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नशे के खिलाफ निकाली जागरूकता रैली
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नशे के खिलाफ निकाली जागरूकता रैली
डीएवी पीजी कॉलेज में सात दिवसीय एनएसएस शिविर का तीसरा दिन
फोटो संख्या-29
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। डीएवी पीजी कॉलेज में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर के तीसरे दिन स्लोगन राइटिंग, कोलॉज मेकिंग व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इसमें नशा मुक्ति पर विद्यार्थियों ने पोस्टर बनाये व स्लोगन लिखकर नशे के विरोध मे रैली भी निकाली। कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता के रूप में समाजशास्त्र विषय के प्रवक्ता डॉ. अनिल ने शिरक्त की। मुख्य वक्ता का प्राचार्य डॉ. आरपी सैनी व कार्यक्रम की संयोजक डॉ. मिनाक्षी कुंडू ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।
प्राचार्य डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है। इसे खत्म करने के लिए हमें प्रयास करना चाहिए, ताकि नशा मुक्त समाज में युवाओं की भूमिका को और अधिक अवसर प्रदान किए जा सके। डॉ. सैनी ने कहा कि जब तक समाज मे नशे का प्रभाव रहेगा, तब तक युवाओं का जीवन खतरे में है। कैंप में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ. अनिल ने कहा कि नशे ने लाखों परिवारों को बर्बाद कर दिया है। जिसका सीधा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे का आदी हो जाता है तो वह दूसरों को भी अपने साथ मिला लेता है। इस तरह सभी इस लत में पड़ जाते हैं। इसका परिणाम आने वाली उनकी कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ता है। डॉ. अनिल ने कहा कि नशे को लेकर नशाखोर समाज में अपनी गहरी जडे़ जमाये बैठे हैं। हमें उन जड़ों को उखाड़ फेंकना होगा। कैंप में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्राचार्य व मुख्य वक्ता ने पुरस्कार वितरित किए। इसमें स्लोगन राइटिंग में प्रथम विशाल आर्य व द्वितीय प्रिंस शर्मा रहे। कोलॉज मेकिंग में प्रथम स्थान दीप्ति ने हासिल किया। सुमन को दूसरा व प्रतिभा को तीसरा स्थान मिला। पोस्टर मेकिंग में रानी और पूजा प्रथम रही। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. आरपी सैनी व कैंप की संयोजक एवं एनएनएस अधिकारी डॉ. मीनाक्षी कुंडू ने मुख्य वक्ता डॉ. अनिल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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डीएवी पीजी कॉलेज में सात दिवसीय एनएसएस शिविर का तीसरा दिन
फोटो संख्या-29
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। डीएवी पीजी कॉलेज में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर के तीसरे दिन स्लोगन राइटिंग, कोलॉज मेकिंग व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इसमें नशा मुक्ति पर विद्यार्थियों ने पोस्टर बनाये व स्लोगन लिखकर नशे के विरोध मे रैली भी निकाली। कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता के रूप में समाजशास्त्र विषय के प्रवक्ता डॉ. अनिल ने शिरक्त की। मुख्य वक्ता का प्राचार्य डॉ. आरपी सैनी व कार्यक्रम की संयोजक डॉ. मिनाक्षी कुंडू ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।
प्राचार्य डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है। इसे खत्म करने के लिए हमें प्रयास करना चाहिए, ताकि नशा मुक्त समाज में युवाओं की भूमिका को और अधिक अवसर प्रदान किए जा सके। डॉ. सैनी ने कहा कि जब तक समाज मे नशे का प्रभाव रहेगा, तब तक युवाओं का जीवन खतरे में है। कैंप में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ. अनिल ने कहा कि नशे ने लाखों परिवारों को बर्बाद कर दिया है। जिसका सीधा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है।
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उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे का आदी हो जाता है तो वह दूसरों को भी अपने साथ मिला लेता है। इस तरह सभी इस लत में पड़ जाते हैं। इसका परिणाम आने वाली उनकी कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ता है। डॉ. अनिल ने कहा कि नशे को लेकर नशाखोर समाज में अपनी गहरी जडे़ जमाये बैठे हैं। हमें उन जड़ों को उखाड़ फेंकना होगा। कैंप में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्राचार्य व मुख्य वक्ता ने पुरस्कार वितरित किए। इसमें स्लोगन राइटिंग में प्रथम विशाल आर्य व द्वितीय प्रिंस शर्मा रहे। कोलॉज मेकिंग में प्रथम स्थान दीप्ति ने हासिल किया। सुमन को दूसरा व प्रतिभा को तीसरा स्थान मिला। पोस्टर मेकिंग में रानी और पूजा प्रथम रही। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. आरपी सैनी व कैंप की संयोजक एवं एनएनएस अधिकारी डॉ. मीनाक्षी कुंडू ने मुख्य वक्ता डॉ. अनिल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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