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आगंनवाड़ी वर्कर्स ने प्रदर्शन कर जलाई सरकारी आदेश की प्रतियां
Updated Sun, 18 Jun 2017 10:43 PM IST
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आंगनबाड़ी वर्कर्स ने प्रदर्शन कर जलाई सरकारी आदेश की प्रतियां
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने रविवार को लघु सचिवालय पहुंचकर महिला एवं बाल विकास परियोजना के उसे आदेश की प्रति जलाई, जिसमें आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों द्वारा धरन प्रदर्शनों व हड़ताल पर जाने से रोकने का निर्देश दिया गया था। इस प्रर्दशन की अध्यक्षता जिला प्रधान मधु शर्मा ने और संचालन जिला सचिव रूपवती राणा ने किया। जिला प्रधान मधु शर्मा व सचिव रूपवती राणा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों के धरने प्रदर्शनों व हड़तालों पर रोक लगाना हरियाणा सरकार की घटिया मानसिकता व ट्रेड यूनियन के अधिकारों का हनन है। हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं का भारी आर्थिक शोषण किया जा रहा है, आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों को डीसी रेट तक नहीं मिलता, कर्मचारी तक का दर्जा नहीं है जो वर्करों एवं हेल्परों को मानदेय मिलता है वो भी 6-6 महीने तक नहीं मिलता। आंगनबाड़ी में ज्यादातर विधवा व अति गरीब महिलाएं काम करती हैं जो कि हरियाणा सरकार की नीतियों के कारण भूखा मरने की कगार पर हैं। बच्चों की फीस देना, बीमारी, खाने के सामान के लाले पड़े हुए हैं। उपरोक्त समस्याओं को लेकर ट्रेड यूनियन के तहत मिले अधिकारों के तहत जब आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्पर अपने अधिकारों के लिए धरना प्रदर्शन करते हैं तो सरकार ने पत्र जारी करके ट्रेड यूनियन अधिकारों का गला घोंट दिया है और हरियाणा सरकार अपने घोषणा पत्र में जारी किए गए वायदों को दरकिनार करते हुए अपनी घटिया सोच, कर्मचारी व जनता विरोधी तानाशाही का परिचय दिया है। इस प्रर्दशन में मधु शर्मा, रूपा, सर्वेश, सतपाल सैनी, सुशील गुजर, मन्तु फूसगढ़, ओम प्रकाश ङ्क्षसहमार, जयपाल राणा, रेखा रानी, निर्मल, उषा, निर्मला, बबीता, निशा, रोशन गुप्ता, ज्ञानो देवी, ओमा शर्मा, राकेश, बिजनेश ने भाग लिया।
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करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने रविवार को लघु सचिवालय पहुंचकर महिला एवं बाल विकास परियोजना के उसे आदेश की प्रति जलाई, जिसमें आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों द्वारा धरन प्रदर्शनों व हड़ताल पर जाने से रोकने का निर्देश दिया गया था। इस प्रर्दशन की अध्यक्षता जिला प्रधान मधु शर्मा ने और संचालन जिला सचिव रूपवती राणा ने किया। जिला प्रधान मधु शर्मा व सचिव रूपवती राणा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों के धरने प्रदर्शनों व हड़तालों पर रोक लगाना हरियाणा सरकार की घटिया मानसिकता व ट्रेड यूनियन के अधिकारों का हनन है। हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं का भारी आर्थिक शोषण किया जा रहा है, आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों को डीसी रेट तक नहीं मिलता, कर्मचारी तक का दर्जा नहीं है जो वर्करों एवं हेल्परों को मानदेय मिलता है वो भी 6-6 महीने तक नहीं मिलता। आंगनबाड़ी में ज्यादातर विधवा व अति गरीब महिलाएं काम करती हैं जो कि हरियाणा सरकार की नीतियों के कारण भूखा मरने की कगार पर हैं। बच्चों की फीस देना, बीमारी, खाने के सामान के लाले पड़े हुए हैं। उपरोक्त समस्याओं को लेकर ट्रेड यूनियन के तहत मिले अधिकारों के तहत जब आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्पर अपने अधिकारों के लिए धरना प्रदर्शन करते हैं तो सरकार ने पत्र जारी करके ट्रेड यूनियन अधिकारों का गला घोंट दिया है और हरियाणा सरकार अपने घोषणा पत्र में जारी किए गए वायदों को दरकिनार करते हुए अपनी घटिया सोच, कर्मचारी व जनता विरोधी तानाशाही का परिचय दिया है। इस प्रर्दशन में मधु शर्मा, रूपा, सर्वेश, सतपाल सैनी, सुशील गुजर, मन्तु फूसगढ़, ओम प्रकाश ङ्क्षसहमार, जयपाल राणा, रेखा रानी, निर्मल, उषा, निर्मला, बबीता, निशा, रोशन गुप्ता, ज्ञानो देवी, ओमा शर्मा, राकेश, बिजनेश ने भाग लिया।