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अब ग्राम सचिव उतरे सड़कों पर, बोले, पद के लिए स्नातक रखी जाए योग्यता
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:18 AM IST
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अब ग्राम सचिव उतरे सड़कों पर, बोले-पद के लिए स्नातक रखी जाए योग्यता
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के बैनर तले मंगलवार को जिले के ग्राम सचिवों ने डीसी डॉ. आदित्य दहिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष ललित कुमार के नेतृत्व में प्रदेश कार्यकारिणी से राजाराम प्रदेश महासचिव की उपस्थिति में जिले के तमाम ग्राम सचिव जिला सचिवालय रोष मार्च निकालते हुए पहुंचे। जिला अध्यक्ष ने बताया कि ग्राम सचिवों के साथ सरकार ने वादाखिलाफी की है। ग्राम सचिव ग्राम विकास की तमाम योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालते हैं। प्रदेश की 6212 ग्राम पंचायतों की बागडोर संभालने वाले ग्राम सचिवों के हितों की लगातार अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि ग्राम विकास की बागडोर संभालने वाले ग्राम सचिवों की शैक्षणिक योग्यता महज दसवीं है, जबकि सरकार द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मी के लिए भी दसवीं पास योग्यता रखी गई है, इसे बीए रखा जाए। ग्राम सचिव ग्राम विकास की तमाम तरह की योजनाओं का क्रियान्वयन करते हैं व ई-पंचायत पर भी ग्राम सचिवों से कार्य करवाया जा रहा है। इस अवसर पर संजय, रामा, सेवा सिंह, मुकेश कांबोज, राजेश कुमार, हर्ष दत्ता, मुकेश कुमार, अनूप, हुक्कम, संजीव कुमार, नरेंद्र गुप्ता समेत जिले के काफी संख्या में ग्राम सचिव मौजूद रहे।
ये हैं ग्राम सचिवों की मुख्य मांगें
ग्राम सचिवों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक की जाए, ग्रेड-पे 2400 हो। पहले की तरह ग्राम सचिवों का स्टेट कैडर किया जाए। समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी के नए पदों का सृजन किया जाए। समाज शिक्षा अधिकारी की सीधी भर्ती बंद कर सभी पद पदोन्नति से भरे जाएं। इसके साथ ही 20 रुपये मासिक वाहन भत्ते में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए। ई-पंचायत के कार्यों के मद्देनजर ग्राम सचिव के पद को तकनीकी पद घोषित किया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सचिव व कनिष्ठ लिपिक कम कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों का सृजन किया जाए।
बढ़े वेतन का एरियर दिलाने को अधिकारियों के खिलाफ खोला मोर्चा
करनाल। आल हरियाणा पॉवर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन की तीनों यूनिटों ने कच्चे कर्मचारियों को जून 2014 से बढ़े हुए वेतन का एरियर दिलवाने के लिए तीनों कार्यकारी अभियंताओं के खिलाफ सर्कल सचिव सतपाल सैनी की अध्यक्षता में विरोध प्रदर्शन किया। सभी 20 सब यूनिटों से सैकड़ों कच्चे कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल रहे। सर्कल सचिव सतपाल सैनी व राज्य उपप्रधान एनपी सिंह चौहान ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के उपरांत भी और निगमों की कानूनी सलाहकार पंचकूला की राय के बाद भी कार्यकारी अभियंताओं ने जानबूझ कर कच्चे कर्मचारियों का जून 2014 से बढ़े हुए वेतन का एरियर नहीं दे रहे। तीनों डिवीजनों में कच्चे कर्मचारियों का वेतन भी समय पर नहीं मिलता। यूनियन ने फैसला लिया है कि यदि तीनों डिवीजनों के कार्यकारी अभियंताओं ने छह फरवरी तक कच्चे कर्मचारियों का एरियर नहीं दिया और उपरोक्त मांगों को लागू नहीं किया तो तीनों एक्सईएन के खिलाफ अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर सतपाल सैनी, एनपी सिंह चौहान, कालूराम शर्मा, राजेश कौशिक, सुरेश कुमार, रामनाथ वालिया, अव्वल सिंह, राजिंद्र राणा, मलकीत सिंह, विनोद बाजवा, कृष्ण अत्री, राजेश बुरा, सुशील गुर्जर, राजेश मलिक, महेंद्र, जगमाल, भाग सिंह, प्रमोद राणा, सतीश मान, रविंद्र मान, कृष्ण कुमार, कपिल शर्मा, दिनेश शर्मा, विकास कुमार, विष्णु, रमेश शर्मा व सुरेश शर्मा ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के बैनर तले मंगलवार को जिले के ग्राम सचिवों ने डीसी डॉ. आदित्य दहिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष ललित कुमार के नेतृत्व में प्रदेश कार्यकारिणी से राजाराम प्रदेश महासचिव की उपस्थिति में जिले के तमाम ग्राम सचिव जिला सचिवालय रोष मार्च निकालते हुए पहुंचे। जिला अध्यक्ष ने बताया कि ग्राम सचिवों के साथ सरकार ने वादाखिलाफी की है। ग्राम सचिव ग्राम विकास की तमाम योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालते हैं। प्रदेश की 6212 ग्राम पंचायतों की बागडोर संभालने वाले ग्राम सचिवों के हितों की लगातार अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि ग्राम विकास की बागडोर संभालने वाले ग्राम सचिवों की शैक्षणिक योग्यता महज दसवीं है, जबकि सरकार द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मी के लिए भी दसवीं पास योग्यता रखी गई है, इसे बीए रखा जाए। ग्राम सचिव ग्राम विकास की तमाम तरह की योजनाओं का क्रियान्वयन करते हैं व ई-पंचायत पर भी ग्राम सचिवों से कार्य करवाया जा रहा है। इस अवसर पर संजय, रामा, सेवा सिंह, मुकेश कांबोज, राजेश कुमार, हर्ष दत्ता, मुकेश कुमार, अनूप, हुक्कम, संजीव कुमार, नरेंद्र गुप्ता समेत जिले के काफी संख्या में ग्राम सचिव मौजूद रहे।
ये हैं ग्राम सचिवों की मुख्य मांगें
ग्राम सचिवों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक की जाए, ग्रेड-पे 2400 हो। पहले की तरह ग्राम सचिवों का स्टेट कैडर किया जाए। समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी के नए पदों का सृजन किया जाए। समाज शिक्षा अधिकारी की सीधी भर्ती बंद कर सभी पद पदोन्नति से भरे जाएं। इसके साथ ही 20 रुपये मासिक वाहन भत्ते में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए। ई-पंचायत के कार्यों के मद्देनजर ग्राम सचिव के पद को तकनीकी पद घोषित किया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सचिव व कनिष्ठ लिपिक कम कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों का सृजन किया जाए।
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बढ़े वेतन का एरियर दिलाने को अधिकारियों के खिलाफ खोला मोर्चा
करनाल। आल हरियाणा पॉवर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन की तीनों यूनिटों ने कच्चे कर्मचारियों को जून 2014 से बढ़े हुए वेतन का एरियर दिलवाने के लिए तीनों कार्यकारी अभियंताओं के खिलाफ सर्कल सचिव सतपाल सैनी की अध्यक्षता में विरोध प्रदर्शन किया। सभी 20 सब यूनिटों से सैकड़ों कच्चे कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल रहे। सर्कल सचिव सतपाल सैनी व राज्य उपप्रधान एनपी सिंह चौहान ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के उपरांत भी और निगमों की कानूनी सलाहकार पंचकूला की राय के बाद भी कार्यकारी अभियंताओं ने जानबूझ कर कच्चे कर्मचारियों का जून 2014 से बढ़े हुए वेतन का एरियर नहीं दे रहे। तीनों डिवीजनों में कच्चे कर्मचारियों का वेतन भी समय पर नहीं मिलता। यूनियन ने फैसला लिया है कि यदि तीनों डिवीजनों के कार्यकारी अभियंताओं ने छह फरवरी तक कच्चे कर्मचारियों का एरियर नहीं दिया और उपरोक्त मांगों को लागू नहीं किया तो तीनों एक्सईएन के खिलाफ अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर सतपाल सैनी, एनपी सिंह चौहान, कालूराम शर्मा, राजेश कौशिक, सुरेश कुमार, रामनाथ वालिया, अव्वल सिंह, राजिंद्र राणा, मलकीत सिंह, विनोद बाजवा, कृष्ण अत्री, राजेश बुरा, सुशील गुर्जर, राजेश मलिक, महेंद्र, जगमाल, भाग सिंह, प्रमोद राणा, सतीश मान, रविंद्र मान, कृष्ण कुमार, कपिल शर्मा, दिनेश शर्मा, विकास कुमार, विष्णु, रमेश शर्मा व सुरेश शर्मा ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
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