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85 अवैध कॉलोनियां चिंह्ति, रजिस्टरी, बिजली कनेक्शन पर रोक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2022 02:21 AM IST
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85 illegal colonies identification, registration, ban on electricity connection
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। जिले में 85 अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, ये अभी प्रारंभिक अवस्था में हैं, जो कि जिला नगर योजनाकार के रडार पर आ गई हैं। इनमें 40 कॉलोनियां करनाल शहरी क्षेत्र में विकसित की जा रही हैं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के तहत गठित की गई जिला टास्क फोर्स की बुधवार को एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सभी कॉलोनियों को विकसित होने से रोकने के लिए एक्शन प्लॉन तैयार किया गया है।
लोगों से अपील की गई कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। इनमें रजिस्टरी रोकने के लिए सभी उपमंडलाधीशों व तहसीलदारों को किला नंबर/खसरा नंबर सहित लिखित सूचना भेजी जा रही है। साथ ही उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को ऐसी कॉलोनियों की लोकेशन दी गई है, इनमें बिजली कनेक्शन न देने को कहा गया है। इनकी सूची भी उपायुक्त कार्यालय, नगर निगम, एसडीएम व तहसील कार्यालयों में चस्पा कराई जाएंगी।
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जिला नगर योजनाकार आरएस बाठ ने बताया कि आरडब्ल्यूए और लाइसेंसियों की ओर से कुछ कॉलोनियों में सुविधाएं न देने को लेकर जिला प्रशासन को शिकायतें मिली थी, जिन्हें दूर करने के लिए डीटीपी कार्यालय, आरडब्ल्यूए के साथ नियमित तौर पर बैठकें की जा रही हैं। अब तक पांच बैठकें की जा चुकी हैं। निर्णय लिया गया है कि हर दो महीने में ऐसी बैठकें की जाएंगी। डीटीपी ने अवैध निर्माण की तोड़फोड़ के लिए पर्याप्त पुलिस बल देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी मुहिम में 20 से 25 पुलिस कर्मचारी मिलने चाहिए। एडीसी ने कहा कि इसकी पूर्व सूचना दी जाए तो उचित पुलिस बल का बंदोबस्त किया जाएगा। बीते दो वर्षों में पुलिस को कार्रवाई के लिए जितना लिखा गया है, उसमें से 90 प्रतिशत प्राथमिकी दर्ज हुई हैं। छह माह पहले भी 144 कॉलोनियों का सर्वे कराया गया था, जिसमें 45 कॉलोनियां निगम क्षेत्र से बाहर व शेष सभी निगम क्षेत्र में पाई गई थी। इनमें तोड़फोड़ से पहले इनके विकास का सर्वे किया जाएगा। बैठक में नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त गौरव कुमार, उप मंडलाधीश घरौंडा अभय जांगड़ा, नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल, पीडब्ल्यूडी व यूएचबीवीएन के कार्यकारी अभियंता मौजूद रहे।
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2041 तक का मास्टर प्लान बनाने की तैयारी
अभी तक जिला नगर योजनाकार कार्यालय में करनाल का वर्ष 2025 तक का मास्टर प्लान है। इसी पर कई वर्षों से काम किया जा रहा है, लेकिन अब डीटीपी कार्यालय जिले की विभिन्न बदली परिस्थितियों और नई चीजों को जोड़कर 2041 तक का नया मास्टर प्लान तैयार करने में जुट गया है। इसमें जिले के कुछ नए क्षेत्र भी नियंत्रित क्षेत्र में शामिल किए जाएंगे। जो क्षेत्र नियंत्रित (कंट्रोल्ड एरिया) घोषित हो जाता है, वहां किसी भी तरह का विकास करने के लिए अनुमति लेना अनिवार्य हो जाता है।
एक एकड़ से कम की रजिस्टरी से पहले डीटीपी की एनओसी जरूरी
एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि कंट्रोल्ड और अर्बन एरिया में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जिसमें कोई भी तहसीलदार 7-ए के तहत रजिस्टरी कर सकता है, लेकिन अब एक एकड़ से कम जगह की रजिस्टरी के लिए डीटीपी से एनओसी लेनी अनिवार्य होगी। जो 7-ए, हरियाणा डेवलेपमेंट एंड रेगूलेशन ऑफ अर्बन एरिया एक्ट-1975 में आता है।
एक जुलाई से पहले की कॉलोनियों को नियमित कराने के लिए करें आवेदन
डीटीपी ने बताया कि 19 जुलाई 2021 को जारी नई पॉलिसी के अनुसार नगर निगम एरिया के बाहर जो भी अवैध कॉलोनी हैं, जो एक जुलाई 2022 के पहले की बनी हैं, उसे नियमित करवाने के लिए जिला स्तरीय गठित कमेटी को आवेदन किया जा सकता है। कमेटी में उपायुक्त चेयरमैन हैं और डीटीपी सदस्य सचिव हैं। आवेदन के प्रस्तावों को आगामी कार्रवाई के लिए मंडल आयुक्त के पास भेजा जाएगा। इसके अलावा अल्फा सिटी, सीएचडी सिटी व असंल जैसी जितनी भी लाइसेंसी कॉलोनियां हैं। यदि कोई व्यक्ति इन कॉलोनियों के आवासीय एरिया में व्यवसायिक गतिविधि करना चाहता है, तो वह अनुमति लेकर 50 वर्ग मीटर में कर सकता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को पांच साल की अवधि के लिए 30 हजार रुपये की फीस जमा करवानी होगी।

अवैध कॉलोनी पनपने से रोकने के लिए दें सुझाव
डीटीपी ने बताया कि अवैध कॉलोनियों को पनपने से रोकने के लिए जनता भी अपने सुझाव दे सकती है। इसके लिए डीटीपी कार्यालय में सुझाव पेटिका लगाई गई है। इसके अलावा ईमेल suggestiondtp@gmail.com के जरिए भी अपने उपयोगी सुझाव दे सकते हैं।
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