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वारदात के 2
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जीटी रोड पर दिनदहाड़े दादुपुर खुर्द के शराब ठेकेदार विकास उर्फ पिंटू की हत्या के 36 घंटे बाद आखिरकार एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया परिजनों से मिलने के लिए आईटीआई चौक स्थित अमृतधारा अस्पताल पहुंचे। यहां पर एसपी ने अस्पताल में एक बंद कमरे में मृतक के छह परिजनों के साथ बैठक की और उन्होंने आश्वासन दिया कि शनिवार दोपहर 12 बजे तक पुलिस इस मामले में किसी न किसी आरोपी को अवश्य पकड़ लेगी। शाम करीब पौने चार बजे से चली इस डेढ़ घंटे की मीटिंग के बाद भी परिजन नहीं माने। परिजनों ने साफ कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही वे शव को उठाएंगे। परिजनों ने बदमाश जबरा व कृष्ण के एनकाउंटर की भी मांग की। फिलहाल परिजनों ने पुलिस प्रशासन को सुबह तक का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद ग्रामीण आगामी रणनीति तय करेंगे। वहीं, दूसरी ओर तरावड़ी थाना में पुलिस ने मृतक के दादा श्रीराम कुमार की शिकायत पर आरोपी जबरा वासी लाडवा, कृष्ण वासी दादुपुर कलां, सन्नी मास वासी लाडवा, जबरा का भाई जाचक, जबरा का जीजा दलबीर वासी दीवान, उसके पिता मनजीत व कृष्ण दादुपुर कलां के भाई पवन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि पुलिस ने कई युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
डीएसपी से लेकर तहसीलदार, एसडीएम व दो विधायकों ने भी दिया आश्वासन
इससे पहले, शुक्रवार सुबह परिजनों ने आईटीआईटी चौक स्थित अमृतधारा अस्पताल में ही टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। धरने की सूचना के बाद पुलिस अधिकारी व राजनेता उनको मनाने के लिए पहुंचे, लेकिन परिजनों ने शव को उठाने से इनकार कर दिया। परिजन इस मांग पर अड़े रहे कि पहले यहां पर एसपी आएंगे और बताएंगे। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव उठाएंगे। मृतक के परिजनों ने दोनों डीएसपी राजीव कुमार व वीरेंद्र सैनी को अपना रोष प्रकट किया और पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी कई सवाल दागे, जिनका डीएसपी जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद परिजन एसपी की बात पर अड़ गए कि एसपी उनसे बात करने क्यों नहीं आ रहे? इसके बाद तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और फिर एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक ने भी परिजनों को आश्वासन दिया कि वह चार से पांच व्यक्ति आए और वह इस केस की पूरी जानकारी उन्हें दे देंगें कि पुलिस ने अभी तक क्या किया है, लेकिन परिजन एसपी की बात पर अड़े रहे। जब परिजनों ने किसी की बात नहीं मानी तो एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया पौने चार बजे अस्पताल में पहुंचे और वहां सीधा अस्पताल के अंदर एक कमरे में बैठ गए। वहीं, मृतक पिता सहित छह परिजनों को एसपी ने आश्वासन दिया लेकिन वे नहीं माने।
अभी निजी अस्पताल में ही है डैडबॉडी
गुरुवार को साढ़े 11 बजे विकास उर्फ पिंटू की हत्या के बाद परिजन विकास को शहर के अमृत धारा अस्पताल में लेकर आए थे। जहां डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने आईटीआई चौक के समीप जीटी रोड पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन को खरी खोटी सुनाई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने के कारण वह मौके पर एसपी के न पहुंचने के कारण परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल में ही टेंट लगाकर धरना दे दिया। पूरी रात परिजन अस्पताल में टेंट में ही रहे। सुबह भी यही हाल रहा।
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हत्या की वारदात के बाद ही पुलिस की सीआईए सहित कई टीमें हत्यारों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही हैं। जल्द ही इन हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यही आश्वासन विकास के परिजनों को भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में बात करेंगे। इस मामले में परिजनों की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
-सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।
करनाल। जीटी रोड पर दिनदहाड़े दादुपुर खुर्द के शराब ठेकेदार विकास उर्फ पिंटू की हत्या के 36 घंटे बाद आखिरकार एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया परिजनों से मिलने के लिए आईटीआई चौक स्थित अमृतधारा अस्पताल पहुंचे। यहां पर एसपी ने अस्पताल में एक बंद कमरे में मृतक के छह परिजनों के साथ बैठक की और उन्होंने आश्वासन दिया कि शनिवार दोपहर 12 बजे तक पुलिस इस मामले में किसी न किसी आरोपी को अवश्य पकड़ लेगी। शाम करीब पौने चार बजे से चली इस डेढ़ घंटे की मीटिंग के बाद भी परिजन नहीं माने। परिजनों ने साफ कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही वे शव को उठाएंगे। परिजनों ने बदमाश जबरा व कृष्ण के एनकाउंटर की भी मांग की। फिलहाल परिजनों ने पुलिस प्रशासन को सुबह तक का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद ग्रामीण आगामी रणनीति तय करेंगे। वहीं, दूसरी ओर तरावड़ी थाना में पुलिस ने मृतक के दादा श्रीराम कुमार की शिकायत पर आरोपी जबरा वासी लाडवा, कृष्ण वासी दादुपुर कलां, सन्नी मास वासी लाडवा, जबरा का भाई जाचक, जबरा का जीजा दलबीर वासी दीवान, उसके पिता मनजीत व कृष्ण दादुपुर कलां के भाई पवन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि पुलिस ने कई युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
डीएसपी से लेकर तहसीलदार, एसडीएम व दो विधायकों ने भी दिया आश्वासन
इससे पहले, शुक्रवार सुबह परिजनों ने आईटीआईटी चौक स्थित अमृतधारा अस्पताल में ही टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। धरने की सूचना के बाद पुलिस अधिकारी व राजनेता उनको मनाने के लिए पहुंचे, लेकिन परिजनों ने शव को उठाने से इनकार कर दिया। परिजन इस मांग पर अड़े रहे कि पहले यहां पर एसपी आएंगे और बताएंगे। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव उठाएंगे। मृतक के परिजनों ने दोनों डीएसपी राजीव कुमार व वीरेंद्र सैनी को अपना रोष प्रकट किया और पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी कई सवाल दागे, जिनका डीएसपी जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद परिजन एसपी की बात पर अड़ गए कि एसपी उनसे बात करने क्यों नहीं आ रहे? इसके बाद तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और फिर एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक ने भी परिजनों को आश्वासन दिया कि वह चार से पांच व्यक्ति आए और वह इस केस की पूरी जानकारी उन्हें दे देंगें कि पुलिस ने अभी तक क्या किया है, लेकिन परिजन एसपी की बात पर अड़े रहे। जब परिजनों ने किसी की बात नहीं मानी तो एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया पौने चार बजे अस्पताल में पहुंचे और वहां सीधा अस्पताल के अंदर एक कमरे में बैठ गए। वहीं, मृतक पिता सहित छह परिजनों को एसपी ने आश्वासन दिया लेकिन वे नहीं माने।
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अभी निजी अस्पताल में ही है डैडबॉडी
गुरुवार को साढ़े 11 बजे विकास उर्फ पिंटू की हत्या के बाद परिजन विकास को शहर के अमृत धारा अस्पताल में लेकर आए थे। जहां डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने आईटीआई चौक के समीप जीटी रोड पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन को खरी खोटी सुनाई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने के कारण वह मौके पर एसपी के न पहुंचने के कारण परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल में ही टेंट लगाकर धरना दे दिया। पूरी रात परिजन अस्पताल में टेंट में ही रहे। सुबह भी यही हाल रहा।
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हत्या की वारदात के बाद ही पुलिस की सीआईए सहित कई टीमें हत्यारों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही हैं। जल्द ही इन हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यही आश्वासन विकास के परिजनों को भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में बात करेंगे। इस मामले में परिजनों की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
-सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।