{"_id":"660353ec27bd491b7206f584","slug":"22-gram-panchayats-of-karnanagari-are-tb-free-state-team-approved-karnal-news-c-18-knl1008-355385-2024-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: कर्णनगरी की 22 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त, राज्य टीम ने लगाई मुहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: कर्णनगरी की 22 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त, राज्य टीम ने लगाई मुहर
विज्ञापन
- स्वास्थ्य विभाग ने 45 गांवों की सूची की थी तैयार, राज्य टीबी की टीम ने निरीक्षण कर 22 गांवों के नामों पर लगाई मुहर
- वर्ष 2024 में 50 से अधिक गांवों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
अनुज शर्मा
करनाल। कर्णनगरी की 22 ग्राम पंचायतों पर स्वास्थ्य विभाग की राज्य टीबी टीम ने टीबी मुक्त की मुहर लगा दी है। अब जल्द इन ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। दूसरी ओर वर्ष 2024 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले के 50 से अधिक गांवों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम निरंतर कार्य कर रही है।
वर्ष 2023 में जिला स्वास्थ्य विभाग की टीबी की टीम ने जिलेभर की 395 में से 45 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने की सूची में शामिल किया था। जिसके बाद राज्य टीबी की टीम की ओर से निरीक्षण के दौरान सिर्फ एक-दो मानदंडों पर खरा न उतरने वाली 23 ग्राम पंचायतों को बाहर कर दिया और नियमानुसार छह मानदंडों पर खरा उतरने वाली जिले की 22 ग्राम पंचायतों के नामों पर मुहर लगा दी।
हालांकि टीबी मुक्त भारत अभियान के दौरान टीबी मुक्त होने वाली ग्राम पंचायतों को विश्व टीबी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जिला स्तर पर सम्मानित करना था लेकिन किसी कारणवश कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया है। अब जल्द इन ग्राम पंचायतों को कार्यक्रम में बुलाया जाएगा और सम्मानित किया जाएगा। दूसरी ओर वर्ष 2023 के टीबी के ओवरऑल सेक्सेस प्वाइंटस में करनाल जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। - संवाद
विज्ञापन
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत चयन के छह नियम
एक हजार जनसंख्या पर कम से कम 30 सैंपल। गांव में एक हजार जनसंख्या पर टीबी के मरीजों की संख्या शून्य हो या फिर एक मरीज हो। गांव में मिले टीबी के मरीजों का ट्रीटमेंट रेट 100 फीसदी हो। पूर्व में आए टीबी मरीजों में से 62 प्रतिशत का सीबीनॉट टेस्ट करवाया गया हो। टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह दिए गए हों और टीबी मरीजों को न्यूट्रीशियन स्पोर्ट किट दी गई हो।
राज्य टीबी टीम की ओर से चयनित टीबी मुक्त गांव
ब्लॉक : टीबी मुक्त गांव
इंद्री : कादराबाद, बुढ़नपुर खालसा, गढ़पुर खालसा, टूसंग, धमनहेड़ी, रसूलपुर, मनोहरपुर
नीलोखेड़ी : पूजम, यूनिसपुर, ख्वाजाह अहमदपुर, बराना खालसा, बाकीपुर, राजगढ़, मनक माजरा, अमरगढ़, लाठरों।
घरौंडा : उपली, भरतपुर, मलिकपुर गडरियान, फैजलपुर माजरा, दारूलामा तातरपुर।
जिलेभर की 395 ग्राम पंचायतों में से स्वास्थ्य विभाग की ओर से 45 गांवों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की श्रेणी में रखा गया था। राज्य टीबी की टीम ने गांवों का निरीक्षण कर 22 गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया है। जिन्हें जल्द सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. सिम्मी कपूर, उप-सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी (टीबी) करनाल
विज्ञापन
- वर्ष 2024 में 50 से अधिक गांवों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
अनुज शर्मा
करनाल। कर्णनगरी की 22 ग्राम पंचायतों पर स्वास्थ्य विभाग की राज्य टीबी टीम ने टीबी मुक्त की मुहर लगा दी है। अब जल्द इन ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। दूसरी ओर वर्ष 2024 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले के 50 से अधिक गांवों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम निरंतर कार्य कर रही है।
वर्ष 2023 में जिला स्वास्थ्य विभाग की टीबी की टीम ने जिलेभर की 395 में से 45 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने की सूची में शामिल किया था। जिसके बाद राज्य टीबी की टीम की ओर से निरीक्षण के दौरान सिर्फ एक-दो मानदंडों पर खरा न उतरने वाली 23 ग्राम पंचायतों को बाहर कर दिया और नियमानुसार छह मानदंडों पर खरा उतरने वाली जिले की 22 ग्राम पंचायतों के नामों पर मुहर लगा दी।
विज्ञापन
हालांकि टीबी मुक्त भारत अभियान के दौरान टीबी मुक्त होने वाली ग्राम पंचायतों को विश्व टीबी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जिला स्तर पर सम्मानित करना था लेकिन किसी कारणवश कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया है। अब जल्द इन ग्राम पंचायतों को कार्यक्रम में बुलाया जाएगा और सम्मानित किया जाएगा। दूसरी ओर वर्ष 2023 के टीबी के ओवरऑल सेक्सेस प्वाइंटस में करनाल जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। - संवाद
विज्ञापन
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत चयन के छह नियम
एक हजार जनसंख्या पर कम से कम 30 सैंपल। गांव में एक हजार जनसंख्या पर टीबी के मरीजों की संख्या शून्य हो या फिर एक मरीज हो। गांव में मिले टीबी के मरीजों का ट्रीटमेंट रेट 100 फीसदी हो। पूर्व में आए टीबी मरीजों में से 62 प्रतिशत का सीबीनॉट टेस्ट करवाया गया हो। टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह दिए गए हों और टीबी मरीजों को न्यूट्रीशियन स्पोर्ट किट दी गई हो।
राज्य टीबी टीम की ओर से चयनित टीबी मुक्त गांव
ब्लॉक : टीबी मुक्त गांव
इंद्री : कादराबाद, बुढ़नपुर खालसा, गढ़पुर खालसा, टूसंग, धमनहेड़ी, रसूलपुर, मनोहरपुर
नीलोखेड़ी : पूजम, यूनिसपुर, ख्वाजाह अहमदपुर, बराना खालसा, बाकीपुर, राजगढ़, मनक माजरा, अमरगढ़, लाठरों।
घरौंडा : उपली, भरतपुर, मलिकपुर गडरियान, फैजलपुर माजरा, दारूलामा तातरपुर।
जिलेभर की 395 ग्राम पंचायतों में से स्वास्थ्य विभाग की ओर से 45 गांवों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की श्रेणी में रखा गया था। राज्य टीबी की टीम ने गांवों का निरीक्षण कर 22 गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया है। जिन्हें जल्द सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. सिम्मी कपूर, उप-सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी (टीबी) करनाल