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कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे 28.30 लाख
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करनाल। परिवार सहित कनाडा भेजकर वहां नौकरी लगवाने का झांसा देकर दोस्त ने अपने परिजनों के साथ मिलकर एक व्यक्ति से 28.30 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की ओर से इस आशय की शिकायत एसपी से की गई, जिसके बाद सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
बहलोलपुर निवासी दलविंद्र सिंह ने शिकायत में बताया कि संदीप निवासी जटपुरा के साथ उसकी दोस्ती हो गई। संदीप ने उससे कहा कि उसके पास विदेश भेजने का काम करने वाला एक व्यक्ति है, यदि विचार हो तो बता देना। वह बेरोजगार था, इसलिए उसने विदेश जाने की हामी भर दी। आठ नवंबर 2018 को संदीप के घर गए तो वहां संदीप और उसके परिजन सुनील सिसौदिया, अनिल सिसौदिया, कमला, राजू, रानी, स्नेहा जोगलेकर, प्रशांत अशोक, संजीव कुमार व पालाराम मिले। उन्होंने कहा कि वह उसे पत्नी व बेटे सहित कनाडा भिजवा देंगे। इसमें 22 लाख रुपये लगेंगे। यह सारा कार्य दि जाब फ्लीट सर्विस पुणे से कराएंगे। वहां पत्नी को भी हजार डॉलर प्रतिमाह की नौकरी मिल जाएगी। पासपोर्ट आदि उसी दिन दे दिए। इसके बाद पहले तो उसने पांच लाख रुपये लिए। फिर वह लगातार रुपये लेता रहा। अपने परिजनों के अलग-अलग खातों में धनराशि ट्रांसफर करवाता रहा। 2021 में उसने कहा कि सारा काम हो गया है। वीजा लगा पासपोर्ट भी दे दिया। अप्रैल 2021 तक उसने कुल 28.30 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद वह वहां लॉकडाउन लगने की बात कहता रहा। अब शक हुआ तो उससे कहा कि विदेश भेजकर नौकरी लगवाओ, नहीं तो रुपये वापस करो। तब उसने साफ इनकार कर दिया। कहा कि न वह विदेश भेजेगा और न रुपये वापस देगा, जो करना हो तो कर लो। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर दस लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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बहलोलपुर निवासी दलविंद्र सिंह ने शिकायत में बताया कि संदीप निवासी जटपुरा के साथ उसकी दोस्ती हो गई। संदीप ने उससे कहा कि उसके पास विदेश भेजने का काम करने वाला एक व्यक्ति है, यदि विचार हो तो बता देना। वह बेरोजगार था, इसलिए उसने विदेश जाने की हामी भर दी। आठ नवंबर 2018 को संदीप के घर गए तो वहां संदीप और उसके परिजन सुनील सिसौदिया, अनिल सिसौदिया, कमला, राजू, रानी, स्नेहा जोगलेकर, प्रशांत अशोक, संजीव कुमार व पालाराम मिले। उन्होंने कहा कि वह उसे पत्नी व बेटे सहित कनाडा भिजवा देंगे। इसमें 22 लाख रुपये लगेंगे। यह सारा कार्य दि जाब फ्लीट सर्विस पुणे से कराएंगे। वहां पत्नी को भी हजार डॉलर प्रतिमाह की नौकरी मिल जाएगी। पासपोर्ट आदि उसी दिन दे दिए। इसके बाद पहले तो उसने पांच लाख रुपये लिए। फिर वह लगातार रुपये लेता रहा। अपने परिजनों के अलग-अलग खातों में धनराशि ट्रांसफर करवाता रहा। 2021 में उसने कहा कि सारा काम हो गया है। वीजा लगा पासपोर्ट भी दे दिया। अप्रैल 2021 तक उसने कुल 28.30 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद वह वहां लॉकडाउन लगने की बात कहता रहा। अब शक हुआ तो उससे कहा कि विदेश भेजकर नौकरी लगवाओ, नहीं तो रुपये वापस करो। तब उसने साफ इनकार कर दिया। कहा कि न वह विदेश भेजेगा और न रुपये वापस देगा, जो करना हो तो कर लो। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर दस लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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