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Karnal News: सितंबर तक गिरा देंगे 108 स्कूलों के 412 जर्जर कमरे, दिवाली से पहले शुरू होगा नया निर्माण
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सुभरी की खस्ता हाल इमारत।
करनाल। राजकीय विद्यालयों के जर्जर भवनों को लेकर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिले के सभी स्कूलों से जर्जर भवनों और कमरों की रिपोर्ट मंगवा ली गई है। इसी सप्ताह में इन्हें गिराने के लिए पीडब्ल्यूडी के माध्यम से शिक्षा विभाग बोली की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके बाद सितंबर माह तक सभी जर्जर कमरों और भवनों को गिरा दिया जाएगा। दिवाली से पहले नए कमरों और भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
राजस्थान में स्कूल में कमरे की छत गिरने के बाद बच्चों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद अमर उजाला ने ‘कैसी है पाठशाला’ टैगलाइन के साथ स्कूलों के हालात उजागर किए थे। जिसके बाद शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने जर्जर भवनों की जगह नए निर्माण के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 108 राजकीय विद्यालयों में 412 जर्जर कमरे या हॉल हैं। इनमें लैब या कक्षाएं चल रही हैं। इनमें अब्दूलापुर, कलामपुरा और बुढ़ेड़ा का पूरा स्कूल भवन जर्जर हालत में है, इसकी जगह नया भवन बनाया जाएगा।
खराब हालात का उदाहरण सुभरी का विद्यालय
18 जून, 1994 में सुभरी में राजकीय उच्च विद्यालय के लिए बने भवन का उद्घाटन हुआ था। आज यहां वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चल रहा है। 31 साल पहले बने भवन की हालत यह है कि हाथ लगते ही दीवारों का सीमेंट गिर जाता है। कमरे जर्जर हैं। पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों की निगाह किताबों के बजाय छत की तरफ रहती हैं। क्योंकि छत से सीमेंट गिरता रहता है। पढ़ते-पढ़ते ही किताब के पन्नों पर धूल जम जाती है। छत के सरिये भी दिखने लगे हैं। सीलन के कारण दीवारों से बदबू आती है। वर्तमान में स्कूल में 469 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
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ये स्कूल भवन हैं जर्जर
- असंध : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय असंध, बल्ला, सालवन, राजकीय उच्च विद्यालय बिलोना, राजकीय माध्यमिक विद्यालय रुगसाना, ठरवा माजरा, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निसिंग, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बाहरी, बंधराला, भंभरेहड़ी, चौचड़ा, धनौली, डेरा बलकार सिंह, डेरा फूला सिंह, डेरा पूरबिया, दुपेड़ी, गोली, इच्छनपुर, जयसिंहपुरा, जलमाना, झीमरी खेड़ा, कबूलपुर खेड़ा, कौल खेड़ा, खिजराबाद, ललैन, मानपुरा, मर्दानहेड़ी, मोरमाजरा, पक्काखेड़ा, पंघाला, फफड़ाना, रिसालवा, रुगसाना, सालवन-1 और 2, थल, उपलाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाहरी, बल्ला, गोल्ली, जलमाना, राहड़ा, रत्तक।
- घरौंडा : राजकीय उच्च विद्यालय बसधारा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ऐंचला, बिजना, देवीपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलीपुर खालसा, मूनक।
- इंद्री : राजकीय माध्यमिक विद्यालय नन्हेड़ा, शेखपुरा बांगड़, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्याना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भादसों, इंद्री, खानपुर, खेड़ीमान सिंह, राजकयी प्राथमिक विद्यालय भादसों, कलसोरा, लबकरी, सय्यदछपरा।
- करनाल : राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय रंबा, राजकीय उच्च विद्यालय कंबोपुरा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय दनियालपुर, अब्दुलापुर, चुंडीपुर, कलामपुरा, कुराली, मधुबन, मैनमती, नलवीपार, सुभरी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घीड़, नगला मेघा, रेलवे रोड, संगोहा, शेखपुरा सोहाना, सुभरी, टिकरी।
- नीलोखेड़ी : राजकीय उच्च विद्यालय सौंकड़ा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भैणी कलां, बुढेड़ा, दयानगर रायसन, नराना, संधीर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अंजनथली, रायसन, सग्गा, समानाबाहू, सांवत, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नीलोखेड़ी।
- निसिंग : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुंडला, राजकीय उच्च विद्यालय पिचौलिया, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भालू, बिर्चपुर, दादूपुर रोड़ान, गुल्लरपुर, हथलाना, प्रेम खेड़ा, सिंगड़ा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बालू, खेड़ी नरू, मंजूरा, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय औंगध और सांभली।
-असंध में सर्वाधिक कमरे जर्जर
खंड
स्कूल
जर्जर कमरे
असंध
45
142
निसिंग
16
89
इंद्री
11
61
नीलोखेड़ी
12
57
करनाल
18
50
घरौंडा
06
15
सभी स्कूल मुखिया से स्कूलों की स्थिति पर रिपोर्ट मंगवा ली है। जर्जर भवनों को तोड़ने से पहले बोली कराने की तिथि तय होगी। सितंबर माह तक सभी जर्जर कमरों को गिरवा दिया जाएगा। नए कमरों के लिए प्रस्ताव भी स्कूलों से मांगा है। तुरंत बाद नए कमरे बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर हम चिंतित हैं। - सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी
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राजस्थान में स्कूल में कमरे की छत गिरने के बाद बच्चों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद अमर उजाला ने ‘कैसी है पाठशाला’ टैगलाइन के साथ स्कूलों के हालात उजागर किए थे। जिसके बाद शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने जर्जर भवनों की जगह नए निर्माण के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 108 राजकीय विद्यालयों में 412 जर्जर कमरे या हॉल हैं। इनमें लैब या कक्षाएं चल रही हैं। इनमें अब्दूलापुर, कलामपुरा और बुढ़ेड़ा का पूरा स्कूल भवन जर्जर हालत में है, इसकी जगह नया भवन बनाया जाएगा।
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खराब हालात का उदाहरण सुभरी का विद्यालय
18 जून, 1994 में सुभरी में राजकीय उच्च विद्यालय के लिए बने भवन का उद्घाटन हुआ था। आज यहां वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चल रहा है। 31 साल पहले बने भवन की हालत यह है कि हाथ लगते ही दीवारों का सीमेंट गिर जाता है। कमरे जर्जर हैं। पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों की निगाह किताबों के बजाय छत की तरफ रहती हैं। क्योंकि छत से सीमेंट गिरता रहता है। पढ़ते-पढ़ते ही किताब के पन्नों पर धूल जम जाती है। छत के सरिये भी दिखने लगे हैं। सीलन के कारण दीवारों से बदबू आती है। वर्तमान में स्कूल में 469 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
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ये स्कूल भवन हैं जर्जर
- असंध : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय असंध, बल्ला, सालवन, राजकीय उच्च विद्यालय बिलोना, राजकीय माध्यमिक विद्यालय रुगसाना, ठरवा माजरा, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निसिंग, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बाहरी, बंधराला, भंभरेहड़ी, चौचड़ा, धनौली, डेरा बलकार सिंह, डेरा फूला सिंह, डेरा पूरबिया, दुपेड़ी, गोली, इच्छनपुर, जयसिंहपुरा, जलमाना, झीमरी खेड़ा, कबूलपुर खेड़ा, कौल खेड़ा, खिजराबाद, ललैन, मानपुरा, मर्दानहेड़ी, मोरमाजरा, पक्काखेड़ा, पंघाला, फफड़ाना, रिसालवा, रुगसाना, सालवन-1 और 2, थल, उपलाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाहरी, बल्ला, गोल्ली, जलमाना, राहड़ा, रत्तक।
- घरौंडा : राजकीय उच्च विद्यालय बसधारा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ऐंचला, बिजना, देवीपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलीपुर खालसा, मूनक।
- इंद्री : राजकीय माध्यमिक विद्यालय नन्हेड़ा, शेखपुरा बांगड़, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्याना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भादसों, इंद्री, खानपुर, खेड़ीमान सिंह, राजकयी प्राथमिक विद्यालय भादसों, कलसोरा, लबकरी, सय्यदछपरा।
- करनाल : राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय रंबा, राजकीय उच्च विद्यालय कंबोपुरा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय दनियालपुर, अब्दुलापुर, चुंडीपुर, कलामपुरा, कुराली, मधुबन, मैनमती, नलवीपार, सुभरी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घीड़, नगला मेघा, रेलवे रोड, संगोहा, शेखपुरा सोहाना, सुभरी, टिकरी।
- नीलोखेड़ी : राजकीय उच्च विद्यालय सौंकड़ा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भैणी कलां, बुढेड़ा, दयानगर रायसन, नराना, संधीर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अंजनथली, रायसन, सग्गा, समानाबाहू, सांवत, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नीलोखेड़ी।
- निसिंग : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुंडला, राजकीय उच्च विद्यालय पिचौलिया, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भालू, बिर्चपुर, दादूपुर रोड़ान, गुल्लरपुर, हथलाना, प्रेम खेड़ा, सिंगड़ा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बालू, खेड़ी नरू, मंजूरा, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय औंगध और सांभली।
-असंध में सर्वाधिक कमरे जर्जर
खंड
स्कूल
जर्जर कमरे
असंध
45
142
निसिंग
16
89
इंद्री
11
61
नीलोखेड़ी
12
57
करनाल
18
50
घरौंडा
06
15
सभी स्कूल मुखिया से स्कूलों की स्थिति पर रिपोर्ट मंगवा ली है। जर्जर भवनों को तोड़ने से पहले बोली कराने की तिथि तय होगी। सितंबर माह तक सभी जर्जर कमरों को गिरवा दिया जाएगा। नए कमरों के लिए प्रस्ताव भी स्कूलों से मांगा है। तुरंत बाद नए कमरे बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर हम चिंतित हैं। - सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी