{"_id":"5c6da5e4bdec224db85273d1","slug":"201550689764-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रम विभाग से पंजीकरण रद्द होने के विरोध में गरजी सैकड़ों महिलाएं, किया सीएम कैंप आफिस का घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रम विभाग से पंजीकरण रद्द होने के विरोध में गरजी सैकड़ों महिलाएं, किया सीएम कैंप आफिस का घेराव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। श्रम विभाग द्वारा प्रदेशभर से 4.5 लाख श्रमिकों का पंजीकरण रद्द करने के विरोध में बुधवार को सैकड़ों की संख्या में श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। इस दौरान सीएम कैंप ऑफिस का घेराव करके सरकार को आंदोलन के लिए चेताया गया। सीएम के नाम भेजे अपने ज्ञापन में श्रमिकों ने चेताया कि अगर जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वे प्रदेशभर के श्रम विभाग के कार्यालयों का घेराव करेंगे।
इससे पहले, सुबह ही सेक्टर 12 स्थित हुडा ग्राउंड में सैकड़ों की संख्या में श्रमिक एकजुट हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए श्रमिक जुलूस के रूप में सीएम कैंप आफिस पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भवन एवं सनिर्माण कामगर संघ के प्रदेश प्रधान सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रदेशभर में नवंबर 2017 से अब तक ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से लाखों श्रमिकों ने पंजीकरण करवाया था। श्रम विभाग के अधिकारियों ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए चार लाख 50 हजार श्रमिकों का पंजीकरण रद्द करने का ऐलान कर दिया।
पंजीकरण रद्द करने का कोई कारण भी नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि जिन पंजीकरणों के दस्तावेज पूर्ण हैं और विभाग में फीस जमा हो चुकी है, उनको दोबारा प्रोसेस में लाकर उनकी ऑफलाइन पंजीकरण कॉपी बनाई जाए। जिन श्रमिकों के दस्तावेज पूर्ण नहीं हैं, उन श्रमिकों के पते पर त्रुटियों बारे पत्राचार के माध्यम से विभाग संपर्क करे। भवन एवं अन्य सन्निमार्ण कर्मकार कलयाण बोर्ड से संबंधित अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय जिले अनुसार पृथक रूप से स्थापित किए जाएं। श्रम विभाग की वेबसाइट जब तक सुचारू रूप से तैयार नहीं हो जाती तब तक पंजीकरण व लाभ ऑफलाइन दिया जाए। जंग बहादुर यादव व सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि मजदूरों द्वारा किए गए 90 दिनों के कार्य को वेरीफाई करने की अथॉरिटी सात सेंटरलाइज यूनियनों को दी हुई थी मगर वह अथॉरिटी सरकार द्वारा बंद कर दी गई। कार्यों को वेरीफाई करने के लिए अथॉरिटी तुरंत लागू की जाए।
विज्ञापन
इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष वेदप्रकाश सैनी, पूनम ठाकुर, गीता, सुमन, रेखा, संजू, सुदेश, जसबीर सिंह, विष्णु यादव, रेनू, हीरा ठाकुर, विनोद खेड़ा व ईश्वर सिंह ने भी श्रमिकों को संबोधित किया।
विज्ञापन
करनाल। श्रम विभाग द्वारा प्रदेशभर से 4.5 लाख श्रमिकों का पंजीकरण रद्द करने के विरोध में बुधवार को सैकड़ों की संख्या में श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। इस दौरान सीएम कैंप ऑफिस का घेराव करके सरकार को आंदोलन के लिए चेताया गया। सीएम के नाम भेजे अपने ज्ञापन में श्रमिकों ने चेताया कि अगर जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वे प्रदेशभर के श्रम विभाग के कार्यालयों का घेराव करेंगे।
इससे पहले, सुबह ही सेक्टर 12 स्थित हुडा ग्राउंड में सैकड़ों की संख्या में श्रमिक एकजुट हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए श्रमिक जुलूस के रूप में सीएम कैंप आफिस पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भवन एवं सनिर्माण कामगर संघ के प्रदेश प्रधान सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रदेशभर में नवंबर 2017 से अब तक ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से लाखों श्रमिकों ने पंजीकरण करवाया था। श्रम विभाग के अधिकारियों ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए चार लाख 50 हजार श्रमिकों का पंजीकरण रद्द करने का ऐलान कर दिया।
विज्ञापन
पंजीकरण रद्द करने का कोई कारण भी नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि जिन पंजीकरणों के दस्तावेज पूर्ण हैं और विभाग में फीस जमा हो चुकी है, उनको दोबारा प्रोसेस में लाकर उनकी ऑफलाइन पंजीकरण कॉपी बनाई जाए। जिन श्रमिकों के दस्तावेज पूर्ण नहीं हैं, उन श्रमिकों के पते पर त्रुटियों बारे पत्राचार के माध्यम से विभाग संपर्क करे। भवन एवं अन्य सन्निमार्ण कर्मकार कलयाण बोर्ड से संबंधित अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय जिले अनुसार पृथक रूप से स्थापित किए जाएं। श्रम विभाग की वेबसाइट जब तक सुचारू रूप से तैयार नहीं हो जाती तब तक पंजीकरण व लाभ ऑफलाइन दिया जाए। जंग बहादुर यादव व सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि मजदूरों द्वारा किए गए 90 दिनों के कार्य को वेरीफाई करने की अथॉरिटी सात सेंटरलाइज यूनियनों को दी हुई थी मगर वह अथॉरिटी सरकार द्वारा बंद कर दी गई। कार्यों को वेरीफाई करने के लिए अथॉरिटी तुरंत लागू की जाए।
विज्ञापन
इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष वेदप्रकाश सैनी, पूनम ठाकुर, गीता, सुमन, रेखा, संजू, सुदेश, जसबीर सिंह, विष्णु यादव, रेनू, हीरा ठाकुर, विनोद खेड़ा व ईश्वर सिंह ने भी श्रमिकों को संबोधित किया।