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हड़ताल पर चल रहे एनएचएम कर्मचारियों के अड़ियल रवैये को देखते हुए जिले के 299 कर्मचारियों की सेवाएं की समाप्त
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मांगों को लेकर कई दिन से हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों को लेकर सरकार ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। करनाल जिले में हड़ताल पर कुल 312 कमचारी बैठे हैं। सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा कर्मचारियों को बार-बार समझाए जाने के बाद भी वह अपनी सेवाओं पर नहीं लौट रहे हैं। इन कर्मचारियों के अड़ियल रवैये को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने 299 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। उन्होंने बताया कि एनएचएम के अंतर्गत एसएनसीयू, लेबर रूम तथा आपातकालीन सेवाओं को जिला में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के माध्यम से सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त प्रबंध कर लिए गए हैं।
एंबुलेंस पर चालकों की भर्ती के प्रबंध
जिले में एंबुलेंस पर कार्यरत हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों की भरपाई के लिए एनएचएम एंबुलेंस पर नियमित चालकों व हरियाणा रोडवेज से व आउटसोर्सिंग से चालकों का पर्याप्त प्रबंध कर लिया गया है और सभी सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। फिर भी हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों से गुजारिश की जाती है कि अपने अड़ियल रवैये को त्यागते हुए तुरंत अपनी सेवाओं पर लौटें अन्यथा जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी उन्हें किसी हाल में पुन: सेवाओं में नहीं लिया जाएगा, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार होंगे।
पांच फरवरी से चल रहे हैं हड़ताल पर
बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के कुछ कर्मचारी विगत 5 फरवरी से निरंतर असंवैधानिक रूप से हड़ताल पर चल रहे हैं पहले भी कर्मचारी 2 वर्ष में लगभग 10 बार हड़ताल पर रह चुके हैं, जबकि एनएचएम के कर्मचारियों को सर्विस सुरक्षा प्रदान करने के लिए 1 जनवरी, 2018 सर्विस बाईलॉज (नियम) बना दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों पर विचार करते हुए सरकार द्वारा दूर कर दी गई हैं। सभी कर्मचारियों को सर्विस बाईलॉज के अनुसार वार्षिक वेतन वृद्धि, डीए व अन्य लाभ निरंतर दिए जा रहे हैं, इससे हरियाणा सरकार पर प्रतिवर्ष 110 करोड़ रुपये का वित्तीय भार बढ़ रहा है।
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करनाल। मांगों को लेकर कई दिन से हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों को लेकर सरकार ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। करनाल जिले में हड़ताल पर कुल 312 कमचारी बैठे हैं। सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा कर्मचारियों को बार-बार समझाए जाने के बाद भी वह अपनी सेवाओं पर नहीं लौट रहे हैं। इन कर्मचारियों के अड़ियल रवैये को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने 299 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। उन्होंने बताया कि एनएचएम के अंतर्गत एसएनसीयू, लेबर रूम तथा आपातकालीन सेवाओं को जिला में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के माध्यम से सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त प्रबंध कर लिए गए हैं।
एंबुलेंस पर चालकों की भर्ती के प्रबंध
जिले में एंबुलेंस पर कार्यरत हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों की भरपाई के लिए एनएचएम एंबुलेंस पर नियमित चालकों व हरियाणा रोडवेज से व आउटसोर्सिंग से चालकों का पर्याप्त प्रबंध कर लिया गया है और सभी सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। फिर भी हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों से गुजारिश की जाती है कि अपने अड़ियल रवैये को त्यागते हुए तुरंत अपनी सेवाओं पर लौटें अन्यथा जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी उन्हें किसी हाल में पुन: सेवाओं में नहीं लिया जाएगा, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार होंगे।
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पांच फरवरी से चल रहे हैं हड़ताल पर
बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के कुछ कर्मचारी विगत 5 फरवरी से निरंतर असंवैधानिक रूप से हड़ताल पर चल रहे हैं पहले भी कर्मचारी 2 वर्ष में लगभग 10 बार हड़ताल पर रह चुके हैं, जबकि एनएचएम के कर्मचारियों को सर्विस सुरक्षा प्रदान करने के लिए 1 जनवरी, 2018 सर्विस बाईलॉज (नियम) बना दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों पर विचार करते हुए सरकार द्वारा दूर कर दी गई हैं। सभी कर्मचारियों को सर्विस बाईलॉज के अनुसार वार्षिक वेतन वृद्धि, डीए व अन्य लाभ निरंतर दिए जा रहे हैं, इससे हरियाणा सरकार पर प्रतिवर्ष 110 करोड़ रुपये का वित्तीय भार बढ़ रहा है।
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