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सत्संग मानव जीवन का चिराग है : महात्मा सतीश हंस
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। संत निरंकारी सत्संग भवन, निरंकारी बाबा हरदेव सिंह मार्ग, रेलवे रोड, करनाल में विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें आए श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए महात्मा सतीश हंस (जोनल इंचार्ज) ने फरमाया कि सत्संग मानव जीवन का चिराग है। सत्संग सतगुरू द्वारा प्रदत्त ज्ञान की वह पाठशाला है, जिसमें प्रवेश पाकर मानव रुढ़ियों, परंपराओं, अंधविश्वासों से निकल कर सन्मार्ग की ओर ले बढ़ता है। सत्य परमात्मा है, परमात्मा सत्य सत-चित-आनंद है इसलिए सत्संग सत्य का संग हैं। महात्मा ने फरमाया कि जीवन में मुक्ति का सबसे सरल साधन सत्संग है। परमात्मा जिस पर कृपा करते हैं उसे सत्संग से जोड़ देते हैं, जैसे कहा भी है कि सत्संग है ज्ञान सरोवर सुख की खान ए बंदे, सत्संग से ही मिलते सचमुच भगवान ए बंदे। सत्संग ज्ञान का सरोवर है, समस्त सुखों की खान है और ये सतगुरु की कृपा के बिना सम्भव नहीं है सतगुरु से परमात्मा की जानकारी प्राप्त किये बिना भगति करना पानी में मधानी मारने के समान है। प्रथम भगति संतन्ह कर संगा। दूसरि रति मम कथा प्रसंगा। अर्थात संतो का संग प्राप्त हो तो भगति का आनन्द सहज में प्राप्त हो सकता है। महात्मा ने फरमाया की इसी अमोलक अलौकिक आनन्द को प्रदान करने के लिए 7 अक्टूबर को वरदायनी कल्याण करने वाली निरंकारी प्रमुख सतगुरु माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव महाराज नीलोखेड़ी में पधार रहे हैं। उनके आगमन की खुशी में दशहरा ग्राउंड में प्रात: 10 से 02 बजे दोपहर तक विशाल निरंकारी संत समागम का आयोजन किया जा रहा है। हर मानव मात्र वहां पर समय से पहुंचकर सतगुरु के पावन दर्शनों साथ-साथ उनके कल्याणकारी अनमोल प्रवचनों का भी लाभ उठा सकते हैं। मंच संचालन कृष्ण गोपाल धवन ने किया और स्थानीय शहर करनाल एवं अनेक गांवों से आए संतजनों (बहन-भाइयों) ने संत्सग का भरपूर लाभ उठाया।
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करनाल। संत निरंकारी सत्संग भवन, निरंकारी बाबा हरदेव सिंह मार्ग, रेलवे रोड, करनाल में विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें आए श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए महात्मा सतीश हंस (जोनल इंचार्ज) ने फरमाया कि सत्संग मानव जीवन का चिराग है। सत्संग सतगुरू द्वारा प्रदत्त ज्ञान की वह पाठशाला है, जिसमें प्रवेश पाकर मानव रुढ़ियों, परंपराओं, अंधविश्वासों से निकल कर सन्मार्ग की ओर ले बढ़ता है। सत्य परमात्मा है, परमात्मा सत्य सत-चित-आनंद है इसलिए सत्संग सत्य का संग हैं। महात्मा ने फरमाया कि जीवन में मुक्ति का सबसे सरल साधन सत्संग है। परमात्मा जिस पर कृपा करते हैं उसे सत्संग से जोड़ देते हैं, जैसे कहा भी है कि सत्संग है ज्ञान सरोवर सुख की खान ए बंदे, सत्संग से ही मिलते सचमुच भगवान ए बंदे। सत्संग ज्ञान का सरोवर है, समस्त सुखों की खान है और ये सतगुरु की कृपा के बिना सम्भव नहीं है सतगुरु से परमात्मा की जानकारी प्राप्त किये बिना भगति करना पानी में मधानी मारने के समान है। प्रथम भगति संतन्ह कर संगा। दूसरि रति मम कथा प्रसंगा। अर्थात संतो का संग प्राप्त हो तो भगति का आनन्द सहज में प्राप्त हो सकता है। महात्मा ने फरमाया की इसी अमोलक अलौकिक आनन्द को प्रदान करने के लिए 7 अक्टूबर को वरदायनी कल्याण करने वाली निरंकारी प्रमुख सतगुरु माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव महाराज नीलोखेड़ी में पधार रहे हैं। उनके आगमन की खुशी में दशहरा ग्राउंड में प्रात: 10 से 02 बजे दोपहर तक विशाल निरंकारी संत समागम का आयोजन किया जा रहा है। हर मानव मात्र वहां पर समय से पहुंचकर सतगुरु के पावन दर्शनों साथ-साथ उनके कल्याणकारी अनमोल प्रवचनों का भी लाभ उठा सकते हैं। मंच संचालन कृष्ण गोपाल धवन ने किया और स्थानीय शहर करनाल एवं अनेक गांवों से आए संतजनों (बहन-भाइयों) ने संत्सग का भरपूर लाभ उठाया।