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कराह साहिब में नए पट्टेदारों को मिला कब्जा
Karnal
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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कुरुक्षेत्र/पिहोवा। लंबे समय से प्रशासन के लिए सिरदर्द बनी गांव कराह साहिब की पंचायती जमीन पर बृहस्पतिवार डीसी मनदीप सिंह बराड़ के नेतृत्व में प्रशासन ने कब्जा ले लिया। शांतिपूर्वक कब्जा लिए जाने से जहां अधिकारियों ने राहत की सांस ली, वहीं, मिशन कराह साहिब बिना किसी तनाव और झगडे़ के सफल रहने से अधिकारियों के चेहरे खिले नजर आए। गांव कराह साहिब की 357 एकड़ पंचायती जमीन को लेकर हाईकोर्ट में केस चल रहा है और कोर्ट द्वारा 16 नवंबर तक इस जमीन का कब्जा पंचायत को दिलवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके चलते पिछले दिनों अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने गांव कराह साहिब का दौरा कर पंचायती जमीन का जायजा लेने के साथ-साथ ग्रामीणों से भी बातचीत की थी। उसके बाद प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पूरी जमीन को 4 सेक्टरों में बांटकर 11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए थे। प्रशासन ने किसी भी प्रकार के तनाव और विवाद से बचने के लिए 2000 पुलिसकर्मी तैनात किए थे। इनमें भारी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहीं। एहतियात के तौर पर प्रशासन द्वारा फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, दंगारोधी वाहन, घुड़सवार दस्ते और डाक्टरों की टीम को भी मौके पर तैनात किया गया था। प्रशासन को बृहस्पतिवार को पुराने पट्टेदारों से पूर्ण सहयोग मिलने के कारण किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। पुराने पट्टेदारों ने कहा कि कानून की पालना उनके लिए सर्वोच्च है। प्रशासन द्वारा 4 सेक्टरों में बांटी गई पंचायती जमीन का कब्जा गांव के सरपंच ज्ञान सिंह और पंचायत सदस्यों को दिलवाकर उसकी पूरी तरह से वीडियोग्राफी करवाकर पुराने पट्टेदारों और पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर भी करवाए गए। पंचायती जमीन पर लिए जा रहे कब्जे के दौरान पंचायत एवं विकास विभाग के वित्तायुक्त रोशनलाल ने भी मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। कराह साहिब की पंचायती जमीन पर कब्जे के मामले में अतिरिक्त उपायुक्त सुमेधा कटारिया और पिहोवा की एसडीएम कमलप्रीत कौर की भूमिका बेहद सराहनीय रही। आशंका व्यक्त की जा रही थी कि कब्जे के समय किसी भी प्रकार का तनाव और झगड़ा हो सकता है। इसी आशंका के मद्देनजर एसडीएम ने लगातार 3 दिन तक पुराने पट्टेदारों और उनके परिवार की महिलाओं को समझा बुझाकर स्थिति को शांतिपूर्वक बनाए रखा, जिसके चलते प्रशासन को कब्जा लेने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। गौरतलब है कि इस मामले में पुराने कब्जाधारकों द्वारा पहले नेशनल हाईवे जाम और जोरदार प्रदर्शन किया जा चुका है।
ये अधिकारी रहे मौके पर तैनात
इस अवसर पर जिला एसपी राकेश आर्य, अंडर ट्रेनिंग आईएएस विनय कुमार, एडीसी सुमेधा कटारिया, एसडीएम कमलप्रीत कौर, शाहाबाद केे एसडीएम सुशील कुमार, डीएसपी नवीन कुमार, डीआरओ अशोक मलिक, तहसीलदार मानसिंह, डीडीपीओ गगनदीप सिंह, बीडीपीओ आरडी साहनी, सरपंच ज्ञान सिंह सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी और पंचायत सदस्य साथ थे।
एडीजीपी और आईजी की थी नजर
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड आर्डर) एमएस मान, करनाल मंडल के पुलिस महानिरीक्षक बलबीर सिंह और पुलिस अधीक्षक राकेश आर्य पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए थे। लंबे समय से इस भूमि पर काबिज लोगों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति का पूरा अंदेशा था। पुलिस-प्रशासन इस मामले में पूरी चौकसी बरतते हुए पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि विपरीत हालात पैदा ही नहीं हों, यदि ऐसी स्थिति पैदा होती तो पुलिस-प्रशासन के पास पूरे बंदोबस्त थे।
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ये अधिकारी रहे मौके पर तैनात
इस अवसर पर जिला एसपी राकेश आर्य, अंडर ट्रेनिंग आईएएस विनय कुमार, एडीसी सुमेधा कटारिया, एसडीएम कमलप्रीत कौर, शाहाबाद केे एसडीएम सुशील कुमार, डीएसपी नवीन कुमार, डीआरओ अशोक मलिक, तहसीलदार मानसिंह, डीडीपीओ गगनदीप सिंह, बीडीपीओ आरडी साहनी, सरपंच ज्ञान सिंह सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी और पंचायत सदस्य साथ थे।
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एडीजीपी और आईजी की थी नजर
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड आर्डर) एमएस मान, करनाल मंडल के पुलिस महानिरीक्षक बलबीर सिंह और पुलिस अधीक्षक राकेश आर्य पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए थे। लंबे समय से इस भूमि पर काबिज लोगों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति का पूरा अंदेशा था। पुलिस-प्रशासन इस मामले में पूरी चौकसी बरतते हुए पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि विपरीत हालात पैदा ही नहीं हों, यदि ऐसी स्थिति पैदा होती तो पुलिस-प्रशासन के पास पूरे बंदोबस्त थे।
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