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सीएम सिटी में भरी कंप्यूटर शिक्षकों व सहायकों ने हुंकार, 27 तक का अल्टीमेटम, नहीं लड़ाई होगी आर-पार
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:06 AM IST
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सीएम सिटी में कंप्यूटर शिक्षक और लैब सहायकों का प्रदर्शन, एक सप्ताह का अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
प्रदेशभर से आए सैकड़ों कंप्यूटर शिक्षक और कंप्यूटर लैब सहायकों ने स्थायी रोजगार की मांग पर मंगलवार को सीएम सिटी में हुंकार भरी। कर्ण पार्क से जुलूस के रूप में सीएम कैंप ऑफिस का घेराव करने को निकले अध्यापकों को पुलिस ने पहले ही एनडीआरआई रोड पर रोक लिया। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और सड़क पर जमा हो गए। करीब एक घंटे तक सड़क जाम रही। इस दौरान आगे बढ़ने को लेकर पुलिस और शिक्षकों में हल्की झड़प भी हुई और पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोका। इसके बाद ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने मौके पर आकर आश्वासन दिया कि वे तीन दिन में सीएम से उनकी मुलाकात कराएंगे। इस पर अध्यापकों ने सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इसके बाद 27 से वे आरपार की लड़ाई लडे़ंगे।
मंगलवार सुबह सैकड़ों की संख्या में शिक्षक और लैब सहायक कर्ण पार्क में एकत्रित हुए। यहां कंप्यूटर लैब अटेंडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र प्यौंत ने कंप्यूटर शिक्षकों और लैब सहायकों को संबोधित करते हुए कहा कि 31 दिसंबर को प्रदेश के 52 सौ कर्मचारियों की नौकरी का अनुबंध समाप्त हो रहा है। इसके बाद वह फिर से बेरोजगार हो जाएंगे। इसके बाद कंप्यूटर शिक्षक सैकड़ों की संख्या में सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए सीएम कैंप हाउस की तरफ चल दिए। सीएम कैंप हाउस से पहले पुलिस ने बैरिकेट लगाकर कर्मचारियों को रोक लिया। इससे कर्मचारियों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया। कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
नायब तहसीलदार राजबख्श कर्मचारियों के बीच पहुंचे। इसके बाद कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की ओएसडी अमरेंद्र सिंह से मुलाकात करवाई। ओएसडी ने कर्मचारियों को तीन दिन तक सीएम मनोहर लाल से मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया। कर्मचारी नेताओं ने ओएसडी से सभी कर्मचारियों के बीच आकर आश्वासन देने की बात कही। ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर सीएम मनोहर लाल से मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक सप्ताह में सीएम से बैठक नहीं करवाई और उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो 27 दिसंबर को पंचकूला में कर्मचारी आरपार की लड़ाई का ऐलान कर देंगे।
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डेढ़ घंटे तक सड़क रही बंद, यातायात रहा प्रभावित
कंप्यूटर लैब सहायक और शिक्षक सुबह से ही कर्ण पार्क में इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। प्रदेशभर से आए कर्मचारी इकट्ठा होने के बाद कर्ण पार्क से सीएम कैंप में ओएसडी अमरेंद्र सिंह से मुलाकात करने के लिए चल दिए। कर्मचारी अग्रसेन चौक से होते हुए सीएम कैंप हाउस पहुंचे। इससे पहले पुलिस ने सड़क के बीचों बीच बैरिकेट लगा दिए और कर्मचारियों को रोक लिया। बैरिकेट के कारण करीब डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रहा। आईटीआई चौक की तरफ जाने वाले वाहनों को या तो बलड़ी बाइपास की तरफ से होकर गुजरना पड़ा या फिर सेक्टर 12 चौक से जीटी रोड होते हुए वाहन आईटीआई पहुंचे। इससे यातायात काफी प्रभावित रहा और वाहन चालकों को लोगों को काफी पेरशानी हुई।
ओएसडी ने बोलना शुरू किया तो ऑन कर लिये मोबाइल
सड़क पर बैठे हजारों शिक्षकों के बीच सीएम से मिलवाने का आश्वासन देने के लिए जैसे ही ओएसडी अमरेंद्र सिंह बोलने लगे तो शिक्षकों ने अपने मोबाइल ऑन कर लिए और ओएसडी का पूरा संबोधन शिक्षकों ने कैमरे में कैद दिया। इस पर जब शिक्षकों से पूछा गया तो वे बोले कि अक्सर अधिकारी, नेता धरना व प्रदर्शन समाप्त कराने को लेकर झूठे आश्वासन दे देते हैं। इसलिए बाद में कम से कम हम रिकार्ड तो रखेंगे और दोबारा करनाल में धरना देंगे तो ओएसडी को उनके शब्द तो याद दिलाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
प्रदेशभर से आए सैकड़ों कंप्यूटर शिक्षक और कंप्यूटर लैब सहायकों ने स्थायी रोजगार की मांग पर मंगलवार को सीएम सिटी में हुंकार भरी। कर्ण पार्क से जुलूस के रूप में सीएम कैंप ऑफिस का घेराव करने को निकले अध्यापकों को पुलिस ने पहले ही एनडीआरआई रोड पर रोक लिया। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और सड़क पर जमा हो गए। करीब एक घंटे तक सड़क जाम रही। इस दौरान आगे बढ़ने को लेकर पुलिस और शिक्षकों में हल्की झड़प भी हुई और पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोका। इसके बाद ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने मौके पर आकर आश्वासन दिया कि वे तीन दिन में सीएम से उनकी मुलाकात कराएंगे। इस पर अध्यापकों ने सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इसके बाद 27 से वे आरपार की लड़ाई लडे़ंगे।
मंगलवार सुबह सैकड़ों की संख्या में शिक्षक और लैब सहायक कर्ण पार्क में एकत्रित हुए। यहां कंप्यूटर लैब अटेंडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र प्यौंत ने कंप्यूटर शिक्षकों और लैब सहायकों को संबोधित करते हुए कहा कि 31 दिसंबर को प्रदेश के 52 सौ कर्मचारियों की नौकरी का अनुबंध समाप्त हो रहा है। इसके बाद वह फिर से बेरोजगार हो जाएंगे। इसके बाद कंप्यूटर शिक्षक सैकड़ों की संख्या में सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए सीएम कैंप हाउस की तरफ चल दिए। सीएम कैंप हाउस से पहले पुलिस ने बैरिकेट लगाकर कर्मचारियों को रोक लिया। इससे कर्मचारियों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया। कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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नायब तहसीलदार राजबख्श कर्मचारियों के बीच पहुंचे। इसके बाद कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की ओएसडी अमरेंद्र सिंह से मुलाकात करवाई। ओएसडी ने कर्मचारियों को तीन दिन तक सीएम मनोहर लाल से मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया। कर्मचारी नेताओं ने ओएसडी से सभी कर्मचारियों के बीच आकर आश्वासन देने की बात कही। ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर सीएम मनोहर लाल से मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक सप्ताह में सीएम से बैठक नहीं करवाई और उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो 27 दिसंबर को पंचकूला में कर्मचारी आरपार की लड़ाई का ऐलान कर देंगे।
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डेढ़ घंटे तक सड़क रही बंद, यातायात रहा प्रभावित
कंप्यूटर लैब सहायक और शिक्षक सुबह से ही कर्ण पार्क में इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। प्रदेशभर से आए कर्मचारी इकट्ठा होने के बाद कर्ण पार्क से सीएम कैंप में ओएसडी अमरेंद्र सिंह से मुलाकात करने के लिए चल दिए। कर्मचारी अग्रसेन चौक से होते हुए सीएम कैंप हाउस पहुंचे। इससे पहले पुलिस ने सड़क के बीचों बीच बैरिकेट लगा दिए और कर्मचारियों को रोक लिया। बैरिकेट के कारण करीब डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रहा। आईटीआई चौक की तरफ जाने वाले वाहनों को या तो बलड़ी बाइपास की तरफ से होकर गुजरना पड़ा या फिर सेक्टर 12 चौक से जीटी रोड होते हुए वाहन आईटीआई पहुंचे। इससे यातायात काफी प्रभावित रहा और वाहन चालकों को लोगों को काफी पेरशानी हुई।
ओएसडी ने बोलना शुरू किया तो ऑन कर लिये मोबाइल
सड़क पर बैठे हजारों शिक्षकों के बीच सीएम से मिलवाने का आश्वासन देने के लिए जैसे ही ओएसडी अमरेंद्र सिंह बोलने लगे तो शिक्षकों ने अपने मोबाइल ऑन कर लिए और ओएसडी का पूरा संबोधन शिक्षकों ने कैमरे में कैद दिया। इस पर जब शिक्षकों से पूछा गया तो वे बोले कि अक्सर अधिकारी, नेता धरना व प्रदर्शन समाप्त कराने को लेकर झूठे आश्वासन दे देते हैं। इसलिए बाद में कम से कम हम रिकार्ड तो रखेंगे और दोबारा करनाल में धरना देंगे तो ओएसडी को उनके शब्द तो याद दिलाएंगे।