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यश्वनी कुमार ने राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में एकल गायन में पाया पहला स्थान
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अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री (करनाल)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इंद्री में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले दृष्टिबाधित छात्र यश्वनी कुमार ने जींद में आयोजित दिव्यांग विद्यार्थियों की राज्य स्तरीय खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की एकल गायन स्पर्धा में पहला स्थान प्राप्त किया है।
यश्वनी की इस उपलब्धि से स्कूल और शहर में खुशी का माहौल है। एकल गायन में स्वर्ण पदक जीत कर आए यश्वनी का करनाल में डीईओ ईश्वर सिंह मान, डीईईओ चौधरी राजपाल, समग्र शिक्षा अभियान की जिला परियोजना संयोजक सपना जैन सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्वागत किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समग्र शिक्षा अभियान द्वारा जींद में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आयोजित राज्य स्तरीय खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता में राजकीय स्कूल के दसवीं कक्षा के पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थी यश्वनी ने एकल गायन में हिस्सा लिया। अध्यापक महिंद्र कुमार, यश्वनी के पिता एवं सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र कुमार बंटी के मार्गदर्शन में यश्वनी ने लोक गीत-हरियाणा प्रदेश सै या हारी जान सै गीत गाकर सभी का मन मोह लिया। निर्णायक मंडल ने यश्वनी को प्रथम घोषित किया। रोहतक के आयुक्त पंकज यादव ने यश्वनी को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया। शिक्षा विभाग में आईईडी सैल के राज्य संयोजक रजनीश शर्मा ने यश्वनी की गायन प्रतिभा की तारीफ की। डीईओ ईश्वर मान व डीईईओ राजपाल ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यश्वनी तो स्कूलों में पढ़ रहे दिव्यांग बच्चों का ही नहीं सभी बच्चों का हीरो हैं।
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इंद्री (करनाल)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इंद्री में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले दृष्टिबाधित छात्र यश्वनी कुमार ने जींद में आयोजित दिव्यांग विद्यार्थियों की राज्य स्तरीय खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की एकल गायन स्पर्धा में पहला स्थान प्राप्त किया है।
यश्वनी की इस उपलब्धि से स्कूल और शहर में खुशी का माहौल है। एकल गायन में स्वर्ण पदक जीत कर आए यश्वनी का करनाल में डीईओ ईश्वर सिंह मान, डीईईओ चौधरी राजपाल, समग्र शिक्षा अभियान की जिला परियोजना संयोजक सपना जैन सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्वागत किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
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समग्र शिक्षा अभियान द्वारा जींद में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आयोजित राज्य स्तरीय खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता में राजकीय स्कूल के दसवीं कक्षा के पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थी यश्वनी ने एकल गायन में हिस्सा लिया। अध्यापक महिंद्र कुमार, यश्वनी के पिता एवं सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र कुमार बंटी के मार्गदर्शन में यश्वनी ने लोक गीत-हरियाणा प्रदेश सै या हारी जान सै गीत गाकर सभी का मन मोह लिया। निर्णायक मंडल ने यश्वनी को प्रथम घोषित किया। रोहतक के आयुक्त पंकज यादव ने यश्वनी को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया। शिक्षा विभाग में आईईडी सैल के राज्य संयोजक रजनीश शर्मा ने यश्वनी की गायन प्रतिभा की तारीफ की। डीईओ ईश्वर मान व डीईईओ राजपाल ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यश्वनी तो स्कूलों में पढ़ रहे दिव्यांग बच्चों का ही नहीं सभी बच्चों का हीरो हैं।
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