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Karnal News: दूषित प्लेटलेट्स से दो लोगों की मौत पर रक्त बैंक पर 50 लाख जुर्माना
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- उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने सिक्का रक्तदान को दोनों मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये देने के आदेश किए जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दूषित प्लेटलेट्स से हुई दो व्यक्तियों की मौत के मामले में उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने शहर के सिक्का रक्तदान केंद्र के मालिक पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम सिक्का रक्तदान के मालिक को दोनों मृतक के परिजनों को 25-25 लाख रुपये के रूप में देनी होगी। अदालत की ओर से 45 दिन का समय दिया गया है। अधिवक्ता राघव मेहता ने बताया कि 28 अक्तूबर 2021 को दो पंकज नाम के व्यक्तियों की मौत हुई थी। जिसका कारण उन्हें दूषित प्लेटलेट्स चढ़ाई गई थी।
इस मामले में अदालत ने प्राइवेट अस्पताल श्री हरि के डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी है लेकिन वह राज्य उपभोक्ता न्यायालय में अपील करेंगे, क्योंकि इन दोनों मामलों में डॉक्टर की भी लापरवाही है। जिसमें अस्पताल और ब्लड बैंक ने रक्त चढ़ाने के दौरान भारत की राष्ट्रीय रक्त संक्रमण परिषद द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों मरीजों की मृत्यु हो गई।
केस-1
अधिवक्ता ने बताया कि रसुलपुर कलां गांव निवासी सूरत सिंह के बेटे 32 वर्षीय पंकज को 25 अक्तूबर 2021 को बुखार हुआ था। वह उसे श्री हरि अस्पताल लेकर गए। वहां उसका डेंगू का टेस्ट किया गया। जिसे पॉजिटिव बताया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे दाखिल किया और 26 अक्तूबर को कहा कि प्लेटलेट्स चढ़ाई जाएगी तो आप सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स लेकर आ जाएं। पंकज का ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव था। परिजन सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स लेकर आए तो डॉक्टरों ने पंकज को वह प्लेटलेट्स चढ़ा दी। अगले दिन 27 अक्तूबर को डॉक्टरों ने कहा कि प्लेटलेट्स अभी कम है दोबारा चढ़ानी होगी। तो परिजन दोबारा सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स लेकर आए। जब डॉक्टरों ने पंकज को वह प्लेटलेट्स चढ़ाई तो कुछ समय बाद पंकज की तबीयत बिगड़ गई और 28 अक्तूबर की रात करीब साढ़े 12 बजे आईसीयू में पंकज की मौत हो गई।
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केस-2
इस मामले में सदर बाजार निवासी सुनीता के पति पंकज को भी ऐसे ही बुखार आया तो उसे भी प्राइवेट अस्पताल श्री हरि में दाखिल किया गया था और उसके परिजनों से भी प्लेटलेट्स के लिए सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स ले आने को कहा था। पंकज को भी पहले 26 अक्तूबर 2021 को प्लेटलेट्स चढ़ी और 27 अक्तूबर को डॉक्टरों ने दोबारा प्लेटलेट्स लाने के लिए कहा तो परिजन सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स लेकर आए। इस मामले में भी पंकज को जब डॉक्टरों ने प्लेटलेट्स चढ़ाई तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। 28 अक्तूबर 2021 को अस्पताल के डॉक्टरों ने तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को कहा कि वह मरीज को ले जाएं। डॉक्टरों ने परिजनों को डिस्चार्ज स्लिप भी नहीं दी। परिजन उसे दूसरे प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए तो वहां कुछ घंटों बाद पंकज ने भी दमतोड़ दिया।
सीएमओ को दी थी शिकायत
दोनों व्यक्तियों की मौत होने पर परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस और सीएमओ को की थी। इस शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने जांच की थी। जिसमें डॉक्टरों की टीम ने डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी थी और रिपोर्ट में बताया था कि सिक्का रक्तदान केंद्र ने 26-27 अक्तूबर 2021 क्षमता से अधिक रक्त की जांच की थी, उनकी प्लेटलेट्स बनाई थी। उनके पास वह मशीनें ही नहीं थी। जो टेस्ट उन्होंने दिखाए हुए थे। रक्तदान शिविर में साफ सफाई भी नहीं थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दूषित प्लेटलेट्स से हुई दो व्यक्तियों की मौत के मामले में उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने शहर के सिक्का रक्तदान केंद्र के मालिक पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम सिक्का रक्तदान के मालिक को दोनों मृतक के परिजनों को 25-25 लाख रुपये के रूप में देनी होगी। अदालत की ओर से 45 दिन का समय दिया गया है। अधिवक्ता राघव मेहता ने बताया कि 28 अक्तूबर 2021 को दो पंकज नाम के व्यक्तियों की मौत हुई थी। जिसका कारण उन्हें दूषित प्लेटलेट्स चढ़ाई गई थी।
इस मामले में अदालत ने प्राइवेट अस्पताल श्री हरि के डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी है लेकिन वह राज्य उपभोक्ता न्यायालय में अपील करेंगे, क्योंकि इन दोनों मामलों में डॉक्टर की भी लापरवाही है। जिसमें अस्पताल और ब्लड बैंक ने रक्त चढ़ाने के दौरान भारत की राष्ट्रीय रक्त संक्रमण परिषद द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों मरीजों की मृत्यु हो गई।
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केस-1
अधिवक्ता ने बताया कि रसुलपुर कलां गांव निवासी सूरत सिंह के बेटे 32 वर्षीय पंकज को 25 अक्तूबर 2021 को बुखार हुआ था। वह उसे श्री हरि अस्पताल लेकर गए। वहां उसका डेंगू का टेस्ट किया गया। जिसे पॉजिटिव बताया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे दाखिल किया और 26 अक्तूबर को कहा कि प्लेटलेट्स चढ़ाई जाएगी तो आप सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स लेकर आ जाएं। पंकज का ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव था। परिजन सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स लेकर आए तो डॉक्टरों ने पंकज को वह प्लेटलेट्स चढ़ा दी। अगले दिन 27 अक्तूबर को डॉक्टरों ने कहा कि प्लेटलेट्स अभी कम है दोबारा चढ़ानी होगी। तो परिजन दोबारा सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स लेकर आए। जब डॉक्टरों ने पंकज को वह प्लेटलेट्स चढ़ाई तो कुछ समय बाद पंकज की तबीयत बिगड़ गई और 28 अक्तूबर की रात करीब साढ़े 12 बजे आईसीयू में पंकज की मौत हो गई।
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केस-2
इस मामले में सदर बाजार निवासी सुनीता के पति पंकज को भी ऐसे ही बुखार आया तो उसे भी प्राइवेट अस्पताल श्री हरि में दाखिल किया गया था और उसके परिजनों से भी प्लेटलेट्स के लिए सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स ले आने को कहा था। पंकज को भी पहले 26 अक्तूबर 2021 को प्लेटलेट्स चढ़ी और 27 अक्तूबर को डॉक्टरों ने दोबारा प्लेटलेट्स लाने के लिए कहा तो परिजन सिक्का रक्तदान केंद्र से प्लेटलेट्स लेकर आए। इस मामले में भी पंकज को जब डॉक्टरों ने प्लेटलेट्स चढ़ाई तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। 28 अक्तूबर 2021 को अस्पताल के डॉक्टरों ने तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को कहा कि वह मरीज को ले जाएं। डॉक्टरों ने परिजनों को डिस्चार्ज स्लिप भी नहीं दी। परिजन उसे दूसरे प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए तो वहां कुछ घंटों बाद पंकज ने भी दमतोड़ दिया।
सीएमओ को दी थी शिकायत
दोनों व्यक्तियों की मौत होने पर परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस और सीएमओ को की थी। इस शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने जांच की थी। जिसमें डॉक्टरों की टीम ने डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी थी और रिपोर्ट में बताया था कि सिक्का रक्तदान केंद्र ने 26-27 अक्तूबर 2021 क्षमता से अधिक रक्त की जांच की थी, उनकी प्लेटलेट्स बनाई थी। उनके पास वह मशीनें ही नहीं थी। जो टेस्ट उन्होंने दिखाए हुए थे। रक्तदान शिविर में साफ सफाई भी नहीं थी।