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आरक्षण खत्म करने के समर्थन में आधे शहर में कुछ समय के लिए बंद रहीं दुकानें, बंद कराने वालों को पुलिस ने पकड़ा
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:53 AM IST
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आरक्षण खत्म करने के समर्थन में आधे शहर में कुछ समय के लिए बंद रहीं दुकानें, बंद कराने वालों को पुलिस ने पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सोशल मीडिया वायरल आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर भारत बंद के आह्वान पर आधे शहर के दुकानदारों ने कुछ समय के लिए अपनी दुकानें बंद रखीं। सुबह सबसे पहले मॉडल टाउन के क्षेत्र में दुकानदारों ने अपनी दुकानें दोपहर तक के लिए बंद कर दीं। इसी तरह क्लब मार्केट, रामनगर और बकरा मार्केट में भी दुकानें बंद रहीं। इस दौरान रवि नाम के छात्र की अगुवाई में कुछ छात्राओं ने रोड धर्मशाला से बस स्टैंड तक दुकानें बंद कराईं। साथ ही भारत मां की जय और आरक्षण खत्म करो के नारे लगाए गए। यह छात्र बस स्टैंड के सामने पहुंचे तो वहां सिटी थाना प्रभारी पुलिस कर्मचारियों के साथ आ गए। उन्होंने मौके से रवि सहित दो युवकों को हिरासत में ले लिया। यह देख हिरासत में लिए गए युवकों के साथी वहां से भाग निकले। इसके बाद दुुकानदारों ने दोबारा दुकानें खोल ली।
नीलोखेड़ी में भी कुछ समय के लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इसमें से आधे से ज्यादा दुकानदारों ने खुद ही दुकानें बंद रखीं। मॉडल टाउन के दुकानदार राजकरण गुप्ता, योगेश, सतदेवा, भारत आदि ने बताया कि सोशल मीडिया पर भारत बंद का मैसेज आया था। वह भी आरक्षण समाप्त करने की मांग करते हैं। इसलिए उन्होंने भी अपनी दुकानें बंद की हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर निर्देश दिए हैं कि इस मामले में पहले डीएसपी जांच करेंगे और फिर आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के विरोध में दलित समाज के लोगों ने दो अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया था। इस दौरान देशभर में जमकर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने करनाल शहर को भी पूरे दिन अपने कब्जे में ले लिया था। उन्होंने शहर के चौक-चौराहे से लेकर जीटी रोड तक जाम कर दिया था। रेलवे ट्रैक जाम कर गीता जयंती एक्सप्रेस को रोके रखा था। इसके बाद ही सोशल मीडिया पर आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर जनरल और ओबीसी कास्ट के लोगों ने 10 अप्रैल को भारत बंद करने का मैसेज वायरल किया था। इस मैसेज के आह्वान पर ही शहर में दुकानें बंद रहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सोशल मीडिया वायरल आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर भारत बंद के आह्वान पर आधे शहर के दुकानदारों ने कुछ समय के लिए अपनी दुकानें बंद रखीं। सुबह सबसे पहले मॉडल टाउन के क्षेत्र में दुकानदारों ने अपनी दुकानें दोपहर तक के लिए बंद कर दीं। इसी तरह क्लब मार्केट, रामनगर और बकरा मार्केट में भी दुकानें बंद रहीं। इस दौरान रवि नाम के छात्र की अगुवाई में कुछ छात्राओं ने रोड धर्मशाला से बस स्टैंड तक दुकानें बंद कराईं। साथ ही भारत मां की जय और आरक्षण खत्म करो के नारे लगाए गए। यह छात्र बस स्टैंड के सामने पहुंचे तो वहां सिटी थाना प्रभारी पुलिस कर्मचारियों के साथ आ गए। उन्होंने मौके से रवि सहित दो युवकों को हिरासत में ले लिया। यह देख हिरासत में लिए गए युवकों के साथी वहां से भाग निकले। इसके बाद दुुकानदारों ने दोबारा दुकानें खोल ली।
नीलोखेड़ी में भी कुछ समय के लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इसमें से आधे से ज्यादा दुकानदारों ने खुद ही दुकानें बंद रखीं। मॉडल टाउन के दुकानदार राजकरण गुप्ता, योगेश, सतदेवा, भारत आदि ने बताया कि सोशल मीडिया पर भारत बंद का मैसेज आया था। वह भी आरक्षण समाप्त करने की मांग करते हैं। इसलिए उन्होंने भी अपनी दुकानें बंद की हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर निर्देश दिए हैं कि इस मामले में पहले डीएसपी जांच करेंगे और फिर आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के विरोध में दलित समाज के लोगों ने दो अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया था। इस दौरान देशभर में जमकर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने करनाल शहर को भी पूरे दिन अपने कब्जे में ले लिया था। उन्होंने शहर के चौक-चौराहे से लेकर जीटी रोड तक जाम कर दिया था। रेलवे ट्रैक जाम कर गीता जयंती एक्सप्रेस को रोके रखा था। इसके बाद ही सोशल मीडिया पर आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर जनरल और ओबीसी कास्ट के लोगों ने 10 अप्रैल को भारत बंद करने का मैसेज वायरल किया था। इस मैसेज के आह्वान पर ही शहर में दुकानें बंद रहीं।
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