{"_id":"81-45693","slug":"Karnal-45693-81","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटाखों का लाइसेंस के नाम पर लूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटाखों का लाइसेंस के नाम पर लूट
Karnal
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। पटाखों के स्टाल का लाइसेंस देने के नाम पर रुपये का जबरदस्त खेल चला है। सेक्टर 12 के स्टाल संचालकों ने आरोप लगाया है कि डीसी आफिस में उनसे लाइसेंस देने के नाम पर पांच सौ रुपये फीस की जगह एक हजार रुपये वसूला गया। लोगों के अनुसार पांच सौ रुपये लाइसेंस फीस का दाम है, लेकिन बाकी के पांच सौ रुपये का कोई हिसाब नहीं है।
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि रुपया लेकर भी उन्हें सुविधा नहीं दी जा रही है। उन लोगों को रेत पानी के लिए भी इधर उधर दौड़ना पड़ता है।
आवंटित हुए थे स्टाल
दिवाली के उपलक्ष्य में प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि शहर में सेक्टर 12, सेक्टर 16 और सेक्टर 32 के मैदानों में पटाखा बाजार लगाए जाएंगे। तीनों स्थानों पर कुल 176 पटाखा स्टाल लगाए जाएंगे। पटाखा बाजार में स्टाल लगाने के लिए कुल 426 आवेदन आए थे। इनमें से सेक्टर 12 में 58 स्टाल, सेक्टर 16 में 68 स्टाल और सेक्टर 32 में 50 स्टाल लगाए जाने थे। प्रशासन को मिले कुल आवेदनों में से 250 आवेदन पत्र रद् किए गए।
नहीं मिली रसीद
आवंटित जगहों पर अपने स्टाल लगाने के लिए पहुंचे स्टाल नंबर 51 के संचालक विकास अरोड़ा, स्टाल नंबर चार के संचालक राजकुमार, स्टाल नंबर 45 के वरिंद्र सिंह, स्टाल नंबर 40 के संचालक कमल मदान, स्टाल नंबर तीन के संचालक संजीव कुमार, स्टाल नंबर 26 के संचालक श्यामसिंह, स्टाल नंबर 25 के संचालक मनोहर लाल व स्टाल नंबर दो के संचालक रोहित मदान समेत कई लोगों ने कहा कि डीसी आफिस में आवेदन के समय उन लोगों से एक-एक हजार रुपये वसूल किया गया। आवेदन फार्म की कीमत पांच सौ रुपये थी। बाकी पांच सौ रुपये की कोई रसीद नहीं दी गई। स्टाल संचालकों ने प्रशासन से रसीद देने की मांग की है। स्टाल नंबर 51 के संचालक विकास अरोड़ा ने कहा अभी वह लोग पैसा लगा बैठे हैं। उन्हें दुकानदारी करनी है, लेकिन वह लोग अपनी यह लड़ाई लडे़ंगे। कोई नहीं लडे़गा तो वह शिकायत करेगा।
विज्ञापन
सुविधा भी नहीं देता प्रशासन
स्टाल संचालकों ने सरकारी कर्मियों द्वारा उन लोगों से पैसा वसूलने और सुविधा नहीं देने का रोना रोया। संचालकों के अनुसार पिछले सालों में भी उन लोगों को कोई सुविधा नहीं दी गई है। उन्हें रेत और पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जाता है। सेक्टर 12 में किराए के नाम पर तीन दिन के लिए एक स्टाल संचालक को 2400 रुपये देने पड़ते है। वहां सफाई तक नहीं कराई जाती है। यही हाल दूसरे स्थानों पर है।
- ऐसा कोई मामला है तो लोगों को शिकायत करनी चाहिए। लोग शिकायत करेंगे तो इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। शिकायत देना जरूरी है। बिना रसीद के पैसे लेना कानूनी जुर्म है।
- रेनू एस फूलिया, उपायुक्त, करनाल
विज्ञापन
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि रुपया लेकर भी उन्हें सुविधा नहीं दी जा रही है। उन लोगों को रेत पानी के लिए भी इधर उधर दौड़ना पड़ता है।
आवंटित हुए थे स्टाल
दिवाली के उपलक्ष्य में प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि शहर में सेक्टर 12, सेक्टर 16 और सेक्टर 32 के मैदानों में पटाखा बाजार लगाए जाएंगे। तीनों स्थानों पर कुल 176 पटाखा स्टाल लगाए जाएंगे। पटाखा बाजार में स्टाल लगाने के लिए कुल 426 आवेदन आए थे। इनमें से सेक्टर 12 में 58 स्टाल, सेक्टर 16 में 68 स्टाल और सेक्टर 32 में 50 स्टाल लगाए जाने थे। प्रशासन को मिले कुल आवेदनों में से 250 आवेदन पत्र रद् किए गए।
विज्ञापन
नहीं मिली रसीद
आवंटित जगहों पर अपने स्टाल लगाने के लिए पहुंचे स्टाल नंबर 51 के संचालक विकास अरोड़ा, स्टाल नंबर चार के संचालक राजकुमार, स्टाल नंबर 45 के वरिंद्र सिंह, स्टाल नंबर 40 के संचालक कमल मदान, स्टाल नंबर तीन के संचालक संजीव कुमार, स्टाल नंबर 26 के संचालक श्यामसिंह, स्टाल नंबर 25 के संचालक मनोहर लाल व स्टाल नंबर दो के संचालक रोहित मदान समेत कई लोगों ने कहा कि डीसी आफिस में आवेदन के समय उन लोगों से एक-एक हजार रुपये वसूल किया गया। आवेदन फार्म की कीमत पांच सौ रुपये थी। बाकी पांच सौ रुपये की कोई रसीद नहीं दी गई। स्टाल संचालकों ने प्रशासन से रसीद देने की मांग की है। स्टाल नंबर 51 के संचालक विकास अरोड़ा ने कहा अभी वह लोग पैसा लगा बैठे हैं। उन्हें दुकानदारी करनी है, लेकिन वह लोग अपनी यह लड़ाई लडे़ंगे। कोई नहीं लडे़गा तो वह शिकायत करेगा।
विज्ञापन
सुविधा भी नहीं देता प्रशासन
स्टाल संचालकों ने सरकारी कर्मियों द्वारा उन लोगों से पैसा वसूलने और सुविधा नहीं देने का रोना रोया। संचालकों के अनुसार पिछले सालों में भी उन लोगों को कोई सुविधा नहीं दी गई है। उन्हें रेत और पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जाता है। सेक्टर 12 में किराए के नाम पर तीन दिन के लिए एक स्टाल संचालक को 2400 रुपये देने पड़ते है। वहां सफाई तक नहीं कराई जाती है। यही हाल दूसरे स्थानों पर है।
- ऐसा कोई मामला है तो लोगों को शिकायत करनी चाहिए। लोग शिकायत करेंगे तो इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। शिकायत देना जरूरी है। बिना रसीद के पैसे लेना कानूनी जुर्म है।
- रेनू एस फूलिया, उपायुक्त, करनाल