोटों की चिंता छोड़ सरस्वती का जीर्णोद्धार कराएं राजनेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वोटों की चिंता छोड़ सरस्वती का जीर्णोद्धार कराएं राजनेता
Karnal
Updated Sat, 20 Jul 2013 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र। सरस्वती नदी का ये हाल सहन नहीं किया जाएगा। सरकार को सरस्वती नदी का जीर्णोद्धार कराना चाहिए। शहर की बुद्धिजीवी महिलाओं ने अमर उजाला की सराहना करते हुए कहा कि अब उनके मन में भी सरस्वती की सफाई करने का विचार आने लगा है। यहां तक कि महिलाओं ने यह भी कहा कि सरकार इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है कि प्रदेश की महत्वपूर्ण नदी लुप्त होने की कगार पर है। सरकार केवल वोटों के लिए आपस में लड़ रही है। सरकार और विपक्ष को मिलकर सरस्वती नदी का जीर्णोद्धार करने के लिए कदम उठाना चाहिए। यदि कोई भी सरकार सरस्वती नदी की तरफ ध्यान नहीं देगी तो सरस्वती नदी में आने वाला उफान लोगों और प्रशासन के लिए घातक होगा।
फोटो-वर्जन
जब किसी नदी के कारण आपदा आती है तो सरकार ध्यान देना शुरू कर देती है। सरकार आपदा से पहले इन नदियों का रखरखाव क्यों नहीं करती। सरकार चाहे कोई भी हो, नदियों की हमेशा ही अनदेखी हुई है। इस समय प्रदेश और केंद्र में कांग्रेस की सरकार है। सरकार को चाहिए कि अन्य मुद्दों से अपेक्षा सरस्वती का जीर्णोद्धार करें।
ज्योति, छात्रा, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी
फोटो-वर्जन
जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को सरस्वती नदी की तरफ ध्यान देते हुए नदी से अवैध कब्जों को हटाना चाहिए और नदी की खुदाई कराने के बाद इसमें स्वच्छ पानी को छोड़ा जाना चाहिए। सरस्वती लाखाें करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। सरकारों को इससे खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
चरणजीत कौर, महिला प्रदेशाध्यक्ष, टीएमसी
फोटो-वर्जन
सरस्वती की सफाई के लिए पंचायतों और नगर परिषदों को आगे आना चाहिए। क्योंकि सरस्वती नदी शहर और ग्रामीण एरिया से गुजर रही है। शिक्षिका के अनुसार इसमें समाज के हर व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए और नदी को लुप्त होने से बचाना चाहिए।
राजदुलारी, शिक्षिका
फोटो-वर्जन
प्रदेश सरकार घोटालों के तरफ तो अधिक ध्यान देती है, परंतु देश की धरोहर सरस्वती नदी की तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है। करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र सरस्वती नदी लुप्त होने की कगार पर है, परंतु सरकार में बैठे राजनेता करोड़ों की बंदरबांट में लगे हैं। सरकार को घोटालों की तरफ ध्यान देना कम करते हुए सरस्वती नदी की सफाई करानी चाहिए।
कलावती, प्रदेशाध्यक्ष, सैन समाज
उपचुनाव के लिए दस नामांकन
बाबैन। खंड बाबैन के गांव भगवान पुर में सामान्य वर्ग के सरपंच पद और गांव बेरथला में वार्ड दो से पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पंच पद के लिए नामांकन पत्र भरने का काम संपन्न हो गया। नामांकन पत्र दाखिल करने के आखिरी दिन गांव भगवान पुर में सरपंच पद के लिए गुलाब सिंह, मुकेश शर्मा, अमरनाथ, तरुण कुमार, कांता देवी, सतपाल, श्रीचंद, अमरजीत और रामचंद्र कुल नौ लोगों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। बेरथला में पंच पद के लिए दो लोगों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इन चुनावों के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी (पंचायत) रामफल अग्रवाल और सहायक चुनाव अधिकारी रामस्वरूप सैनी ने बताया कि इन दोनों उप चुनावों के लिए नामांकन पत्र भरने का कार्य आज चार बजे संपन्न हो गया। उन्होंने बताया कि इन नामांकन पत्रों की जांच खंड कार्यालय बाबैन में 20 जुलाई को होगी और 22 जुलाई को शाम चार बजे तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकते हैं।
कार्यकर्ताओं में जोश भरने को जुटे दिग्गज
आशा कुमारी बोलीं-हैट्रिक लगाने में झोंके पूरी ताकत
सरकार की योजनाओं का करें प्रचार-जिंदल
अपनी नहीं, कांग्रेस की बात करें-डॉ. रामप्रकाश
कांग्रेस में अनुशासन लाना बेहद जरूरी-चट्ठा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए शुक्रवार को कई दिग्गज जुटे। इन दिग्गजों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव और हरियाणा की सह प्रभारी आशा कुमारी, सांसद नवीन जिंदल, वित्तमंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना, सांसद ईश्वर सिंह और डा. राम प्रकाश शामिल थे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव आशा कुमारी ने कहा कि कांग्रेस की हैट्रिक लगाने में अपनी पूरी ताकत झोंक दें। उन्होंने कहा कि 128 साल पुराने परिवार में मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने भरोसा जताया कि कार्यकर्ताओं की बदौलत केंद्र और राज्य दोनों जगह परचम लहराएंगे।
सांसद नवीन जिंदल ने सूचना का अधिकार और मनरेगा समेत भोजन की गारंटी विधेयक का जोरशोर से हर घर-हर गली तक प्रचार करने के लिए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया। उन्होंने 20 अगस्त से यह योजना की घोषणा का स्वागत किया। राज्यसभा सांसद डॉ. रामप्रकाश, सिंचाई एवं वित्तमंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा और हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज के चेयरमैन अनिल धंतौड़ी ने जोर दिया कि पार्टी में अनुशासन लाया जाए और राहुल गांधी के सपने साकार हाें।
बैठक में ये रहे उपस्थित
पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग, पूर्व विधायक बंताराम वाल्मीकि, पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी, पूर्व विधायक जोगीराम, जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन मेवा सिंह, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य मनदीप चट्ठा, सोमदत्त एडवोकेट, सुभाष सुधा, ब्लॉक अध्यक्ष मेहर सिंह, दलबीर सिंह, प्रदीप गोयल जिला उपाध्यक्ष फतेह सिंह, यशपाल नारंग, विनोद गर्ग बिमला सरोहा, सुनीता नेहरा, निशि गुप्ता, राजरानी, भरपाई देवी, रामकुमार रंबा, नगर परिषद उपाध्यक्ष राज गौड़, रामलाल भट्ट, रूबल शर्मा, टेकचंद बारना, राजेंद्र जांगड़ा, राजेंद्र वाल्मीकि और दर्शन खन्ना मौजूद थे।
बागियों पर केंद्रित रहा कार्यकर्ता सम्मेलन
कुरुक्षेत्र। कद्दावर नेताओं के साथ यह सम्मेलन कई मायनों से खास रहा। इसमें कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव और सह प्रभारी सहित तीन सांसद, एक मंत्री, एक चेयरमैन, तीन पूर्व विधायक और एक पूर्व एमपी की मौजूदगी से ये सम्मेलन हित रहा। सांसद ईश्वर सिंह के पहुंचते ही उम्मीद थी कि कुछ न कुछ हंगामाखेज जरूर रहेगा, लेकिन रजिस्टर पर साइन करने के कुछ ही देर बाद सांसद ईश्वर सिंह बिना कुछ बोले रुखसत हो गए।
सम्मेलन से चले जाने के बावजूद कुछ नेता ईश्वर सिंह का नाम संबोधन करते रहे। जाते समय ईश्वर सिंह ने मीडिया से कहा कि वे तो सह प्रभारी के आग्रह पर यहां आए थे, मगर एक परिवार का गुणगान होते देख, जाना मुनासिब समझा। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेसी है और पार्टी के लिए काम करते हैं।
बैठक में सांसद डा. रामप्रकाश ने कहा कि हर नेता ने अपनी कांग्रेस बना ली है। अब कांग्रेस की रैली को मेरी रैली और उसकी रैली बताया जाता है।
लाल किताब में हो नाम दर्ज
वित्त मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा ने आजाद चुनाव लड़ने वालों के नाम लाल किताब में डालकर ऐसे नेताओं को पार्टी से दूर रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस के पास ऐसी किताब थी, जिसमें कांग्रेस से गद्दारी करने वालों के नाम लिखे जाते थे। लेकिन अब इस लाल किताब का उपयोग नहीं हो रहा।
गोड्डे हाथ लाकै चलै गए
फूलचंद मुलाना ने राज्यसभा सांसद ईश्वर सिंह पर चुटकी ली कि आए तो पर गोड्डे हाथ ला कै चले गए। दरअसल मुलाना अपने संबोधन के दौरान प्रदेश की सह प्रभारी आशा कुमारी को बताने से नहीं चूके कि आज की बैठक में जिला स्तर के लगभग सभी नेताओं के अलावा विधायक और मंत्री जी सहित तीनों सांसद पहुंचे, वहीं इनमें से एक सांसद बीच में चले गए।
बाक्स
बिजली के दावों के दौरान बत्ती गुल
जिस समय नेता 24 घंटे बिजली मिलने की बात कह रहे थे, उसी दौरान करीब 20 मिनट के लिए बिजली गुल हो गई। इस बात को लेकर कहासुनी हो र्ग कि जनरेटर का प्रबंध क्यों नहीं किया।
सम्मेलन में शिक्षक सहित कइयों की कटी जेब
जेबकतरों ने सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे एक शिक्षक रविंद्र कुमार की सहित कई लोगों की जेबों पर हाथ साफ किया। रविंद्र कुमार के मुताबिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए आया था। इस दौरान जेब से उसका पर्स गायब हो गया। पर्स में 3160 रुपये दो एटीएम, दो मोबाइल सिम ड्राइविंग लाइसेंस और बस का पास था, रविंद्र कुमार के अलावा अन्य कई कांग्रेसी कार्यकर्ता की जेब से पर्स गायब होने की शिकायतें मिली हैं।
सरपंच पद के लिए सात परचे
20 को होगी नामांकन पत्रों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। गांव रावा में सरपंच पद के लिए, रामनगर औजलां में पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित पंच पद, गांव कठवा में सामान्य जाति के लिए पंच पद और पंचायत समिति के लिए पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित गांव नलवी, नई बस्ती और रायपुर में पंचायत समिति सदस्य के लिए उपचुनाव 31 जुलाई को होगा। नामांकन के आज अंतिम दिन गांव रावा में सरपंच पद के लिए सात नामांकन भरे। इसी प्रकार गांव कठवा में सामान्य जाति के लिए पंच पद के लिए एक और पंचायत समिति के लिए पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित गांव नलवी में 3, नई बस्ती में 1 और रायपुर में 2 पंचायत समिति सदस्य के लिए नामांकन भरे। चुनावों के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी गुरमीत सिंह पंजेटा ने भी शुक्रवार को चुनावों की तैयारियों का मुआयना किया। शाहाबाद के गांव कठवा में पंच का चुनाव सामान्य श्रेणी के लिए वार्ड एक का मतदान केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाई ओर कठवा होगा। शाहाबाद के गांव नलवी में पंचायत समिति सदस्य का चुनाव पिछड़ी जाति की श्रेणी के लिए वार्ड 10 के मतदान केंद्र के लिए राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बाई ओर नलवी, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल दाईं ओर नलवी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाईं ओर नलवी और राजकीय प्राथमिक पाठशाला दाईं ओर नलवी होगा। शाहाबाद के गांव नई बस्ती नलवी में पंचायत समिति सदस्य का चुनाव पिछड़ी जाति की श्रेणी के लिए वार्ड 10 का मतदान केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला नई बस्ती नलवी होगा। शाहाबाद के गांव रायपुर में पंचायत समिति सदस्य का चुनाव पिछड़ी जाति की श्रेणी के लिए वार्ड 10 का मतदान केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला रायपुर होगा।
सड़क हादसे में तीन घायल
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। वाहन की टक्कर लगने से शुक्रवार को बाद दोपहर मोटर साइकिल सवार एक बच्चे सहित तीन लोग घायल हो गए। मिली जानकारी अनुसार गांव दुखेड़ी निवासी संदीप अपने पुत्र और पत्नी के साथ बाइक पर करनाल से अपने गांव दुखेड़ी जा रहा था। इसी बीच जब वह मारकंडा पुल के नजदीक पहुंचा तो एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे बाइक सहित तीनों सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद मीनू को पीजीआई रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नशीला पदार्थ सुंघाकर पंद्रह हजार उड़ाए
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। किसी ने नशीला पदार्थ सुंघाकर एक व्यक्ति से 15 हजार रुपये उड़ाने का मामला प्रकाश में आया है। मिली जानकारी के अनुसार शाहाबाद सिविल अस्पताल में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जंगबहादुर अपने पुत्र के दाखिले के लिए कुरुक्षेत्र गया था। वापसी पर वह पिपली से शाहाबाद के लिए अपने पुत्र डिंपल के साथ बस में बैठ गया। इसी बीच एक युवक भी उनसे बातचीत करने लगा। शाहाबाद आने पर जंगबहादुर बस से उतर गया और वह युवक भी शाहाबाद ही उतर गया। इसी बीच अज्ञात युवक ने जंगबहादुर को कहा कि वह अपने बेटे को नौकरी करवा दे और वह नौकरी दिलाने में सहायता करेगा। इस युवक ने जंगबहादुर को कहा कि वह अपने बेटे का आई कार्ड और राशन कार्ड मंगवा दे। इस पर जंगबहादुर ने डिंपल को आई कार्ड लेने के लिए घर भेज दिया। लगभग 40 मिनट बाद जब डिंपल वापस आया तो देखा कि वहां पर न तो उसका पिता है और न ही वह व्यक्ति। काफी खोज करने के बाद पता चला कि उसका पिता पेट्रोल पंप के नजदीक बेसुध हालत में मिला, जिसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डिंपल ने बताया कि उसके पिता की जेब में 15 हजार रुपये थे, जो नहीं मिले। ऐसा माना जा रहा है कि उस व्यक्ति ने मौका पाते ही जंगबहादुर को नशीला पदार्थ सुंघा दिया और पैसे लेकर चंपत हो गया। समाचार लिखे जाने तक जंगबहादुर बेसुध था और कुछ भी बताने में असमर्थ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आयरन की गोलियों से विद्यार्थी बीमार
सूचना मिलने पर डाक्टरों की टीम पहुंची स्कूल
राजकीय हाई स्कूल कल्याणा में पेश आया वाकया
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। गांव कल्याणा के राजकीय हाई स्कूल में आयरन की गोलियां खाने से नौ बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत की। सूचना मिलने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलसाना के डॉ. रितेश के नेतृत्व में टीम ने स्कूल में जाकर बच्चों को चेकअप किया और दवाएं दीं। सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वे इलाज के बाद घरों में ही आराम कर रहे हैं। गांव बोरीपुर की बलविंद्र कौर ने बताया कि उनके बेटे जसकरण को गुरुवार को स्कूल में दवा दी गई थी। बच्चे ने रात को पेट में दर्द होने की शिकायत की। इस पर उन्होेंने बच्चे के पेट पर सेक करके सुला दिया। शुक्रवार तड़के बच्चे ने फिर पेट दर्द के साथ उल्टी और दस्त की भी शिकायत की। इस पर उन्होंने शाहाबाद के एक प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया, जिसने यह कहकर इलाज करने से मना कर दिया कि जहां गोलियां खिलाई हैं। वहीं पर बेहतर इलाज हो सकता है। इसके बाद स्कूल स्टाफ से संपर्क किया और उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को बुलाकर इलाज कराया। गांव बोरीपुर में सातवीं कक्षा के जसकरण के अलावा नौवीं के रमेश कुमार, ऋषिपाल, सातवीं कक्षा के सुशील, अजय और कविता और छठी कक्षा के कर्ण पाल को भी पेट दर्द और उल्टी की शिकायत रही। इसके अलावा गांव कल्याणा के छठी कक्षा के अभिषेक और पट़्टी शहजादपुर के भी एक छात्र को पेट दर्द की शिकायत हुई। स्कूल के मुख्य अध्यापक मान सिंह ने बताया कि उन्हें यह गोलियां सीआरसी कलस्टर से प्राप्त हुई थी और गत मंगलवार को सीएमओ कुरुक्षेत्र ने एक बैठक कर इस दवा को देने के बारे विस्तार से जानकारी दी थी। उन्होेंने बताया कि छठी से दसवीं कक्षा के लगभग 271 बच्चों को वीरवार यह दवा दी गई थी। इनमें गांव कल्याणा, गोरीपुर, बोरीपुर और मद्दीपुर, बोकरमाजरा और जैनपुर के बच्चे शामिल थे। उन्होंने बताया कि बिहार की घटना के बाद एक मनोवैज्ञानिक दबाव बच्चों और अभिभावकों के मन पर था इसलिए बोरीपुर के बच्चों को ही ज्यादा परेशानी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि साधारण इलाज के बाद ही बच्चे ठीक हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल, मई और जून के महीनों में भी सभी बच्चों को यह दवा दी गई थी और कभी भी किसी ने कोई शिकायत नहीं की।
बीपीआर कॉलेज प्रबंधन कमेटी के ग्यारह में से आठ सदस्यों का फैसला
कॉलेज कमेटी के अध्यक्ष और महासचिव बदले
70 लाख के अनुदान का हिसाब नहीं देने का आरोप
पहलवान को बनाया अध्यक्ष, कुलवंत को महासचिव
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। बीपीआर कालेज की प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष और महासचिव को बदलने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रबंधन कमेटी के ग्यारह में से आठ सदस्यों ने अध्यक्ष नारायण दत्त शर्मा और महासचिव सतपाल शर्मा पर हिसाब में घालमेल का आरोप लगाकर इनकी जगह पवन शर्मा पहलवान को अध्यक्ष और कुलवंत शर्मा को नया महासचिव बना दिया है। हालांकि नारायण दत्त और सतपाल शर्मा संविधानिक रूप से अपने आप को पदाधिकारी ही बता रहे हैं। उधर प्रबंधन कमेटी के आठ सदस्यों ने अध्यक्ष-महासचिव पर हिसाब नहीं देने का आरोप लगाते हुए इनको बदलने और नए अध्यक्ष-महासचिव के नाम लिखकर अपने हस्ताक्षर सहित एक विज्ञप्ति जारी की है।
पवन शर्मा पहलवान पहले भी भगवान परशुराम कालेज के अध्यक्ष रह चुके हैं। पहलवान ने दो साल पहले इस्तीफा दिया था और उनकी सहमति से ही नारायण दत्त शर्मा प्रबंधन कमेटी का अध्यक्ष बनाया था। पिछले कुछ समय से कॉलेज की राजनीति में बदलाव आया। इसी वजह से गत सात जुलाई 2013 को कॉलेज प्रबंधन कमेटी की बैठक बुलाई थी, जिसमें कॉलेज में आई करीब 70 लाख की ग्रांट के खर्च का ब्यौरा अध्यक्ष और महासचिव से कार्यकारिणी के सदस्यों ने मांगा था।
नवनियुक्त अध्यक्ष पवन शर्मा का कहना है कि इस बैठक दौरान कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नारायण दत्त शर्मा और महासचिव सतपाल शर्मा ब्यौरा देने की बजाय बैठक से वाकआउट कर गए थे, जिसके बाद प्रबंधन समिति ने उक्त दोनों पदाधिकारियों को 12 दिन के भीतर ब्यौरा देने को कहा था। प्रबंधन समिति द्वारा निर्धारित समयावधि में भी उपरोक्त दोनों पदाधिकारियों ने खर्च का ब्यौरा नहीं दिया, जिसकी वजह से दोनों पदाधिकारियों को अध्यक्ष और महासचिव पद से हटाने के फरमान जारी किए।
दूसरी बार कालेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चुने जाने पर पवन पहलवान ने कार्यकारिणी के सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि जल्द ही पूर्व अध्यक्ष नारायण दत्त शर्मा और पूर्व महासचिव सतपाल शर्मा के किए खर्च और कार्यों की जांच कराए। यदि उपरोक्त दोनों पदाधिकारी दोषी पाए तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी। पहलवान ने सवाल उठाया कि अभी बीपीआर कॉलेज में चार कमरों का प्रशासनिक ब्लाक तक तैयार नहीं हो सका तो फिर इतना पैसा कहां गया। इस बैठक में प्रबंधन कमेटी के 11 सदस्यों में से आठ मौजूद रहे, इनमें बालकिशन शास्त्री, देवराज शास्त्री, राम कुमार मौद्गिल, बृजरानी शर्मा, देसराज शर्मा और डॉ. अशोक शर्मा ने बैठक में शिरकत की।
इनसे आया था 70 लाख का अनुदान
नवनियुक्त अध्यक्ष पवन शर्मा पहलवान के अनुसार बीपीआर कॉलेज के लिए मुख्यमंत्री से 31 लाख, विधायक विनोद शर्मा से 11 लाख, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जय भगवान शर्मा डीडी से 11 लाख, सांसद रामप्रकाश से पांच लाख, श्रीजयराम संस्थाओं के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी और समाज के अन्य लोगों से आए नगद अनुदान मिला है।
बीस वर्ष से लगातार विवादों में कॉलेज
वर्तमान में बीपीआर कॉलेज हरियाणा सरकार से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थान है। करीब 20 वर्ष के इतिहास में इस कालेज की प्रबंधन कमेटी लगातार विवादों के घेरे में है। पूंडरी से विधायक रह चुके कांग्रेसी नेता दिनेश कौशिक बीपीआर कालेज के पहले अध्यक्ष रहे, जबकि उनके बाद शिक्षक नेता मंगलराम अत्रेय, प्रद्युम्न शर्मा, रोशनलाल चोंचड़ा, सुभाष बंदराना, पवन शर्मा पहलवान और नारायण दत्त शर्मा के बाद अब एक बार फिर पवन शर्मा पहलवान अध्यक्ष बने हैं। यहां रोचक पहलू ये है कि इनमें एक दो को छोड़ कर शेष को विवादों के चलते अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा।
बीस अगस्त को आम सभा में देंगे हिसाब
नारायण दत्त शर्मा और सतपाल शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि उन पर हुई कार्रवाई असंवैधानिक है। इन दोनों पदाधिकारियों के अनुसार उन्हें इस तरह हटाने का अधिकार कार्यकारिणी सदस्यों को नहीं है। उन्होंने कार्यकारिणी द्वारा लगाए आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया कि अनुदान का पैसा कालेज के विकास, ऋण देने और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कोर्स पर खर्च हुआ है। जिसका पूरा रिकार्ड, कोषाध्यक्ष के पास है। इन दोनों पदाधिकारियों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं, इनके अनुसार बीस अगस्त को सदस्यों की आम बैठक बुलाने जा रहे हैं, जिसमें एक-एक पैसे का हिसाब दिया जाएगा।
विज्ञापन
फोटो-वर्जन
जब किसी नदी के कारण आपदा आती है तो सरकार ध्यान देना शुरू कर देती है। सरकार आपदा से पहले इन नदियों का रखरखाव क्यों नहीं करती। सरकार चाहे कोई भी हो, नदियों की हमेशा ही अनदेखी हुई है। इस समय प्रदेश और केंद्र में कांग्रेस की सरकार है। सरकार को चाहिए कि अन्य मुद्दों से अपेक्षा सरस्वती का जीर्णोद्धार करें।
विज्ञापन
ज्योति, छात्रा, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी
फोटो-वर्जन
जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को सरस्वती नदी की तरफ ध्यान देते हुए नदी से अवैध कब्जों को हटाना चाहिए और नदी की खुदाई कराने के बाद इसमें स्वच्छ पानी को छोड़ा जाना चाहिए। सरस्वती लाखाें करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। सरकारों को इससे खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
चरणजीत कौर, महिला प्रदेशाध्यक्ष, टीएमसी
फोटो-वर्जन
सरस्वती की सफाई के लिए पंचायतों और नगर परिषदों को आगे आना चाहिए। क्योंकि सरस्वती नदी शहर और ग्रामीण एरिया से गुजर रही है। शिक्षिका के अनुसार इसमें समाज के हर व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए और नदी को लुप्त होने से बचाना चाहिए।
राजदुलारी, शिक्षिका
फोटो-वर्जन
प्रदेश सरकार घोटालों के तरफ तो अधिक ध्यान देती है, परंतु देश की धरोहर सरस्वती नदी की तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है। करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र सरस्वती नदी लुप्त होने की कगार पर है, परंतु सरकार में बैठे राजनेता करोड़ों की बंदरबांट में लगे हैं। सरकार को घोटालों की तरफ ध्यान देना कम करते हुए सरस्वती नदी की सफाई करानी चाहिए।
कलावती, प्रदेशाध्यक्ष, सैन समाज
उपचुनाव के लिए दस नामांकन
बाबैन। खंड बाबैन के गांव भगवान पुर में सामान्य वर्ग के सरपंच पद और गांव बेरथला में वार्ड दो से पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पंच पद के लिए नामांकन पत्र भरने का काम संपन्न हो गया। नामांकन पत्र दाखिल करने के आखिरी दिन गांव भगवान पुर में सरपंच पद के लिए गुलाब सिंह, मुकेश शर्मा, अमरनाथ, तरुण कुमार, कांता देवी, सतपाल, श्रीचंद, अमरजीत और रामचंद्र कुल नौ लोगों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। बेरथला में पंच पद के लिए दो लोगों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इन चुनावों के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी (पंचायत) रामफल अग्रवाल और सहायक चुनाव अधिकारी रामस्वरूप सैनी ने बताया कि इन दोनों उप चुनावों के लिए नामांकन पत्र भरने का कार्य आज चार बजे संपन्न हो गया। उन्होंने बताया कि इन नामांकन पत्रों की जांच खंड कार्यालय बाबैन में 20 जुलाई को होगी और 22 जुलाई को शाम चार बजे तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकते हैं।
कार्यकर्ताओं में जोश भरने को जुटे दिग्गज
आशा कुमारी बोलीं-हैट्रिक लगाने में झोंके पूरी ताकत
सरकार की योजनाओं का करें प्रचार-जिंदल
अपनी नहीं, कांग्रेस की बात करें-डॉ. रामप्रकाश
कांग्रेस में अनुशासन लाना बेहद जरूरी-चट्ठा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए शुक्रवार को कई दिग्गज जुटे। इन दिग्गजों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव और हरियाणा की सह प्रभारी आशा कुमारी, सांसद नवीन जिंदल, वित्तमंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना, सांसद ईश्वर सिंह और डा. राम प्रकाश शामिल थे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव आशा कुमारी ने कहा कि कांग्रेस की हैट्रिक लगाने में अपनी पूरी ताकत झोंक दें। उन्होंने कहा कि 128 साल पुराने परिवार में मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने भरोसा जताया कि कार्यकर्ताओं की बदौलत केंद्र और राज्य दोनों जगह परचम लहराएंगे।
सांसद नवीन जिंदल ने सूचना का अधिकार और मनरेगा समेत भोजन की गारंटी विधेयक का जोरशोर से हर घर-हर गली तक प्रचार करने के लिए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया। उन्होंने 20 अगस्त से यह योजना की घोषणा का स्वागत किया। राज्यसभा सांसद डॉ. रामप्रकाश, सिंचाई एवं वित्तमंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा और हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज के चेयरमैन अनिल धंतौड़ी ने जोर दिया कि पार्टी में अनुशासन लाया जाए और राहुल गांधी के सपने साकार हाें।
बैठक में ये रहे उपस्थित
पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग, पूर्व विधायक बंताराम वाल्मीकि, पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी, पूर्व विधायक जोगीराम, जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन मेवा सिंह, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य मनदीप चट्ठा, सोमदत्त एडवोकेट, सुभाष सुधा, ब्लॉक अध्यक्ष मेहर सिंह, दलबीर सिंह, प्रदीप गोयल जिला उपाध्यक्ष फतेह सिंह, यशपाल नारंग, विनोद गर्ग बिमला सरोहा, सुनीता नेहरा, निशि गुप्ता, राजरानी, भरपाई देवी, रामकुमार रंबा, नगर परिषद उपाध्यक्ष राज गौड़, रामलाल भट्ट, रूबल शर्मा, टेकचंद बारना, राजेंद्र जांगड़ा, राजेंद्र वाल्मीकि और दर्शन खन्ना मौजूद थे।
बागियों पर केंद्रित रहा कार्यकर्ता सम्मेलन
कुरुक्षेत्र। कद्दावर नेताओं के साथ यह सम्मेलन कई मायनों से खास रहा। इसमें कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव और सह प्रभारी सहित तीन सांसद, एक मंत्री, एक चेयरमैन, तीन पूर्व विधायक और एक पूर्व एमपी की मौजूदगी से ये सम्मेलन हित रहा। सांसद ईश्वर सिंह के पहुंचते ही उम्मीद थी कि कुछ न कुछ हंगामाखेज जरूर रहेगा, लेकिन रजिस्टर पर साइन करने के कुछ ही देर बाद सांसद ईश्वर सिंह बिना कुछ बोले रुखसत हो गए।
सम्मेलन से चले जाने के बावजूद कुछ नेता ईश्वर सिंह का नाम संबोधन करते रहे। जाते समय ईश्वर सिंह ने मीडिया से कहा कि वे तो सह प्रभारी के आग्रह पर यहां आए थे, मगर एक परिवार का गुणगान होते देख, जाना मुनासिब समझा। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेसी है और पार्टी के लिए काम करते हैं।
बैठक में सांसद डा. रामप्रकाश ने कहा कि हर नेता ने अपनी कांग्रेस बना ली है। अब कांग्रेस की रैली को मेरी रैली और उसकी रैली बताया जाता है।
लाल किताब में हो नाम दर्ज
वित्त मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा ने आजाद चुनाव लड़ने वालों के नाम लाल किताब में डालकर ऐसे नेताओं को पार्टी से दूर रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस के पास ऐसी किताब थी, जिसमें कांग्रेस से गद्दारी करने वालों के नाम लिखे जाते थे। लेकिन अब इस लाल किताब का उपयोग नहीं हो रहा।
गोड्डे हाथ लाकै चलै गए
फूलचंद मुलाना ने राज्यसभा सांसद ईश्वर सिंह पर चुटकी ली कि आए तो पर गोड्डे हाथ ला कै चले गए। दरअसल मुलाना अपने संबोधन के दौरान प्रदेश की सह प्रभारी आशा कुमारी को बताने से नहीं चूके कि आज की बैठक में जिला स्तर के लगभग सभी नेताओं के अलावा विधायक और मंत्री जी सहित तीनों सांसद पहुंचे, वहीं इनमें से एक सांसद बीच में चले गए।
बाक्स
बिजली के दावों के दौरान बत्ती गुल
जिस समय नेता 24 घंटे बिजली मिलने की बात कह रहे थे, उसी दौरान करीब 20 मिनट के लिए बिजली गुल हो गई। इस बात को लेकर कहासुनी हो र्ग कि जनरेटर का प्रबंध क्यों नहीं किया।
सम्मेलन में शिक्षक सहित कइयों की कटी जेब
जेबकतरों ने सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे एक शिक्षक रविंद्र कुमार की सहित कई लोगों की जेबों पर हाथ साफ किया। रविंद्र कुमार के मुताबिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए आया था। इस दौरान जेब से उसका पर्स गायब हो गया। पर्स में 3160 रुपये दो एटीएम, दो मोबाइल सिम ड्राइविंग लाइसेंस और बस का पास था, रविंद्र कुमार के अलावा अन्य कई कांग्रेसी कार्यकर्ता की जेब से पर्स गायब होने की शिकायतें मिली हैं।
सरपंच पद के लिए सात परचे
20 को होगी नामांकन पत्रों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। गांव रावा में सरपंच पद के लिए, रामनगर औजलां में पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित पंच पद, गांव कठवा में सामान्य जाति के लिए पंच पद और पंचायत समिति के लिए पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित गांव नलवी, नई बस्ती और रायपुर में पंचायत समिति सदस्य के लिए उपचुनाव 31 जुलाई को होगा। नामांकन के आज अंतिम दिन गांव रावा में सरपंच पद के लिए सात नामांकन भरे। इसी प्रकार गांव कठवा में सामान्य जाति के लिए पंच पद के लिए एक और पंचायत समिति के लिए पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित गांव नलवी में 3, नई बस्ती में 1 और रायपुर में 2 पंचायत समिति सदस्य के लिए नामांकन भरे। चुनावों के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी गुरमीत सिंह पंजेटा ने भी शुक्रवार को चुनावों की तैयारियों का मुआयना किया। शाहाबाद के गांव कठवा में पंच का चुनाव सामान्य श्रेणी के लिए वार्ड एक का मतदान केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाई ओर कठवा होगा। शाहाबाद के गांव नलवी में पंचायत समिति सदस्य का चुनाव पिछड़ी जाति की श्रेणी के लिए वार्ड 10 के मतदान केंद्र के लिए राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बाई ओर नलवी, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल दाईं ओर नलवी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाईं ओर नलवी और राजकीय प्राथमिक पाठशाला दाईं ओर नलवी होगा। शाहाबाद के गांव नई बस्ती नलवी में पंचायत समिति सदस्य का चुनाव पिछड़ी जाति की श्रेणी के लिए वार्ड 10 का मतदान केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला नई बस्ती नलवी होगा। शाहाबाद के गांव रायपुर में पंचायत समिति सदस्य का चुनाव पिछड़ी जाति की श्रेणी के लिए वार्ड 10 का मतदान केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला रायपुर होगा।
सड़क हादसे में तीन घायल
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। वाहन की टक्कर लगने से शुक्रवार को बाद दोपहर मोटर साइकिल सवार एक बच्चे सहित तीन लोग घायल हो गए। मिली जानकारी अनुसार गांव दुखेड़ी निवासी संदीप अपने पुत्र और पत्नी के साथ बाइक पर करनाल से अपने गांव दुखेड़ी जा रहा था। इसी बीच जब वह मारकंडा पुल के नजदीक पहुंचा तो एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे बाइक सहित तीनों सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद मीनू को पीजीआई रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नशीला पदार्थ सुंघाकर पंद्रह हजार उड़ाए
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। किसी ने नशीला पदार्थ सुंघाकर एक व्यक्ति से 15 हजार रुपये उड़ाने का मामला प्रकाश में आया है। मिली जानकारी के अनुसार शाहाबाद सिविल अस्पताल में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जंगबहादुर अपने पुत्र के दाखिले के लिए कुरुक्षेत्र गया था। वापसी पर वह पिपली से शाहाबाद के लिए अपने पुत्र डिंपल के साथ बस में बैठ गया। इसी बीच एक युवक भी उनसे बातचीत करने लगा। शाहाबाद आने पर जंगबहादुर बस से उतर गया और वह युवक भी शाहाबाद ही उतर गया। इसी बीच अज्ञात युवक ने जंगबहादुर को कहा कि वह अपने बेटे को नौकरी करवा दे और वह नौकरी दिलाने में सहायता करेगा। इस युवक ने जंगबहादुर को कहा कि वह अपने बेटे का आई कार्ड और राशन कार्ड मंगवा दे। इस पर जंगबहादुर ने डिंपल को आई कार्ड लेने के लिए घर भेज दिया। लगभग 40 मिनट बाद जब डिंपल वापस आया तो देखा कि वहां पर न तो उसका पिता है और न ही वह व्यक्ति। काफी खोज करने के बाद पता चला कि उसका पिता पेट्रोल पंप के नजदीक बेसुध हालत में मिला, जिसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डिंपल ने बताया कि उसके पिता की जेब में 15 हजार रुपये थे, जो नहीं मिले। ऐसा माना जा रहा है कि उस व्यक्ति ने मौका पाते ही जंगबहादुर को नशीला पदार्थ सुंघा दिया और पैसे लेकर चंपत हो गया। समाचार लिखे जाने तक जंगबहादुर बेसुध था और कुछ भी बताने में असमर्थ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आयरन की गोलियों से विद्यार्थी बीमार
सूचना मिलने पर डाक्टरों की टीम पहुंची स्कूल
राजकीय हाई स्कूल कल्याणा में पेश आया वाकया
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। गांव कल्याणा के राजकीय हाई स्कूल में आयरन की गोलियां खाने से नौ बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत की। सूचना मिलने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलसाना के डॉ. रितेश के नेतृत्व में टीम ने स्कूल में जाकर बच्चों को चेकअप किया और दवाएं दीं। सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वे इलाज के बाद घरों में ही आराम कर रहे हैं। गांव बोरीपुर की बलविंद्र कौर ने बताया कि उनके बेटे जसकरण को गुरुवार को स्कूल में दवा दी गई थी। बच्चे ने रात को पेट में दर्द होने की शिकायत की। इस पर उन्होेंने बच्चे के पेट पर सेक करके सुला दिया। शुक्रवार तड़के बच्चे ने फिर पेट दर्द के साथ उल्टी और दस्त की भी शिकायत की। इस पर उन्होंने शाहाबाद के एक प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया, जिसने यह कहकर इलाज करने से मना कर दिया कि जहां गोलियां खिलाई हैं। वहीं पर बेहतर इलाज हो सकता है। इसके बाद स्कूल स्टाफ से संपर्क किया और उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को बुलाकर इलाज कराया। गांव बोरीपुर में सातवीं कक्षा के जसकरण के अलावा नौवीं के रमेश कुमार, ऋषिपाल, सातवीं कक्षा के सुशील, अजय और कविता और छठी कक्षा के कर्ण पाल को भी पेट दर्द और उल्टी की शिकायत रही। इसके अलावा गांव कल्याणा के छठी कक्षा के अभिषेक और पट़्टी शहजादपुर के भी एक छात्र को पेट दर्द की शिकायत हुई। स्कूल के मुख्य अध्यापक मान सिंह ने बताया कि उन्हें यह गोलियां सीआरसी कलस्टर से प्राप्त हुई थी और गत मंगलवार को सीएमओ कुरुक्षेत्र ने एक बैठक कर इस दवा को देने के बारे विस्तार से जानकारी दी थी। उन्होेंने बताया कि छठी से दसवीं कक्षा के लगभग 271 बच्चों को वीरवार यह दवा दी गई थी। इनमें गांव कल्याणा, गोरीपुर, बोरीपुर और मद्दीपुर, बोकरमाजरा और जैनपुर के बच्चे शामिल थे। उन्होंने बताया कि बिहार की घटना के बाद एक मनोवैज्ञानिक दबाव बच्चों और अभिभावकों के मन पर था इसलिए बोरीपुर के बच्चों को ही ज्यादा परेशानी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि साधारण इलाज के बाद ही बच्चे ठीक हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल, मई और जून के महीनों में भी सभी बच्चों को यह दवा दी गई थी और कभी भी किसी ने कोई शिकायत नहीं की।
बीपीआर कॉलेज प्रबंधन कमेटी के ग्यारह में से आठ सदस्यों का फैसला
कॉलेज कमेटी के अध्यक्ष और महासचिव बदले
70 लाख के अनुदान का हिसाब नहीं देने का आरोप
पहलवान को बनाया अध्यक्ष, कुलवंत को महासचिव
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। बीपीआर कालेज की प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष और महासचिव को बदलने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रबंधन कमेटी के ग्यारह में से आठ सदस्यों ने अध्यक्ष नारायण दत्त शर्मा और महासचिव सतपाल शर्मा पर हिसाब में घालमेल का आरोप लगाकर इनकी जगह पवन शर्मा पहलवान को अध्यक्ष और कुलवंत शर्मा को नया महासचिव बना दिया है। हालांकि नारायण दत्त और सतपाल शर्मा संविधानिक रूप से अपने आप को पदाधिकारी ही बता रहे हैं। उधर प्रबंधन कमेटी के आठ सदस्यों ने अध्यक्ष-महासचिव पर हिसाब नहीं देने का आरोप लगाते हुए इनको बदलने और नए अध्यक्ष-महासचिव के नाम लिखकर अपने हस्ताक्षर सहित एक विज्ञप्ति जारी की है।
पवन शर्मा पहलवान पहले भी भगवान परशुराम कालेज के अध्यक्ष रह चुके हैं। पहलवान ने दो साल पहले इस्तीफा दिया था और उनकी सहमति से ही नारायण दत्त शर्मा प्रबंधन कमेटी का अध्यक्ष बनाया था। पिछले कुछ समय से कॉलेज की राजनीति में बदलाव आया। इसी वजह से गत सात जुलाई 2013 को कॉलेज प्रबंधन कमेटी की बैठक बुलाई थी, जिसमें कॉलेज में आई करीब 70 लाख की ग्रांट के खर्च का ब्यौरा अध्यक्ष और महासचिव से कार्यकारिणी के सदस्यों ने मांगा था।
नवनियुक्त अध्यक्ष पवन शर्मा का कहना है कि इस बैठक दौरान कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नारायण दत्त शर्मा और महासचिव सतपाल शर्मा ब्यौरा देने की बजाय बैठक से वाकआउट कर गए थे, जिसके बाद प्रबंधन समिति ने उक्त दोनों पदाधिकारियों को 12 दिन के भीतर ब्यौरा देने को कहा था। प्रबंधन समिति द्वारा निर्धारित समयावधि में भी उपरोक्त दोनों पदाधिकारियों ने खर्च का ब्यौरा नहीं दिया, जिसकी वजह से दोनों पदाधिकारियों को अध्यक्ष और महासचिव पद से हटाने के फरमान जारी किए।
दूसरी बार कालेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चुने जाने पर पवन पहलवान ने कार्यकारिणी के सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि जल्द ही पूर्व अध्यक्ष नारायण दत्त शर्मा और पूर्व महासचिव सतपाल शर्मा के किए खर्च और कार्यों की जांच कराए। यदि उपरोक्त दोनों पदाधिकारी दोषी पाए तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी। पहलवान ने सवाल उठाया कि अभी बीपीआर कॉलेज में चार कमरों का प्रशासनिक ब्लाक तक तैयार नहीं हो सका तो फिर इतना पैसा कहां गया। इस बैठक में प्रबंधन कमेटी के 11 सदस्यों में से आठ मौजूद रहे, इनमें बालकिशन शास्त्री, देवराज शास्त्री, राम कुमार मौद्गिल, बृजरानी शर्मा, देसराज शर्मा और डॉ. अशोक शर्मा ने बैठक में शिरकत की।
इनसे आया था 70 लाख का अनुदान
नवनियुक्त अध्यक्ष पवन शर्मा पहलवान के अनुसार बीपीआर कॉलेज के लिए मुख्यमंत्री से 31 लाख, विधायक विनोद शर्मा से 11 लाख, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जय भगवान शर्मा डीडी से 11 लाख, सांसद रामप्रकाश से पांच लाख, श्रीजयराम संस्थाओं के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी और समाज के अन्य लोगों से आए नगद अनुदान मिला है।
बीस वर्ष से लगातार विवादों में कॉलेज
वर्तमान में बीपीआर कॉलेज हरियाणा सरकार से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थान है। करीब 20 वर्ष के इतिहास में इस कालेज की प्रबंधन कमेटी लगातार विवादों के घेरे में है। पूंडरी से विधायक रह चुके कांग्रेसी नेता दिनेश कौशिक बीपीआर कालेज के पहले अध्यक्ष रहे, जबकि उनके बाद शिक्षक नेता मंगलराम अत्रेय, प्रद्युम्न शर्मा, रोशनलाल चोंचड़ा, सुभाष बंदराना, पवन शर्मा पहलवान और नारायण दत्त शर्मा के बाद अब एक बार फिर पवन शर्मा पहलवान अध्यक्ष बने हैं। यहां रोचक पहलू ये है कि इनमें एक दो को छोड़ कर शेष को विवादों के चलते अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा।
बीस अगस्त को आम सभा में देंगे हिसाब
नारायण दत्त शर्मा और सतपाल शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि उन पर हुई कार्रवाई असंवैधानिक है। इन दोनों पदाधिकारियों के अनुसार उन्हें इस तरह हटाने का अधिकार कार्यकारिणी सदस्यों को नहीं है। उन्होंने कार्यकारिणी द्वारा लगाए आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया कि अनुदान का पैसा कालेज के विकास, ऋण देने और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कोर्स पर खर्च हुआ है। जिसका पूरा रिकार्ड, कोषाध्यक्ष के पास है। इन दोनों पदाधिकारियों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं, इनके अनुसार बीस अगस्त को सदस्यों की आम बैठक बुलाने जा रहे हैं, जिसमें एक-एक पैसे का हिसाब दिया जाएगा।