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नाइट स्वीपिंग का निरीक्षण, वाहन और सफाई कर्मचारियों की संख्या जांची, तीन मिले गैर हाजिर

Sun, 17 Dec 2017 12:41 AM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:41 AM IST
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नाइट स्वीपिंग का निरीक्षण, वाहन और सफाई कर्मचारियों की संख्या जांची, तीन मिले गैर हाजिर
नाइट स्वीपिंग का सच जानने निकलीं निगम आयुक्त, तीन कर्मचारी अनुपस्थित मिले
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
शहर में नाइट स्वीपिंग का सच जानने के लिए निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने शुक्रवार रात सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सफाई में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली, लोडर, उन पर लगे जीपीएस सिस्टम और रिक्शा-रेहड़ी जैसे साधनों की गिनती के साथ-साथ सुपरवाइजर और सफाई करने वालों की बायोमिट्रिक अटेंडेंस तथा पहचान पत्र चेक किए। चेकिंग के दौरान तीन सफाई कर्मचारी गैर हाजिर मिले।
बता दें कि रात 9 बजे के बाद नगर निगम की ओर से स्वीपिंग करवाई जाती है, जो दो बजे तक चलती है। निगम द्वारा यह व्यवस्था पिछले साल शुरू की गई थी। नाइट स्वीपिंग के लिए 4 ट्रैक्टर, 1 लोडर, 12 रेहड़ियां तथा 159 सफाईकर्मी तथा 6 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। सुपरवाइजरों की संख्या पूरी थी, केवल सफाई करने वाले तीन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। आयुक्त ने ट्रैक्टरों के मॉडल, ट्रालियों और रेहड़ियों में अलग-अलग कलर और कूड़े के लिए की गई पार्टिशन और एक-एक सुपरवाइजर से उनके सफाई के एरिया पूछे। नाम पूछकर उनका रिकॉर्ड से मिलान किया गया। इसके पश्चात उन्होंने कमेटी चौक पर नाइट में की गई सफाई का भी निरीक्षण किया।
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रात को पढ़ाया स्वच्छता का पाठ
पुरानी सब्जी मंडी के शैड के नीचे एकत्रित नाइट स्वीपिंग के सफाई कर्मचारियों से निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 और साफ-सफाई के तौर-तरीकों को लेकर संवाद किया। इस दौरान स्वच्छ सर्वेक्षण-2018, गीले और सूखे कचरे में कौन-कौन से पदार्थ आते हैं। हरे और नीले डस्टबिन में कौन सा कचरा डाला जाता है, हाजिरी कैसे ली जाती है और कितनी बार लगती है, कौन-कौन सा एरिया साफ किया जाता है। रेहड़ी और ट्रैक्टर-ट्रालियों में कचरे को एकत्रित या अलग-अलग डालना चाहिए, खाली प्लॉट की सफाई करते हो या नहीं, जैसे प्रश्न पूछे। उन्होंने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण कूड़े-कचरे को प्रारंभिक एकत्रीकरण से लेकर सॉलिड वेस्ट प्लांट तक अलग-अलग पहुंचाना है। सफाई का मतलब केवल सफाई नहीं, अपितु पूर्ण स्वच्छता है। निगम आयुक्त ने कहा कि जैसे बच्चे को एग्जाम में अव्वल आने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। हमें भी स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में शीर्ष स्थान पर आने के लिए मेहनत से काम करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नाइट स्वीपिंग को लेकर किसी भी एरिया की शिकायत नगर निगम में नहीं आनी चाहिए। आयुक्त के साथ निगम के चीफ इंजीनियर अनिल मेहता और डीएमसी रोहताश बिश्नोई भी थे।
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