{"_id":"595142954f1c1bb5028b459b","slug":"81498497685-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंधेरे में डूबे मेडिकल कॉलेज के चौथी मंजिल से गिरने से मरीज की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंधेरे में डूबे मेडिकल कॉलेज के चौथी मंजिल से गिरने से मरीज की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंधेरे में डूबे मेडिकल कॉलेज के चौथी मंजिल से गिरने से मरीज की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन बड़े जनरेटर और बिजली की हॉटलाइन होने मे बावजूद भी कॉलेज अंधेरे में डूबा रहता है। रविवार देर रात को लाइट जाने के कारण हुए अंधेरे में एक मरीज अस्पताल की चौथी मंजिल से नीचे जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अस्पताल की लाइट जाने के बाद मरीज वार्ड से बाहर आकर रैंप के पास टहल रहा था कि अंधेरे के कारण अचानक वह नीचे गिर गया। जबकि रैंप के पास लगभग तीन फीट ऊंची दिवार भी बनी हुई है। मरीज की इस प्रकार मौत ने अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिये है। देर रात को मरीज की मौत होने से कॉलेज प्रशासन और मरीजों में अफरा तफरी मच गई। घटना की सूचना पुलिस को दी। सिविल लाइन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस और अस्पताल प्रबंधन मामले की जांच कर रही है।
भगत सिंह ने बताया कि उसका पिता दयाराम (40) वासी जनेसरों 23 जून से मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो विभाग में दाखिल था। मंगलवार को उसका बाजू का ऑपरेशन होना था। रविवार रात को लाइट जाने के बाद वह अपने बेड़ से उठकर बाहर घूमने के लिए निकला था। अंधेरा होने के कारण वह ऑर्थो विभाग के बाहर बने रैंप के पास गया। जहां से अचानक वह नीचे गिर गया और उसकी मौका पर ही मौत हो गई, जबकि रैंप पर लगभग 3 फीट ऊंची दिवार भी बनी हुई है। इसके बावजूद भी मरीज के इस प्रकार गिर जाने से मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं। मरीज की मौत के बाद कालेज प्रबंधन और मरीजों में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। मेडिकल कॉलेज में आए दिनों लाइट न होने के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ ता है। लाइट न होने की वजह से कई बार ओप्रेशन और टेस्ट करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं मृतक के परिजनों का कहना है कि अगर लाइट की ठीक व्यवस्था होती तो दयाराम की जान नहीं जाती। पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन मामले की जांच कर रहा है।
33 केवी का सब स्टेशन, हॉटलाइन और 3 जनरेटर होने के बाद भी अंधेरा
मेडिकल कॉलेज के पास अपना 33 केवी का सब स्टेशन और हॉटलाइन की व्यवस्था भी है। इसी के साथ लाइट जाने के बाद भी इस्तेमाल के लिए 3 बड़े जनरेटरों का भी प्रबंध है। इसके बावजूद भी मेडिकल कॉलेज में अधिकतर समय अंधेरा छाया रहता है। अंधेरा छाए रहने से मरीजों को तो परेशानी होती है, इसी के साथ मरीजों के साथ आए तिमारदारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो बिजली न होने की वजह से टेस्ट करवाने आए मरीजों को भी वापिस लौटना पड़ता है।
विज्ञापन
डीएमएस ने की सुरक्षा गार्डों से पूछताछ
चौथी मंजिल से मरीज के गिर जाने के मामले में सोमवार सुबह उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंघल ने रविवार रात को ड्यूटी पर तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों को बुलाकर घटना के बारे में पूछताछ की। उन्होंने सुपरवाइजर को सख्त हिदायत दी कि रात और दिन में सभी सुरक्षा गार्ड सर्तकता से ड्यूटी करें। ताकि इस प्रकार की कोई भी घटना न हो। उन्होंने सभी गार्डों के ब्यान भी दर्ज किए और भविष्य में सर्तकता से ड्यूटी करने की हिदायत दी।
रैंप के पास 3 फीट ऊंची दीवार, फिर भी गिरा मरीज
रैंप के साथ-साथ लगभग तीन फीट ऊंची दीवार होने के बाद भी मरीज नीचे गिर गया। मरीज नीचे कैसे गिरा, यह किसी को नहीं पता। फिलहाल संदेह जताया जा रहा है कि मरीज ने शराब का सेवन किया होगा। इसलिए नशे में वह दिवार पर बैठते हुए नीचे गिरा होगा। मरीज 23 जून से ऑर्थो विभाग में दाखिल था, जिसका आज ऑपरेशन होना था। अगर मरीज ने शराब का सेवन किया है तो मेडिकल कॉलेज में शराब कैसे पहुंची। यह भी जांच का विषय है। लेकिन घटना के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुए है। पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन मामले की हर पहलू पर जांच कर रहे हैं।
दयाराम 23 जून से अस्पताल के ऑर्थो विभाग में दाखिल था। रविवार देर रात को अचानक वह चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। गिरने के कारणों का फिलहाल पता नहीं लग पाया है। मेडिकल कॉलेज में लाइट जाने के बाद 10:05 से लेकर 10 बजकर 55 मिनट तक जनरेटर चालू रहा, जिस कारण लाइट की कोई भी समस्या नहीं थी। सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की गई है। मामले की जांच की जा रही है। -डॉ. एसपी सिंघलउप चिकित्सा अधीक्षक, केसीएमसी, करनाल
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन बड़े जनरेटर और बिजली की हॉटलाइन होने मे बावजूद भी कॉलेज अंधेरे में डूबा रहता है। रविवार देर रात को लाइट जाने के कारण हुए अंधेरे में एक मरीज अस्पताल की चौथी मंजिल से नीचे जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अस्पताल की लाइट जाने के बाद मरीज वार्ड से बाहर आकर रैंप के पास टहल रहा था कि अंधेरे के कारण अचानक वह नीचे गिर गया। जबकि रैंप के पास लगभग तीन फीट ऊंची दिवार भी बनी हुई है। मरीज की इस प्रकार मौत ने अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिये है। देर रात को मरीज की मौत होने से कॉलेज प्रशासन और मरीजों में अफरा तफरी मच गई। घटना की सूचना पुलिस को दी। सिविल लाइन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस और अस्पताल प्रबंधन मामले की जांच कर रही है।
भगत सिंह ने बताया कि उसका पिता दयाराम (40) वासी जनेसरों 23 जून से मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो विभाग में दाखिल था। मंगलवार को उसका बाजू का ऑपरेशन होना था। रविवार रात को लाइट जाने के बाद वह अपने बेड़ से उठकर बाहर घूमने के लिए निकला था। अंधेरा होने के कारण वह ऑर्थो विभाग के बाहर बने रैंप के पास गया। जहां से अचानक वह नीचे गिर गया और उसकी मौका पर ही मौत हो गई, जबकि रैंप पर लगभग 3 फीट ऊंची दिवार भी बनी हुई है। इसके बावजूद भी मरीज के इस प्रकार गिर जाने से मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं। मरीज की मौत के बाद कालेज प्रबंधन और मरीजों में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। मेडिकल कॉलेज में आए दिनों लाइट न होने के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ ता है। लाइट न होने की वजह से कई बार ओप्रेशन और टेस्ट करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं मृतक के परिजनों का कहना है कि अगर लाइट की ठीक व्यवस्था होती तो दयाराम की जान नहीं जाती। पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन मामले की जांच कर रहा है।
विज्ञापन
33 केवी का सब स्टेशन, हॉटलाइन और 3 जनरेटर होने के बाद भी अंधेरा
मेडिकल कॉलेज के पास अपना 33 केवी का सब स्टेशन और हॉटलाइन की व्यवस्था भी है। इसी के साथ लाइट जाने के बाद भी इस्तेमाल के लिए 3 बड़े जनरेटरों का भी प्रबंध है। इसके बावजूद भी मेडिकल कॉलेज में अधिकतर समय अंधेरा छाया रहता है। अंधेरा छाए रहने से मरीजों को तो परेशानी होती है, इसी के साथ मरीजों के साथ आए तिमारदारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो बिजली न होने की वजह से टेस्ट करवाने आए मरीजों को भी वापिस लौटना पड़ता है।
विज्ञापन
डीएमएस ने की सुरक्षा गार्डों से पूछताछ
चौथी मंजिल से मरीज के गिर जाने के मामले में सोमवार सुबह उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंघल ने रविवार रात को ड्यूटी पर तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों को बुलाकर घटना के बारे में पूछताछ की। उन्होंने सुपरवाइजर को सख्त हिदायत दी कि रात और दिन में सभी सुरक्षा गार्ड सर्तकता से ड्यूटी करें। ताकि इस प्रकार की कोई भी घटना न हो। उन्होंने सभी गार्डों के ब्यान भी दर्ज किए और भविष्य में सर्तकता से ड्यूटी करने की हिदायत दी।
रैंप के पास 3 फीट ऊंची दीवार, फिर भी गिरा मरीज
रैंप के साथ-साथ लगभग तीन फीट ऊंची दीवार होने के बाद भी मरीज नीचे गिर गया। मरीज नीचे कैसे गिरा, यह किसी को नहीं पता। फिलहाल संदेह जताया जा रहा है कि मरीज ने शराब का सेवन किया होगा। इसलिए नशे में वह दिवार पर बैठते हुए नीचे गिरा होगा। मरीज 23 जून से ऑर्थो विभाग में दाखिल था, जिसका आज ऑपरेशन होना था। अगर मरीज ने शराब का सेवन किया है तो मेडिकल कॉलेज में शराब कैसे पहुंची। यह भी जांच का विषय है। लेकिन घटना के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुए है। पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन मामले की हर पहलू पर जांच कर रहे हैं।
दयाराम 23 जून से अस्पताल के ऑर्थो विभाग में दाखिल था। रविवार देर रात को अचानक वह चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। गिरने के कारणों का फिलहाल पता नहीं लग पाया है। मेडिकल कॉलेज में लाइट जाने के बाद 10:05 से लेकर 10 बजकर 55 मिनट तक जनरेटर चालू रहा, जिस कारण लाइट की कोई भी समस्या नहीं थी। सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की गई है। मामले की जांच की जा रही है। -डॉ. एसपी सिंघलउप चिकित्सा अधीक्षक, केसीएमसी, करनाल