वन भूमि पर मुगल कैनाल फेस टू बनाने की तैयारी

Karnal Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
करनाल। जिला प्रशासन वन विभाग की आरक्षित जमीन पर मुगल कैनाल मार्केट एक बनाने के बाद अब फेस टू बनाने की तैयारी में है। जिला प्रशासन ने फेस एक बनाने के लिए ने तो केंद्र सरकार से अनुमति ली और न ही वन विभाग से। वन विभाग ने इसके लिए पर्यावरण कोर्ट में केस भी किया हुआ है। अब जिला प्रशासन वन विभाग की ही जमीन पर मुगल कैनाल फेस टू बनाने की तैयारी कर कर रहा है। इतना ही नहीं बिना अनुमति के वन विभाग की जमीन पर बनाई जा रही इस मार्केट के विस्तार का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री से कराने की तैयारी हो चुकी है। 18 नवंबर को सीएम से इस मार्केट के विस्तार का शिलान्यास कराने की योजना है। परंतु इसको लेकर प्रशासन ने केंद्र सरकार से आज तक मंजूरी नहीं ली है।
इस मामले को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दावा किया है कि प्रोटेक्टिड फारेस्ट लैंड को जिला प्रशासन गैरकानूनी तरीके से बेच नोट कमाने का प्रयास कर रहा है। प्रदेश में लगातार वन क्षेत्र घट रहा है और इसके दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि वन विभाग की जमीन पहले भी नगर सुधार मंडल बिना भारत सरकार की अनुमति के बेच चुका है। आरटीआई का हवाला देते हुए शर्मा ने कहा है कि वन विभाग इस बात को मान चुका है कि नगर सुधार मंडल ने प्रोटेक्टिड फारेस्ट लैंड पर कब्जा कर लिया है और बार-बार प्रयास के बाद भी उन्हें जमीन नहीं दी जा रही।

भारत सरकार की अनुमति जरूरी
भारतीय वन अधिनियम 1980 की धारा-2 के तहत यदि संरक्षित और आरक्षित वन भूमि पर कोई भी गैर वानिकी कार्य करना है, तो इससे पहले भारत सरकार की मंजूरी जरूरी है पर जिला प्रशासन ने वन भूमि पर मुगल कैनाल मार्केट का पहला फेज भी बिना अनुमति लिए बना लिया और दूसरा फेज बनाने की तैयारी कर ली है। नगर सुधार मंडल के ट्रस्ट इंजीनियर महीपाल सिंह ने बताया कि मुगल कैनाल के फेज-2 के तहत सब्जी मंडी पुल से मेरठ रोड पुल तक मार्केट बनाने का प्लान बनाया है। इस पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। फेज-2 में सेक्टर-14 पार्ट-एक की साइड शोरूम और दुकानें बनेंगी व सामने पार्किंग बनेगी।

नहीं मिली अनुमति
फेज-दो विस्तार को लेकर वन विभाग ने नगर सुधार मंडल को पत्र लिख कर विस्तार की अनुमति लेने को कहा है। कहा गया है कि वन भूमि का अधिग्रहण करने के लिए अनुमति ली जाए और इसके बदले जमीन दी जाए। इस पर गौर करते हुए नगर सुधार मंडल केंद्र सरकार को पत्र भेज चुका है, पर अभी तक अनुमति नहीं मिली है।

पर्यावरण कोर्ट में है केस
इस मामले में वन विभाग ने पर्यावरण अदालत में केस भी किया हुआ है। इसी मामले में 172 लोगों को नोटिस भी दिया जा चुका है पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।


सिर्फ नाला ढकने की अनुमति दी
हमने सिर्फ नाला ढकने की अनुमति दी है। इस जमीन पर मार्केट कटेगी उसकी अनुमति केंद्र सरकार का पर्यावरण मंत्रालय देगा। फिलहाल, इसकी अनुमति केंद्र से नहीं मिली है। नगर सुधार मंडल पहले भी बिना अनुमति लिए प्रोटेक्टिड फारेस्ट लैंड पर मार्केट काट चुका है। इसके बदले में हमें जमीन नहीं दी गई है। हमने अनुमति लेने और जमीन देने के लिए नगर सुधार मंडल को कई पत्र लिखे हैं पर आज तक कुछ नहीं हुआ। यह मार्केट का विस्तार कानून रूप से गलत है।
नवदीप हुडा, डीएफओ, करनाल।

भारत सरकार से मांगी है अनुमति
मुगल कैनाल फेज दो में वन विभाग की संरक्षित भूमि का हिस्सा बहुत कम है और इसके लिए भी प्रशासन ने भारत सरकार ने अनुमति मांगी हुई है। संभवत: अनुमति जल्दी ही मिल जाएगी। हां, पहले फेज में वन विभाग की जमीन ज्यादा थी और उसको लेकर वन विभाग की आपत्ति भी आई हुई है।

रेनू फुलिया
डीसी, करनाल।

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