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एटीएम मशीन में पैसा डालते हुए किया 2 करोड़ का फ्रॉड, चार आरोपी गिरफ्तार, 6 लाख रुपये बरामद
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:14 PM IST
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एटीएम मशीन में पैसा डालते हुए किया 2 करोड़ का फ्रॉड, चार आरोपी गिरफ्तार, 6 लाख रुपये बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शहर के एटीएम मशीनों में कैश डालने वाली एक कंपनी के कर्मचारियों ने कैश मशीनों में डालने की बजाए करीब 2 करोड़ रुपये अपने पास रखकर कंपनी से धोखाधड़ी करने का मामला प्रकाश में आया है। कंपनी के कर्मचारियों का यह गिरोह पिछले एक साल से एटीएम मशीनों में गड़बड़ी करके पैसे की गड़बड़ी करते थे। मशीनों में पैसे को पूरा करने के लिए कंपनी का आरोपी इंजीनियर मंदीप इस पैसे को पूरा करने का काम करता था। पुलिस ने मामले में शामिल 4 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान आरोपियों ने कंपनी से 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने की वारदात कबूल की है। पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों के कब्जे से 6 लाख रुपये की राशि भी बरामद की है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह बैंक से कैश लेकर मशीन में कम रखते थे, जबकि उसके सिस्टम में पूरे फिगर पूरे भर देते थे। जब बैंक और कंपनी के बड़े अधिकारी ऑडिट के लिए आते थे, जिस रूट पर अधिकारी जाते थे उससे दूसरे रूट की सारी मशीनों का कैश निकालकर ऑडिट होने वाली मशीनों में डालकर उनका कैश पूरा कर देते थे। इससे उन पर किसी को शक नहीं होता था। आरोपी इस पैसे से बड़े-बड़े शहरों में जाकर जुआ खेलते थे और अपनी सभी ख्वाइशें पूरी करते थे। सिक्योर वेल्यू इंडिया लिमीटेड कंपनी के डिप्टी मैैनेजर संदीप कुमार ने सिविल लाइन पुलिस को शिकायत दी कि उनकी कंपनी का करीब एक दर्जन बैंकों के साथ टाइअप है कि वह बैंक से पैसा लेकर उनकी एटीएम मशीनों में रखेगी। उनकी कंपनी के आरोपी कर्मचारियों प्रवीन वासी न्यू मोती नगर, चरणजीत वासी रामनगर, मनदीप वासी निगदू मनीष वासी गांधी नगर, करनाल और अन्य ने करीब 1 करोड़ रुपया अपने पास रख लिया। जब यह मामला एसपी जेएस रंधावा के संज्ञान में आया तो उन्होंने सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहनलाल को मामला दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिए। थाना प्रभारी ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर एएसआई नरेन्द्र कुमार को मामले की जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी। जांच अधिकारी नरेंद्र कुमार ने 12 दिन बाद सूचना मिली की आरोपी सैदपुरा में एक फर्नीचर शोरूम पर मौजूद हैं, लेकिन जब वहां रेड की तो आस पास के लोगों ने बताया कि आरोपी पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस के पास किसी से मिलने की बात कर रहे थे, पुलिस ने छापेमारी कर 27 जुलाई को आरोपी प्रवीन, चरणजीत, मनदीप, मनीष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 28 जुलाई को आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया। रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने दिल्ली के एक होटल से 16 लाख रुपये बरामद किए। जबकि आरोपियों के दो अन्य आरोपी साथी कपिल वासी गली नंबर 9 गांधी नगर, करनाल और रविंद्र वासी कलसौरा, इंद्री फिलहाल फरार हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि वह जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। चारों आरोपियों को दोबारा से कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। ----सोम
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शहर के एटीएम मशीनों में कैश डालने वाली एक कंपनी के कर्मचारियों ने कैश मशीनों में डालने की बजाए करीब 2 करोड़ रुपये अपने पास रखकर कंपनी से धोखाधड़ी करने का मामला प्रकाश में आया है। कंपनी के कर्मचारियों का यह गिरोह पिछले एक साल से एटीएम मशीनों में गड़बड़ी करके पैसे की गड़बड़ी करते थे। मशीनों में पैसे को पूरा करने के लिए कंपनी का आरोपी इंजीनियर मंदीप इस पैसे को पूरा करने का काम करता था। पुलिस ने मामले में शामिल 4 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान आरोपियों ने कंपनी से 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने की वारदात कबूल की है। पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों के कब्जे से 6 लाख रुपये की राशि भी बरामद की है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह बैंक से कैश लेकर मशीन में कम रखते थे, जबकि उसके सिस्टम में पूरे फिगर पूरे भर देते थे। जब बैंक और कंपनी के बड़े अधिकारी ऑडिट के लिए आते थे, जिस रूट पर अधिकारी जाते थे उससे दूसरे रूट की सारी मशीनों का कैश निकालकर ऑडिट होने वाली मशीनों में डालकर उनका कैश पूरा कर देते थे। इससे उन पर किसी को शक नहीं होता था। आरोपी इस पैसे से बड़े-बड़े शहरों में जाकर जुआ खेलते थे और अपनी सभी ख्वाइशें पूरी करते थे। सिक्योर वेल्यू इंडिया लिमीटेड कंपनी के डिप्टी मैैनेजर संदीप कुमार ने सिविल लाइन पुलिस को शिकायत दी कि उनकी कंपनी का करीब एक दर्जन बैंकों के साथ टाइअप है कि वह बैंक से पैसा लेकर उनकी एटीएम मशीनों में रखेगी। उनकी कंपनी के आरोपी कर्मचारियों प्रवीन वासी न्यू मोती नगर, चरणजीत वासी रामनगर, मनदीप वासी निगदू मनीष वासी गांधी नगर, करनाल और अन्य ने करीब 1 करोड़ रुपया अपने पास रख लिया। जब यह मामला एसपी जेएस रंधावा के संज्ञान में आया तो उन्होंने सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहनलाल को मामला दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिए। थाना प्रभारी ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर एएसआई नरेन्द्र कुमार को मामले की जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी। जांच अधिकारी नरेंद्र कुमार ने 12 दिन बाद सूचना मिली की आरोपी सैदपुरा में एक फर्नीचर शोरूम पर मौजूद हैं, लेकिन जब वहां रेड की तो आस पास के लोगों ने बताया कि आरोपी पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस के पास किसी से मिलने की बात कर रहे थे, पुलिस ने छापेमारी कर 27 जुलाई को आरोपी प्रवीन, चरणजीत, मनदीप, मनीष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 28 जुलाई को आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया। रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने दिल्ली के एक होटल से 16 लाख रुपये बरामद किए। जबकि आरोपियों के दो अन्य आरोपी साथी कपिल वासी गली नंबर 9 गांधी नगर, करनाल और रविंद्र वासी कलसौरा, इंद्री फिलहाल फरार हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि वह जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। चारों आरोपियों को दोबारा से कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। ----सोम