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Karnal News: घरों पर लगाने के कुछ देर बाद उतारकर फेंक दिए क्यूआर कोड
Sat, 29 Apr 2023 03:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 29 Apr 2023 03:35 AM IST
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करनाल। कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी हर घर तक पहुंच रहे हैं या नहीं, ये सुनिश्चित करने के लिए नगर में घरों के दरवाजों पर क्यूआर कोड लगाने की शुरुआत कर दी है। पहले दिन 100 घरों पर क्यूआर कोड लगा दिए गए लेकिन इनमें से कोई क्यूआर कोड गृह स्वामियों ने इन्हें उतार कर फेंक दिया है। इसका मुख्य कारण लोगों की इस संबंध में जानकारी नहीं होना है। निगम या एजेंसी ने बिना लोगों को इसके बारे में बताए ही क्यूआर कोड लगाने शुरू कर दिए हैं। लोग इसका महत्व समझ ही नहीं पाए हैं।
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि शहर में डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण का कार्य करने वाली सुगम स्वच्छता एजेंसी ने शहर के सेक्टर-13 से घरों के आगे क्यूआर कोड लगाने की शुरुआत की। 100 घरों में क्यूआर कोड लगा भी दिए लेकिन जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने कुछ देर बाद ही क्यूआर कोड को उखाड़ कर फेंक दिया है। इसकी जांच की जाएगी कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। माना जा रहा है कि शायद उनको किसी ने इस बारे जागरूक नहीं किया कि आखिर ये क्यूआर कोड क्या है, क्यों लगाया जा रहा है, इसका लाभ क्या होगा। इसलिए अब नगर निगम के सफाई निरीक्षक और सहायक सफाई निरीक्षकों जैसे जोन इंचार्जों को निर्देशित किया गया है कि वह लोगों को जागरूक करें। गृह स्वामियों को यह भी बताएं, कि यह निगम की संपत्ति है और उनके फायदे के लिए है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जिस घर के आगे क्यूआर कोड लगा है, वहां तक कूड़ा उठाने वाला वाहन पहुंचा है या नहीं। वहां से कूड़ा उठा है या नहीं। वाहन के साथ लगाए गए हेल्पर क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, तभी ये माना जाएगा कि उन्होंने संबंधित क्यूआर कोड वाले घर से कूड़ा उठाया है। इससे शतप्रतिशत घरों से हर रोड कूड़ा उठान सुनिश्चित हो सकेगा।
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निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि शहर में डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण का कार्य करने वाली सुगम स्वच्छता एजेंसी ने शहर के सेक्टर-13 से घरों के आगे क्यूआर कोड लगाने की शुरुआत की। 100 घरों में क्यूआर कोड लगा भी दिए लेकिन जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने कुछ देर बाद ही क्यूआर कोड को उखाड़ कर फेंक दिया है। इसकी जांच की जाएगी कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। माना जा रहा है कि शायद उनको किसी ने इस बारे जागरूक नहीं किया कि आखिर ये क्यूआर कोड क्या है, क्यों लगाया जा रहा है, इसका लाभ क्या होगा। इसलिए अब नगर निगम के सफाई निरीक्षक और सहायक सफाई निरीक्षकों जैसे जोन इंचार्जों को निर्देशित किया गया है कि वह लोगों को जागरूक करें। गृह स्वामियों को यह भी बताएं, कि यह निगम की संपत्ति है और उनके फायदे के लिए है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जिस घर के आगे क्यूआर कोड लगा है, वहां तक कूड़ा उठाने वाला वाहन पहुंचा है या नहीं। वहां से कूड़ा उठा है या नहीं। वाहन के साथ लगाए गए हेल्पर क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, तभी ये माना जाएगा कि उन्होंने संबंधित क्यूआर कोड वाले घर से कूड़ा उठाया है। इससे शतप्रतिशत घरों से हर रोड कूड़ा उठान सुनिश्चित हो सकेगा।
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