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Karnal News: हर जिले में 500 किसान मित्र संरक्षित खेती के लिए करेंगे प्रेरित
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- उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक ने सब्जी उत्कृष्टता केंद्र को दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश के हर जिले में अब किसान मित्र किसानों को संरक्षित खेती के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही घरौंडा स्थित सब्जी उत्कृष्टता केंद्र की तकनीक व संरक्षित खेती को हर किसान तक पहुंचाएंगे। इसके लिए उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक मनोज कुमार कुंडू ने निर्देश दिए हैं। वे रविवार को शुरू हुए दो दिवसीय किसान सब्जी मेले में पहुंचे थे।
घरौंडा के सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में आयोजित मेले में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करके उन्होंने केंद्र में लगे स्टॉल व प्रदर्शनी, तकनीक व संरक्षित फसलों का अवलोकन किया। केंद्र के उप निदेशक डॉ. बिल्लु यादव से उन्होंने कहा कि संरक्षित खेती को केंद्र तक सीमित न रखकर इसे प्रदेश के हर किसान के खेत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखना होगा। इसके लिए विभाग को 500 किसान मित्र तैयार करने होंगे। किसान मित्र प्रदेश के हर जिले में जाकर किसानों को संरक्षित खेती करने के लिए प्रेरित करेंगे और फायदे व मुनाफे से अवगत करवाएंगे।
केंद्र के उप निदेशक डॉ. बिल्लु यादव ने कहा कि पिछले 10 सालों में प्रदेश के बागवानी विभाग ने जो तरक्की की है, वह किसी अन्य राज्य ने नहीं की। प्रदेश की बागवानी की पहचान पूरे भारत में है। विभाग के प्रयासों से ही किसानों के लिए नई-नई योजनाएं अमल में लाई जा रही हैं। किसानों को एक्पोजर विजीट के माध्यम से बाहरी राज्यों की सब्जियों एवं फलों की किस्मों को अपनाना चाहिए ताकि प्रदेश की मंडी में किसी प्रकार की कमी न रहे।
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25 हजार एकड़ में हो रही संरक्षित खेती
केंद्र के उप निदेशक डॉ. बिल्लु यादव ने कहा कि प्रदेश में 3500 एकड़ भूमि में नेट हाउस, पॉली हाउस व इसके अतिरिक्त लॉ टनल, मलचिंग व स्केटिंग में लगभग 25 हजार एकड़ में संरक्षित की जा रही है। विभाग द्वारा ऐसे मेलों से बागवानी की नवीनतम तकनीक की जानकारी किसानों को उपलब्ध करवाई जाती है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश के हर जिले में अब किसान मित्र किसानों को संरक्षित खेती के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही घरौंडा स्थित सब्जी उत्कृष्टता केंद्र की तकनीक व संरक्षित खेती को हर किसान तक पहुंचाएंगे। इसके लिए उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक मनोज कुमार कुंडू ने निर्देश दिए हैं। वे रविवार को शुरू हुए दो दिवसीय किसान सब्जी मेले में पहुंचे थे।
घरौंडा के सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में आयोजित मेले में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करके उन्होंने केंद्र में लगे स्टॉल व प्रदर्शनी, तकनीक व संरक्षित फसलों का अवलोकन किया। केंद्र के उप निदेशक डॉ. बिल्लु यादव से उन्होंने कहा कि संरक्षित खेती को केंद्र तक सीमित न रखकर इसे प्रदेश के हर किसान के खेत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखना होगा। इसके लिए विभाग को 500 किसान मित्र तैयार करने होंगे। किसान मित्र प्रदेश के हर जिले में जाकर किसानों को संरक्षित खेती करने के लिए प्रेरित करेंगे और फायदे व मुनाफे से अवगत करवाएंगे।
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केंद्र के उप निदेशक डॉ. बिल्लु यादव ने कहा कि पिछले 10 सालों में प्रदेश के बागवानी विभाग ने जो तरक्की की है, वह किसी अन्य राज्य ने नहीं की। प्रदेश की बागवानी की पहचान पूरे भारत में है। विभाग के प्रयासों से ही किसानों के लिए नई-नई योजनाएं अमल में लाई जा रही हैं। किसानों को एक्पोजर विजीट के माध्यम से बाहरी राज्यों की सब्जियों एवं फलों की किस्मों को अपनाना चाहिए ताकि प्रदेश की मंडी में किसी प्रकार की कमी न रहे।
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25 हजार एकड़ में हो रही संरक्षित खेती
केंद्र के उप निदेशक डॉ. बिल्लु यादव ने कहा कि प्रदेश में 3500 एकड़ भूमि में नेट हाउस, पॉली हाउस व इसके अतिरिक्त लॉ टनल, मलचिंग व स्केटिंग में लगभग 25 हजार एकड़ में संरक्षित की जा रही है। विभाग द्वारा ऐसे मेलों से बागवानी की नवीनतम तकनीक की जानकारी किसानों को उपलब्ध करवाई जाती है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।