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Karnal News: छह जिलों में बनेंगे ग्रामीण महिलाओं के 400 समूह

Fri, 30 May 2025 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 30 May 2025 02:21 AM IST
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400 groups of rural women will be formed in six districts
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। नाबार्ड और जन कल्याण समिति की ओर से प्रदेश के छह जिलों में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं देयता समूह (जेएलजी) परियोजना चलाई जा रही है। इसके तहत इस साल 400 समूहों से ग्रामीण महिलाओं को जोड़कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के तैयार किया जा रहा है।
परियोजना प्रबंधक राजबाला मान ने बताया कि इस परियोजना में पानीपत, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर में क्लस्टर स्तर केंद्र बनाकर महिलाओं के लिए स्वरोजगार के प्रशिक्षण केंद्र खोले हैं। नाबार्ड बैंक के साथ मिलकर समिति ने महिलाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें डेयरी फार्मिंग, दूध से पनीर, खोया, मिठाई, बैग मेकिंग, ड्रेस डिजाइनिंग, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, एलईडी बल्ब निर्माण, बकरी पालन, आचार-पापड़ जैसे कार्य शामिल हैं।
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स्वयं देयता समूह बनाकर न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर बल्कि महिलाओं को विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आजीविका को मजबूत किया जाएगा। वर्ष 2020 से 2024 तक 4500 समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया गया है। इस परियोजना के माध्यम से नए 400 समूह तैयार किए जाएंगे।
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महिलाओं को बेकरी का काम, अचार-पापड़ बनाना, एलईडी बल्ब, कपड़े की दकानें, आर्टिफिशियल ज्वेलरी और खेती बाड़ी से लेकर पशुपालन जैसे कामों का पहले एक महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्रामीण महिलाएं अक्सर घरों में जिंदगी बिता देती हैं, अपनी प्रतिभाओं को पहचान नहीं पाती है जिसमें जेएलजी के माध्यम से उन्हें सशक्त करने का कार्य किया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन मिसाल बन पाएंगी।
जेएलजी प्रोजेक्ट के अंतर्गत केनरा बैंक, एसबीआई, कोऑपरेटिव बैंक और सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक जैसे बैंको से काफी कम ब्याज पर ऋण लेकर महिलाएं अपना स्वरोजगार शुरू करेंगी। इसके अलावा पहले से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं निजी बैंकों से ऋण लेकर काम शुरू करती थीं जिससे उन्हें ऋण चुकाने के लिए अधिक ब्याज देना पड़ता था। जिसके बाद जन कल्याण समिति ने इन महिलाओं को सरकारी बैंकों से कम ब्याज पर ऋण दिलवाया ताकि वह स्वयं ऋण का चुकाया आसानी से कर सके।
एलईडी बल्ब बनाने का काम किया शुरू
दहा गांव की गुलशन कुमारी ने बताया कि उन्होंने जन कल्याण समिति से जुड़कर जेएलजी योजना के तहत कम ब्याज प पैसे लेकर अपना स्वरोजगार शुरू किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छोटी सी दुकान किराये पर लेकर एलईडी बल्ब बनाने का काम करती हैं, जिसमें कई कंपनियों के आर्डर भी आते हैं। पांच से सात महिलाओं का समूह मिलकर इस काम कर रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त कर अब स्वयं के लिए बचत भी कर लेती हैं और हर महीने चार से पांच हजार रुपये कमाई हो जाती है।


खुद की दुकान से हो रही आमदनी
समूह की महिला सुमन ने बताया कि वह पिछले दो सालों से जेएलजी के तहत एलईडी बल्ब बनाने का काम कर रही हैं। जन कल्याण समिति संस्था की ओर से प्रशिक्षण के साथ नाबार्ड बैंक से कम ब्याज दर पर ऋण दिलवाया गया। वर्तमान में स्वयं की दुकान खरीद कर आज आर्थिक रूप से परिवार की सहायता कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि गांव में अन्य कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा तो महिलाएं न केवल मजबूत होंगी बल्कि समाज में सम्मान मिलेगा।
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