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24 घंटे में हुई 17
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:29 AM IST
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अमर उजाला बयूरो
करनाल। तीसरे दिन भी जिलेभर में 178 एमएम बारिश हुई, जिसने किसानों को रूला दिया। जिलेेेभर में हजारों एकड़ धान की पक्की फसल पानी में डूब गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, दूसरी ओर बारिश के कारण जिले में अलग-अलग जगहों पर पांच मकानों की छत भी गिर गई, जिसमें एक बुजुर्ग की मौत और एक ही परिवार के छह सदस्य घायल हो गए।
बारिश से जहां शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली है तो वहीं किसान और उसका परिवार अपनी फसल को देखकर रो रहा है। रातभर किसान और उसका परिवार धान की फसल से पानी निकालने का प्रयास करता रहा। किसी ने मोटर लगाकर पानी निकालने की कोशिश की तो किसी ने सुंडका लगाकर ड्रेन व नाले में पानी निकाला। लेकिन किसान ड्रेन व नाले पहले से ही बारिश के पानी से ओवर फ्लो हैं। गांव बाल पबाना सहित कई गांव में सड़क व खेत तालाब में तबदील हो गए। पूरा दिन किसान बारिश को रोकने के लिए भगवान के समक्ष प्रार्थना करने में लगा रहा। ऐसा ही हाल अनाज मंडी में देखने को मिला। वहां भी बोरियों में रखा धान भीग गया, जिसने मार्केट कमेटी के दावों की पोल खोल दी है।
दिनभर हुई बरसात से उखड़ गई सड़कें, कई जगहों पर भरा पानी
तीन दिन से लगातार चल रही बारिश से जिलेभर की कई सड़कें पहले से भी खस्ता हालत में हो गई हैं। बारिश के कारण टूटी हुई सड़क पर पानी भर गया। वहीं दूसरी ओर कस्बों व गांव की टूटी हुई सड़क पर कई वाहन चालक गिर गए और चोटिल भी हो गए। शहर में भी बस स्टैंड, कॉलोनी व सेक्टरों की सड़कों पर भी पानी जमा हो गया।
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टीन से बनी छत गिरने से बुजुर्ग की मौत, महिला चोटिल
नीलोखेड़ी। बीती रात से तेज हवाओं के साथ हो रही बरसात के कारण स्टेशन एरिया के पीर कॉलोनी में टीन से बनी एक छत गिरने से एक व्यक्ति बुरी तरह से घायल हो गया। पड़ोसियों ने तुरंत उस बुजुर्ग को अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 70 वर्षीय मृतक सूबे सिंह मजदूरी का काम करता था। हादसे के वक्त परिवार के तीनों सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। छत गिरने की आवाज आने से मोहल्ले में हड़कंप मच गया और लोग हादसे वाले स्थान पर एकत्रित हो गए। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई। पीर कॉलोनी के मामन राम ने बताया कि वह अपने पिता सूबे सिंह व मां पतासो देवी के साथ टीन से बनी छत वाले कमरे में सो रहे थे। तेज बरसात और तेज हवाओं के चलते सोमवार को सुबह करीब 4 बजे उनके कमरे की छत गिर गई। टीन के साथ लगे लोहे के एंगल उसके पिता की छाती पर गिर गया, जिससे उसके पिता बुरी तरह से जख्मी हो गए और उनकी मौत हो गई, जबकि उसकी मां पतासो देवी को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस चौकी इंचार्ज सुलतान सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मलबे में दबने से चार बच्चों सहित दंपति घायल
इंद्री। रविवार से रुक-रुक कर लगातार चल रही बारिश के चलते कस्बे के वार्ड नंबर-13 राजीव बस्ती में पप्पू नामक युवक के मकान की छत गिर गई, जिसमें चार बच्चों सहित पप्पू व उसकी पत्नी घायल हो गए। गनीमत रही कि मकान गिरते समय उनके साथ मकान में रहने वाले लोगों की आंखें खुल गई ओर उन्होंने तुरंत पप्पू, उसकी पत्नी छोटी तीन लड़की व एक लड़का जो मलबे में दब गए थे उन्हें बाहर निकाल कर एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया। जहां पर सभी का इलाज चल रहा हे। मिली जानकारी के अनुसार सोमवार अल सुबह करीब 3 बजे राजीव बस्ती इंद्री में पप्पू का मकान बारिश के चलते गिर गया। जिसमें परिवार के सदस्य मलबे में दब गए थे। पड़ोसियों ने तुरंत सभी को मलबे से निकाल कर एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचा। जहां पर उनका इलाज चल रहा है।
एक मकान की छत और दीवार गिरी, बाइक सहित घर का सामान मलबे में दबा
जुंडला। कस्बा के बस अड्डे के समीप विधवा संतोष शर्मा के आंगन की दिवार गिर गई। दिवार के साथ खड़ी बाइक एवं घर का अन्य सामान दिवार के नीचे दबने से खराब हो गया है। विधवा संतोष ने बताया कि गनीमत यह रही जिस समय दिवार गिरी उस समय घर का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था नहीं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पड़ोसियों ने बताया कि यह परिवार बेहद गरीब है। वहीं दूसरी ओर कस्बा के खटीक मोहल्ले में मकान की छत गिर गई। जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय विधवा दर्शनी देवी के घर की छत गिर गई जो कड़ियों की बनी हुई थी। छत गिरने के कारण विधवा का घर के प्रयोग में लाया जाने वाला सामान खराब हो गया। दर्शनी देवी ने बताया कि वह बीपीएल परिवार से है।
अलग-अलग दो मकानों की गिरी छत, मंडी में भिगा धान, सचिव बोला सब ठीक है
असंध। असंध क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बरसात के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश से धरती पुत्रों को फसल बर्बाद होने से भारी नुकसान हुआ है वहीं गांवों व शहरों में पानी की निकासी न होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बारिश के कारण वार्ड नंबर सात और दुपेड़ी गांव में दो मकानों की छत गिर गई, गनीमत रही कि उस दौरान कमरे में कोई नहीं था।
जिस कारण आम जनजीवन पटरी से उतरा हुआ नजर आया। सोमवार को हुई बरसात के कारण खेतों से लेकर गलियों व सड़कों पर पानी ही पानी नजर आ रहा था। बरसात के कारण निजी व सरकारी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। असंध एसडीएम अनुराग ढालिया असंध में फैली अव्यवस्था को देखते हुए मंडी, शहर व कई गांवों का दौरा किया। असंध की अनाज मंडी में पानी की निकासी का प्रबंध न होने के कारण मंडी आई किसानों की जीरी की फसल पानी में बह गई। वहीं, बोरियों में भरी जीरी भी पानी में डूब गई। वहीं, असंध मंडी सचिव का कहना है कि मंडी में न तो खराब हुई है ओर न ही भीगी है। यहां सब कुछ सही है। किसानों व आढ़तियों ने मंडी प्रशासन पर आरोप लगाए हैं कि मंडी में पहले 20 मोटर थी लेकिन अब साढे़ सात सात हार्स पॉवर की मोटर व छोटे जनरेटर रखवा दिए हैं। किसानों ने मांग की है कि इस मामले की भी जांच होनी चाहिए।
मंडी में नहीं भीगा धान
मार्केट कमेटी सचिव कृष्ण धनखड़ का कहना है कि भारी बरसात हुई है, लेकिन इसके बावजूद भी असंध की अनाज की मंडी में जीरी का एक भी दाना नहीं भीगा है। मंडी से पानी निकालने के लिए दो मोटरें लगाई गईं हैं जल्दी ही पानी निकाल दिया जाएगा। मंडी प्रशासन ने आढ़तियों व किसानों को बरसात से जीरी बचाने के लिए तिरपाल लाने के आदेश दे दिए थे।
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करनाल। तीसरे दिन भी जिलेभर में 178 एमएम बारिश हुई, जिसने किसानों को रूला दिया। जिलेेेभर में हजारों एकड़ धान की पक्की फसल पानी में डूब गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, दूसरी ओर बारिश के कारण जिले में अलग-अलग जगहों पर पांच मकानों की छत भी गिर गई, जिसमें एक बुजुर्ग की मौत और एक ही परिवार के छह सदस्य घायल हो गए।
बारिश से जहां शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली है तो वहीं किसान और उसका परिवार अपनी फसल को देखकर रो रहा है। रातभर किसान और उसका परिवार धान की फसल से पानी निकालने का प्रयास करता रहा। किसी ने मोटर लगाकर पानी निकालने की कोशिश की तो किसी ने सुंडका लगाकर ड्रेन व नाले में पानी निकाला। लेकिन किसान ड्रेन व नाले पहले से ही बारिश के पानी से ओवर फ्लो हैं। गांव बाल पबाना सहित कई गांव में सड़क व खेत तालाब में तबदील हो गए। पूरा दिन किसान बारिश को रोकने के लिए भगवान के समक्ष प्रार्थना करने में लगा रहा। ऐसा ही हाल अनाज मंडी में देखने को मिला। वहां भी बोरियों में रखा धान भीग गया, जिसने मार्केट कमेटी के दावों की पोल खोल दी है।
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दिनभर हुई बरसात से उखड़ गई सड़कें, कई जगहों पर भरा पानी
तीन दिन से लगातार चल रही बारिश से जिलेभर की कई सड़कें पहले से भी खस्ता हालत में हो गई हैं। बारिश के कारण टूटी हुई सड़क पर पानी भर गया। वहीं दूसरी ओर कस्बों व गांव की टूटी हुई सड़क पर कई वाहन चालक गिर गए और चोटिल भी हो गए। शहर में भी बस स्टैंड, कॉलोनी व सेक्टरों की सड़कों पर भी पानी जमा हो गया।
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टीन से बनी छत गिरने से बुजुर्ग की मौत, महिला चोटिल
नीलोखेड़ी। बीती रात से तेज हवाओं के साथ हो रही बरसात के कारण स्टेशन एरिया के पीर कॉलोनी में टीन से बनी एक छत गिरने से एक व्यक्ति बुरी तरह से घायल हो गया। पड़ोसियों ने तुरंत उस बुजुर्ग को अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 70 वर्षीय मृतक सूबे सिंह मजदूरी का काम करता था। हादसे के वक्त परिवार के तीनों सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। छत गिरने की आवाज आने से मोहल्ले में हड़कंप मच गया और लोग हादसे वाले स्थान पर एकत्रित हो गए। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई। पीर कॉलोनी के मामन राम ने बताया कि वह अपने पिता सूबे सिंह व मां पतासो देवी के साथ टीन से बनी छत वाले कमरे में सो रहे थे। तेज बरसात और तेज हवाओं के चलते सोमवार को सुबह करीब 4 बजे उनके कमरे की छत गिर गई। टीन के साथ लगे लोहे के एंगल उसके पिता की छाती पर गिर गया, जिससे उसके पिता बुरी तरह से जख्मी हो गए और उनकी मौत हो गई, जबकि उसकी मां पतासो देवी को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस चौकी इंचार्ज सुलतान सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मलबे में दबने से चार बच्चों सहित दंपति घायल
इंद्री। रविवार से रुक-रुक कर लगातार चल रही बारिश के चलते कस्बे के वार्ड नंबर-13 राजीव बस्ती में पप्पू नामक युवक के मकान की छत गिर गई, जिसमें चार बच्चों सहित पप्पू व उसकी पत्नी घायल हो गए। गनीमत रही कि मकान गिरते समय उनके साथ मकान में रहने वाले लोगों की आंखें खुल गई ओर उन्होंने तुरंत पप्पू, उसकी पत्नी छोटी तीन लड़की व एक लड़का जो मलबे में दब गए थे उन्हें बाहर निकाल कर एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया। जहां पर सभी का इलाज चल रहा हे। मिली जानकारी के अनुसार सोमवार अल सुबह करीब 3 बजे राजीव बस्ती इंद्री में पप्पू का मकान बारिश के चलते गिर गया। जिसमें परिवार के सदस्य मलबे में दब गए थे। पड़ोसियों ने तुरंत सभी को मलबे से निकाल कर एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचा। जहां पर उनका इलाज चल रहा है।
एक मकान की छत और दीवार गिरी, बाइक सहित घर का सामान मलबे में दबा
जुंडला। कस्बा के बस अड्डे के समीप विधवा संतोष शर्मा के आंगन की दिवार गिर गई। दिवार के साथ खड़ी बाइक एवं घर का अन्य सामान दिवार के नीचे दबने से खराब हो गया है। विधवा संतोष ने बताया कि गनीमत यह रही जिस समय दिवार गिरी उस समय घर का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था नहीं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पड़ोसियों ने बताया कि यह परिवार बेहद गरीब है। वहीं दूसरी ओर कस्बा के खटीक मोहल्ले में मकान की छत गिर गई। जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय विधवा दर्शनी देवी के घर की छत गिर गई जो कड़ियों की बनी हुई थी। छत गिरने के कारण विधवा का घर के प्रयोग में लाया जाने वाला सामान खराब हो गया। दर्शनी देवी ने बताया कि वह बीपीएल परिवार से है।
अलग-अलग दो मकानों की गिरी छत, मंडी में भिगा धान, सचिव बोला सब ठीक है
असंध। असंध क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बरसात के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश से धरती पुत्रों को फसल बर्बाद होने से भारी नुकसान हुआ है वहीं गांवों व शहरों में पानी की निकासी न होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बारिश के कारण वार्ड नंबर सात और दुपेड़ी गांव में दो मकानों की छत गिर गई, गनीमत रही कि उस दौरान कमरे में कोई नहीं था।
जिस कारण आम जनजीवन पटरी से उतरा हुआ नजर आया। सोमवार को हुई बरसात के कारण खेतों से लेकर गलियों व सड़कों पर पानी ही पानी नजर आ रहा था। बरसात के कारण निजी व सरकारी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। असंध एसडीएम अनुराग ढालिया असंध में फैली अव्यवस्था को देखते हुए मंडी, शहर व कई गांवों का दौरा किया। असंध की अनाज मंडी में पानी की निकासी का प्रबंध न होने के कारण मंडी आई किसानों की जीरी की फसल पानी में बह गई। वहीं, बोरियों में भरी जीरी भी पानी में डूब गई। वहीं, असंध मंडी सचिव का कहना है कि मंडी में न तो खराब हुई है ओर न ही भीगी है। यहां सब कुछ सही है। किसानों व आढ़तियों ने मंडी प्रशासन पर आरोप लगाए हैं कि मंडी में पहले 20 मोटर थी लेकिन अब साढे़ सात सात हार्स पॉवर की मोटर व छोटे जनरेटर रखवा दिए हैं। किसानों ने मांग की है कि इस मामले की भी जांच होनी चाहिए।
मंडी में नहीं भीगा धान
मार्केट कमेटी सचिव कृष्ण धनखड़ का कहना है कि भारी बरसात हुई है, लेकिन इसके बावजूद भी असंध की अनाज की मंडी में जीरी का एक भी दाना नहीं भीगा है। मंडी से पानी निकालने के लिए दो मोटरें लगाई गईं हैं जल्दी ही पानी निकाल दिया जाएगा। मंडी प्रशासन ने आढ़तियों व किसानों को बरसात से जीरी बचाने के लिए तिरपाल लाने के आदेश दे दिए थे।