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कभी खेतों में चराते थे बकरियां, आज हैं मशहूर कॉमेडियन
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:20 PM IST
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कभी खेतों में चराते थे बकरियां, आज हैं मशहूर कॉमेडियन
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। एंकरिंग से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले ख्याली सहारण आज कॉमेडी के जाने माने नाम हैं। छोटे से कस्बे में पैदा हुए यह शख्स कभी गांव में बकरियां चरा और कंपनियों में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। लेकिन आज अपाहिज होने के बावजूद वो इंटरनेशनल कॉमेडियन बन गए हैं। ख्याली का करनाल से विशेष नाता रहा है, वे संघर्ष के समय में पांच सालों तक लगातार करनाल में होने वाले विभिन्न शो में एंकरिंग करते रहे।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की पीलीबंगा तहसील के छोटे से गांव 18-सीपीडी में गरीब परिवार में जन्मे इस इंटरनेशनल हास्य कलाकार ने यह मुकाम पाने के लिए काफी संघर्ष किया। संघर्ष का यह दर्द उनकी चुटकुलों में भी नजर आता है, लेकिन उस दर्द को सुन लोग रोने की जगह ठहाके लगा कर हंसते हैं, क्योंकि इनका दर्द भी अब कॉमेडी का रूप ले चुका है। ख्याली रविवार को सीएम सिटी में हस्य कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहां पर उन्होंने अमर उजाला से विशेष बात की। ख्याली ने कहा कि उनका परिवार भेड़-बकरियां चराकर गुजारा करता था। एक मिल में नौकरी करते समय दायां हाथ गंवा देने के बावजूद ख्याली ने हार नहीं मानी। ख्याली अब प्रख्यात हास्य कलाकार के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं, जिसने करीब बीस देशों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आज हास्य कलाकारों की भीड़ में उनका नाम अदब से लिया जाता है। करीब छह साल राजस्थान के गंगानगर जिले में जेसीटी कपड़ा मिल में नौकरी की, वहां काम करते समय उसका दायां हाथ मशीन में चला गया और बुरी तरह कुचला गया। उनके हाथ की 13 हड्डियां टूट गई थीं और वे 13 महीने तक अस्पताल में भर्ती रहे। हाथ के 7 ऑपरेशन हुए। एक हाथ से अपाहिज होने के बाद भी ख्याली ने हिम्मत नहीं हारी। उसने प्रण किया कि भीख मांगने से अच्छा तो वो कॉमेडी के क्षेत्र में ही मेहनत करें। साल 2000 में वे चंडीगढ़ आ गए और हरियाणा को अपना कर्मभूमि बनाया। वे चंडीगढ़ में एंकरिंग करने के साथ वे करनाल व अन्य जिलों में होने वाले शो में एंकरिंग व कॉमेडी करते। इसके बाद ख्याली ने दो साल कॉमेडी का कोर्स किया और 24 जनवरी 2006 में अपना पहला ऑडिशन दिया। अपने पहले ही ऑडिशन में ख्याली सिलेक्ट हो गए और मुंबई चले गए। उसके बाद ख्याली ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज वे बॉलीवुड के बड़े कलाकार हैं।
कर चुके 20 से ज्यादा रियलटी शो और कई फिल्में
ख्याली अपने कैरियर में अब तक 20 से ज्यादा रियलटी शो कर चुके हैं। जिसमें कॉमेडी नाइट सकर्स, लाफ्टर चैलेंज जैसे शो शामिल हैं। इसके अलावा बॉम्बे टू गोवा, सिंह इज किंग, मुस्करा के देखे जरां और भावनाओं को समझो के अलावा हरियाणवी फिल्म रुक्के पड़ गए में भी ख्याली ने अभिनय किया है। नवंबर महीने में इनकी नई फिल्म जीयो लाइफ बिंदास रिलीज होने वाली है। वहीं जल्द ही पंजाबी छल्ला फिल्म की शूटिंग भी करने जा रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। एंकरिंग से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले ख्याली सहारण आज कॉमेडी के जाने माने नाम हैं। छोटे से कस्बे में पैदा हुए यह शख्स कभी गांव में बकरियां चरा और कंपनियों में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। लेकिन आज अपाहिज होने के बावजूद वो इंटरनेशनल कॉमेडियन बन गए हैं। ख्याली का करनाल से विशेष नाता रहा है, वे संघर्ष के समय में पांच सालों तक लगातार करनाल में होने वाले विभिन्न शो में एंकरिंग करते रहे।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की पीलीबंगा तहसील के छोटे से गांव 18-सीपीडी में गरीब परिवार में जन्मे इस इंटरनेशनल हास्य कलाकार ने यह मुकाम पाने के लिए काफी संघर्ष किया। संघर्ष का यह दर्द उनकी चुटकुलों में भी नजर आता है, लेकिन उस दर्द को सुन लोग रोने की जगह ठहाके लगा कर हंसते हैं, क्योंकि इनका दर्द भी अब कॉमेडी का रूप ले चुका है। ख्याली रविवार को सीएम सिटी में हस्य कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहां पर उन्होंने अमर उजाला से विशेष बात की। ख्याली ने कहा कि उनका परिवार भेड़-बकरियां चराकर गुजारा करता था। एक मिल में नौकरी करते समय दायां हाथ गंवा देने के बावजूद ख्याली ने हार नहीं मानी। ख्याली अब प्रख्यात हास्य कलाकार के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं, जिसने करीब बीस देशों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आज हास्य कलाकारों की भीड़ में उनका नाम अदब से लिया जाता है। करीब छह साल राजस्थान के गंगानगर जिले में जेसीटी कपड़ा मिल में नौकरी की, वहां काम करते समय उसका दायां हाथ मशीन में चला गया और बुरी तरह कुचला गया। उनके हाथ की 13 हड्डियां टूट गई थीं और वे 13 महीने तक अस्पताल में भर्ती रहे। हाथ के 7 ऑपरेशन हुए। एक हाथ से अपाहिज होने के बाद भी ख्याली ने हिम्मत नहीं हारी। उसने प्रण किया कि भीख मांगने से अच्छा तो वो कॉमेडी के क्षेत्र में ही मेहनत करें। साल 2000 में वे चंडीगढ़ आ गए और हरियाणा को अपना कर्मभूमि बनाया। वे चंडीगढ़ में एंकरिंग करने के साथ वे करनाल व अन्य जिलों में होने वाले शो में एंकरिंग व कॉमेडी करते। इसके बाद ख्याली ने दो साल कॉमेडी का कोर्स किया और 24 जनवरी 2006 में अपना पहला ऑडिशन दिया। अपने पहले ही ऑडिशन में ख्याली सिलेक्ट हो गए और मुंबई चले गए। उसके बाद ख्याली ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज वे बॉलीवुड के बड़े कलाकार हैं।
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कर चुके 20 से ज्यादा रियलटी शो और कई फिल्में
ख्याली अपने कैरियर में अब तक 20 से ज्यादा रियलटी शो कर चुके हैं। जिसमें कॉमेडी नाइट सकर्स, लाफ्टर चैलेंज जैसे शो शामिल हैं। इसके अलावा बॉम्बे टू गोवा, सिंह इज किंग, मुस्करा के देखे जरां और भावनाओं को समझो के अलावा हरियाणवी फिल्म रुक्के पड़ गए में भी ख्याली ने अभिनय किया है। नवंबर महीने में इनकी नई फिल्म जीयो लाइफ बिंदास रिलीज होने वाली है। वहीं जल्द ही पंजाबी छल्ला फिल्म की शूटिंग भी करने जा रहे हैं।
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